60-70 हजार की नौकरी छोड़ MR बना चोर:दुर्ग में 8 सूने मकानों को बनाया निशाना, ऑनलाइन कर्ज में था, 32 लाख का माल बरामद

दुर्ग पुलिस ने सूने मकानों में लगातार हो रही चोरियों का खुलासा करते हुए एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह का मुख्य आरोपी कभी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये तक कमाता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन लोन एप्स से लिए गए कर्ज और बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण वह अपराध की दुनिया में उतर गया। 32 लाख रुपये का चोरी का सामान जब्त मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में हुई आठ चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 32 लाख रुपये का चोरी का सामान, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार, दो चारपहिया और एक दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं। नाकेबंदी में फंसा आरोपी, कार से मिले चोरी के सामान दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि पिछले कुछ समय से मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में सूने मकानों में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज की जांच, संदिग्ध वाहनों की निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। घेराबंदी कर कार रोका गय 10 जुलाई 2026 की रात नियमित नाकेबंदी के दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध हालत में आती दिखाई दी। पुलिस ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने कार तेज गति से भगाने की कोशिश की। घेराबंदी कर वाहन को रोका गया। कार की तलाशी लेने पर दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर जैसे औजार बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के बाद उसने चोरी की कई वारदातें कबूल कर लीं। ऑनलाइन लोन ने बदली जिंदगी, अपराध की राह पर चला मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41) ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम कर रहा था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये तक की आय होती थी। बाद में उसने कई ऑनलाइन लोन एप्लीकेशन से ऋण लिया। बढ़ते ब्याज और लगातार आर्थिक दबाव के कारण वह कर्ज के जाल में फंस गया। इसी दौरान उसने सूने मकानों में चोरी करने की योजना बनाई। हालांकि पुलिस आरोपी के इस दावे की भी जांच कर रही है कि आर्थिक तंगी ही अपराध की मुख्य वजह थी। पहले करता था रेकी, फिर रात में तोड़ता था ताले जांच में सामने आया कि आरोपी पहले कॉलोनियों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करता था, जहां परिवार बाहर गया हो या घर लंबे समय से बंद हो। पूरी जानकारी लेने के बाद वह रात में सब्बल और अन्य औजारों से ताला या दरवाजा तोड़कर घर में घुसता था। इसके बाद सोने-चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य कीमती वस्तुएं चोरी कर फरार हो जाता था। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव रहने के कारण उसे कई कॉलोनियों और आवासीय इलाकों की अच्छी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर वह लोगों और पुलिस की नजर से बचता रहा। जेवर बेचे नहीं, फाइनेंस कंपनियों में रख दिए गिरवी चोरी के बाद आरोपी ने जेवर सीधे बाजार में बेचने के बजाय अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रख दिए, ताकि चोरी का शक न हो। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल फाइनेंस, बजाज गोल्ड फाइनेंस और कुम्हारी स्थित मुथूट फाइनेंस शाखा से गिरवी रखे गए सोने के आभूषण बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी से मिली रकम का कुछ हिस्सा आरोपी ने अपने साथी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया था। आठ चोरी की वारदातें कबूलीं पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के आठ मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें साकेत कॉलोनी, मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर, जगदीश विहार धनोरा सहित कई इलाकों में हुई चोरी और चोरी के प्रयास की घटनाएं शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का अन्य जिलों में हुई चोरी की घटनाओं से कोई संबंध तो नहीं है। 32 लाख का मशरूका बरामद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के आभूषण, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में प्रयुक्त सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर बरामद किए हैं। इसके अलावा एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी भी जब्त की गई है। बरामद मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपये आंकी गई है। दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41), निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल तथा उसके सहयोगी तुषार मिश्रा (40), निवासी कैलाश नगर, भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। आरोपियों से अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों और संभावित सहयोगियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

Jul 11, 2026 - 19:40
