राम मंदिर चंदा मामले में ट्रस्ट भंग करने की मांग:MP के पूर्व मंत्री बोले- भगवान के नाम पर हुई लूट, प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए

अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता मामले को लेकर कांग्रेस देशभर में प्रेस कांफ्रेंस कर रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने रायपुर के राजीव भवन में पीसी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया और चंदे में हुई कथित गड़बड़ियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भाजपा और संघ के नेताओं ने भगवान राम के नाम पर लोगों की आस्था का दुरुपयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि "इन्होंने भगवान तक को नहीं छोड़ा। राम को भाजपा का बताने की कोशिश की गई और राम मंदिर निर्माण का पूरा श्रेय भी भाजपा ने अपने नाम कर लिया।" '113 करोड़ रुपए खर्च हुए, कार्यक्रम राजनीतिक बन गया' कांग्रेस ने दावा किया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर 113 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जबकि ध्वजारोहण कार्यक्रम में 10 से 12 करोड़ रुपए खर्च हुए। पार्टी का आरोप है कि यह जनता का पैसा है और पूरे आयोजन को एक राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान केवल एक ही मूर्ति की स्थापना की गई और उस समय ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विष्णु का अवतार बताया था। 'SIT जांच के बाद कई सवाल खड़े हुए' कांग्रेस ने कहा कि एसआईटी जांच के बाद कई तथ्य सामने आ रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि राम मंदिर ट्रस्ट में जिन लोगों पर पहले आरोप लगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें फिर से जिम्मेदारियां दे दी गईं। उन्होंने कहा कि जांच में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और अन्य व्यवस्थाओं में भी कई कमियां सामने आई हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सार्वजनिक रूप से बयान दे रहे हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने उठाए तीन बड़े सवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट से तीन सवाल पूछे ट्रस्ट भंग करने की मांग कांग्रेस ने मांग की कि वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि “भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हो सकते। वे सबके हैं और कण-कण में विराजमान हैं।”

Jul 11, 2026 - 19:40
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राम मंदिर चंदा मामले में ट्रस्ट भंग करने की मांग:MP के पूर्व मंत्री बोले- भगवान के नाम पर हुई लूट, प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता मामले को लेकर कांग्रेस देशभर में प्रेस कांफ्रेंस कर रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने रायपुर के राजीव भवन में पीसी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया और चंदे में हुई कथित गड़बड़ियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भाजपा और संघ के नेताओं ने भगवान राम के नाम पर लोगों की आस्था का दुरुपयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि "इन्होंने भगवान तक को नहीं छोड़ा। राम को भाजपा का बताने की कोशिश की गई और राम मंदिर निर्माण का पूरा श्रेय भी भाजपा ने अपने नाम कर लिया।" '113 करोड़ रुपए खर्च हुए, कार्यक्रम राजनीतिक बन गया' कांग्रेस ने दावा किया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर 113 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जबकि ध्वजारोहण कार्यक्रम में 10 से 12 करोड़ रुपए खर्च हुए। पार्टी का आरोप है कि यह जनता का पैसा है और पूरे आयोजन को एक राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान केवल एक ही मूर्ति की स्थापना की गई और उस समय ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विष्णु का अवतार बताया था। 'SIT जांच के बाद कई सवाल खड़े हुए' कांग्रेस ने कहा कि एसआईटी जांच के बाद कई तथ्य सामने आ रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि राम मंदिर ट्रस्ट में जिन लोगों पर पहले आरोप लगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा उन्हें फिर से जिम्मेदारियां दे दी गईं। उन्होंने कहा कि जांच में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और अन्य व्यवस्थाओं में भी कई कमियां सामने आई हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सार्वजनिक रूप से बयान दे रहे हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने उठाए तीन बड़े सवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट से तीन सवाल पूछे ट्रस्ट भंग करने की मांग कांग्रेस ने मांग की कि वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि “भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हो सकते। वे सबके हैं और कण-कण में विराजमान हैं।”