बड़वानी में मुहर्रम पर निकला 50 ताजियों का जुलूस:कलाकारी देखने पहुंचे दूसरे राज्यों के लोग, पुलिस बल रहा तैनात
बड़वानी में मोहर्रम का पर्व श्रद्धा और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। शहर में निकले ताजियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ताजियों की कलाकारी देखने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक शहर में ताजियों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। मोहर्रम के दौरान सभी समुदायों के लोगों ने ताजियों के दर्शन किए। हिंदू समाज के लोगों ने भी ताजियों पर लोभान और शिरनी चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए कोल्ड ड्रिंक्स और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई। अधिवक्ता बोले-देश-विदेश तक है ताजियों की पहचान समाज के वरिष्ठ अधिवक्ता नदीम शेख ने बताया कि बड़वानी के ताजिए अपनी कलाकारी के लिए देश ही नहीं, विदेशों में भी पहचाने जाते हैं। इटली, जापान, ऑस्ट्रेलिया और तुर्की जैसे देशों में रहने वाले लोग भी वीडियो कॉल के माध्यम से इन ताजियों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में ताजिए बनाने के काम में हिंदू समाज के लोग भी सहयोग करते हैं, जो आपसी सौहार्द का उदाहरण है। असरफ मंसूरी ने बताया कि इस वर्ष 1 से 10 नंबर तक के ताजियों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। सभी चयनित ताजियों को शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। समाजसेवी अनीस कुरैशी ने कहा कि बड़वानी हमेशा से आपसी भाईचारे और शांति का संदेश देने वाला शहर रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा मोहर्रम के अवसर पर नगर पालिका ने पूरे शहर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की। वहीं थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। लगातार गश्त और फ्लैग मार्च निकाला गया, जबकि ड्रोन से भी निगरानी और वीडियोग्राफी की गई। थाना प्रभारी के अनुसार, इस बार बड़वानी शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 50 ताजिए बनाए गए थे।
बड़वानी में मोहर्रम का पर्व श्रद्धा और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। शहर में निकले ताजियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ताजियों की कलाकारी देखने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक शहर में ताजियों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। मोहर्रम के दौरान सभी समुदायों के लोगों ने ताजियों के दर्शन किए। हिंदू समाज के लोगों ने भी ताजियों पर लोभान और शिरनी चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए कोल्ड ड्रिंक्स और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई। अधिवक्ता बोले-देश-विदेश तक है ताजियों की पहचान समाज के वरिष्ठ अधिवक्ता नदीम शेख ने बताया कि बड़वानी के ताजिए अपनी कलाकारी के लिए देश ही नहीं, विदेशों में भी पहचाने जाते हैं। इटली, जापान, ऑस्ट्रेलिया और तुर्की जैसे देशों में रहने वाले लोग भी वीडियो कॉल के माध्यम से इन ताजियों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में ताजिए बनाने के काम में हिंदू समाज के लोग भी सहयोग करते हैं, जो आपसी सौहार्द का उदाहरण है। असरफ मंसूरी ने बताया कि इस वर्ष 1 से 10 नंबर तक के ताजियों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। सभी चयनित ताजियों को शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। समाजसेवी अनीस कुरैशी ने कहा कि बड़वानी हमेशा से आपसी भाईचारे और शांति का संदेश देने वाला शहर रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा मोहर्रम के अवसर पर नगर पालिका ने पूरे शहर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की। वहीं थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। लगातार गश्त और फ्लैग मार्च निकाला गया, जबकि ड्रोन से भी निगरानी और वीडियोग्राफी की गई। थाना प्रभारी के अनुसार, इस बार बड़वानी शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 50 ताजिए बनाए गए थे।