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60-70 हजार की नौकरी छोड़ MR बना चोर:दुर्ग में 8 सूने मकानों को बनाया निशाना, ऑनलाइन कर्ज में था, 32 लाख का माल बरामद
दुर्ग पुलिस ने सूने मकानों में लगातार हो रही चोरियों का खुलासा करते हुए एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह का मुख्य आरोपी कभी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये तक कमाता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन लोन एप्स से लिए गए कर्ज और बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण वह अपराध की दुनिया में उतर गया। 32 लाख रुपये का चोरी का सामान जब्त मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में हुई आठ चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 32 लाख रुपये का चोरी का सामान, चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार, दो चारपहिया और एक दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं। नाकेबंदी में फंसा आरोपी, कार से मिले चोरी के सामान दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि पिछले कुछ समय से मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में सूने मकानों में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज की जांच, संदिग्ध वाहनों की निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। घेराबंदी कर कार रोका गय 10 जुलाई 2026 की रात नियमित नाकेबंदी के दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध हालत में आती दिखाई दी। पुलिस ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने कार तेज गति से भगाने की कोशिश की। घेराबंदी कर वाहन को रोका गया। कार की तलाशी लेने पर दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर जैसे औजार बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के बाद उसने चोरी की कई वारदातें कबूल कर लीं। ऑनलाइन लोन ने बदली जिंदगी, अपराध की राह पर चला मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41) ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम कर रहा था और हर महीने 60 से 70 हजार रुपये तक की आय होती थी। बाद में उसने कई ऑनलाइन लोन एप्लीकेशन से ऋण लिया। बढ़ते ब्याज और लगातार आर्थिक दबाव के कारण वह कर्ज के जाल में फंस गया। इसी दौरान उसने सूने मकानों में चोरी करने की योजना बनाई। हालांकि पुलिस आरोपी के इस दावे की भी जांच कर रही है कि आर्थिक तंगी ही अपराध की मुख्य वजह थी। पहले करता था रेकी, फिर रात में तोड़ता था ताले जांच में सामने आया कि आरोपी पहले कॉलोनियों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करता था, जहां परिवार बाहर गया हो या घर लंबे समय से बंद हो। पूरी जानकारी लेने के बाद वह रात में सब्बल और अन्य औजारों से ताला या दरवाजा तोड़कर घर में घुसता था। इसके बाद सोने-चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य कीमती वस्तुएं चोरी कर फरार हो जाता था। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव रहने के कारण उसे कई कॉलोनियों और आवासीय इलाकों की अच्छी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर वह लोगों और पुलिस की नजर से बचता रहा। जेवर बेचे नहीं, फाइनेंस कंपनियों में रख दिए गिरवी चोरी के बाद आरोपी ने जेवर सीधे बाजार में बेचने के बजाय अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रख दिए, ताकि चोरी का शक न हो। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत मुथूट फाइनेंस, आईआईएफएल फाइनेंस, बजाज गोल्ड फाइनेंस और कुम्हारी स्थित मुथूट फाइनेंस शाखा से गिरवी रखे गए सोने के आभूषण बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी से मिली रकम का कुछ हिस्सा आरोपी ने अपने साथी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया था। आठ चोरी की वारदातें कबूलीं पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के आठ मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें साकेत कॉलोनी, मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर, जगदीश विहार धनोरा सहित कई इलाकों में हुई चोरी और चोरी के प्रयास की घटनाएं शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का अन्य जिलों में हुई चोरी की घटनाओं से कोई संबंध तो नहीं है। 32 लाख का मशरूका बरामद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 168 ग्राम सोने के आभूषण, 150 ग्राम चांदी के आभूषण, दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, चोरी में प्रयुक्त सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर बरामद किए हैं। इसके अलावा एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट और एक एक्सेस स्कूटी भी जब्त की गई है। बरामद मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपये आंकी गई है। दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41), निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल तथा उसके सहयोगी तुषार मिश्रा (40), निवासी कैलाश नगर, भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। आरोपियों से अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों और संभावित सहयोगियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।