₹200 का नकली नोट चलाने रेस्टोरेंट पहुंचा था युवक:शराब दुकान पर हुई थी पहचान, साथी से 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन जब्त
इंदौर में ₹200 का नकली नोट चलाने एक युवक रेस्टोरेंट पहुंचा, लेकिन संचालक की सतर्कता से पकड़ा गया। पूछताछ में उसके साथी का नाम सामने आया, जिसके पास से ₹40 हजार के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई। आरोपी को इससे पहले दो बार एसटीएफ भी नकली नोट के मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है। गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल यादव के मुताबिक, 25 जून को राजनगर निवासी यशवंत यादव अपने सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नामक युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए ₹200 का नोट दिया। नोट संदिग्ध लगने पर संचालक और कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने संजय नाम के युवक का नाम बताया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। शराब दुकान पर हुई थी पहचान प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दीपक और संजय की पहचान एक शराब दुकान पर हुई थी, जहां दोनों सेल्समैन के रूप में काम करते थे। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक दोस्त ऐसे नोट तैयार करता है, जो बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं। बाद में दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया, जबकि संजय इंदौर आ गया। कुछ समय बाद दीपक ने संजय से संपर्क किया तो उसने खुद को काफी पैसे वाला बताते हुए नकली नोटों का धंधा करने की जानकारी दी और उसे इंदौर बुला लिया। एक हजार देने पर चार हजार के नकली नोट दोनों के बीच सौदा तय हुआ कि ₹1 हजार देने पर ₹4 हजार के नकली नोट दिए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक दीपक ने पहली बार ही संजय से नकली नोट लिए थे और उन्हें चलाने की कोशिश में पकड़ा गया। रवि भी संजय के साथ ही रहता था। संजय के खिलाफ पहले से एसटीएफ थाने में नकली नोटों से जुड़े दो प्रकरण दर्ज हैं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर की सिंगापुर टाउनशिप में नकली नोट की फैक्ट्री इंदौर में 200 रुपए का नकली नोट चलाने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद मामले के मास्टर माइंड और उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।पूरी खबर पढ़ें
इंदौर में ₹200 का नकली नोट चलाने एक युवक रेस्टोरेंट पहुंचा, लेकिन संचालक की सतर्कता से पकड़ा गया। पूछताछ में उसके साथी का नाम सामने आया, जिसके पास से ₹40 हजार के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई। आरोपी को इससे पहले दो बार एसटीएफ भी नकली नोट के मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है। गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल यादव के मुताबिक, 25 जून को राजनगर निवासी यशवंत यादव अपने सांवरिया रेस्टोरेंट पर मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नामक युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए ₹200 का नोट दिया। नोट संदिग्ध लगने पर संचालक और कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने संजय नाम के युवक का नाम बताया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। शराब दुकान पर हुई थी पहचान प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दीपक और संजय की पहचान एक शराब दुकान पर हुई थी, जहां दोनों सेल्समैन के रूप में काम करते थे। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक दोस्त ऐसे नोट तैयार करता है, जो बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं। बाद में दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया, जबकि संजय इंदौर आ गया। कुछ समय बाद दीपक ने संजय से संपर्क किया तो उसने खुद को काफी पैसे वाला बताते हुए नकली नोटों का धंधा करने की जानकारी दी और उसे इंदौर बुला लिया। एक हजार देने पर चार हजार के नकली नोट दोनों के बीच सौदा तय हुआ कि ₹1 हजार देने पर ₹4 हजार के नकली नोट दिए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक दीपक ने पहली बार ही संजय से नकली नोट लिए थे और उन्हें चलाने की कोशिश में पकड़ा गया। रवि भी संजय के साथ ही रहता था। संजय के खिलाफ पहले से एसटीएफ थाने में नकली नोटों से जुड़े दो प्रकरण दर्ज हैं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर की सिंगापुर टाउनशिप में नकली नोट की फैक्ट्री इंदौर में 200 रुपए का नकली नोट चलाने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता से आरोपी मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद मामले के मास्टर माइंड और उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।पूरी खबर पढ़ें