कटनी में ड्राइवरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन,:RTO की शिकायत; बोले- चैकिंग के नाम पर परेशान करते हैं

कटनी में मंगलवार को जिलेभर के वाहन चालक अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। आरसीएस ड्राइवर सेवा एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित चालकों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया और जिला परिवहन अधिकारी (DTO/RTO) के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि हाईवे और बॉर्डर पर चेकिंग के नाम पर आरटीओ द्वारा मनमानी की जा रही है। चालकों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ड्राइवरों ने इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की। चालकों ने यह भी मांग की कि जिले का कोई भी मोटर मालिक, ट्रांसपोर्टर या कंपनी किसी ड्राइवर को काम पर रखने से पहले उसे अनिवार्य रूप से लिखित नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) दे। इस पत्र में वेतन, ड्यूटी के घंटे, शर्तें और दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर मालिक या बीमा कंपनी द्वारा तत्काल इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं, असमय मृत्यु की स्थिति में पीड़ित परिवार को ₹20 लाख के मुआवजे के प्रावधान हेतु शासन स्तर पर नीति बनाने की मांग की गई। आर्थिक पारदर्शिता के लिए ड्राइवरों ने मांग की कि उनका वेतन हर महीने सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए, ताकि नकदी लेन-देन में होने वाले शोषण को रोका जा सके। इसके अलावा, चालकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा और कल्याण के लिए राज्य स्तर पर सारथी आयोग के गठन की मांग उठाई गई। साथ ही, समाज में ड्राइवरों के योगदान को सम्मान देने के लिए 17 सितंबर को 'ड्राइवर दिवस' घोषित करने का आग्रह किया गया।

Sep 1, 2026 - 12:48
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कटनी में ड्राइवरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन,:RTO की शिकायत; बोले- चैकिंग के नाम पर परेशान करते हैं
कटनी में मंगलवार को जिलेभर के वाहन चालक अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। आरसीएस ड्राइवर सेवा एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित चालकों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया और जिला परिवहन अधिकारी (DTO/RTO) के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि हाईवे और बॉर्डर पर चेकिंग के नाम पर आरटीओ द्वारा मनमानी की जा रही है। चालकों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ड्राइवरों ने इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की। चालकों ने यह भी मांग की कि जिले का कोई भी मोटर मालिक, ट्रांसपोर्टर या कंपनी किसी ड्राइवर को काम पर रखने से पहले उसे अनिवार्य रूप से लिखित नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) दे। इस पत्र में वेतन, ड्यूटी के घंटे, शर्तें और दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर मालिक या बीमा कंपनी द्वारा तत्काल इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं, असमय मृत्यु की स्थिति में पीड़ित परिवार को ₹20 लाख के मुआवजे के प्रावधान हेतु शासन स्तर पर नीति बनाने की मांग की गई। आर्थिक पारदर्शिता के लिए ड्राइवरों ने मांग की कि उनका वेतन हर महीने सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए, ताकि नकदी लेन-देन में होने वाले शोषण को रोका जा सके। इसके अलावा, चालकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा और कल्याण के लिए राज्य स्तर पर सारथी आयोग के गठन की मांग उठाई गई। साथ ही, समाज में ड्राइवरों के योगदान को सम्मान देने के लिए 17 सितंबर को 'ड्राइवर दिवस' घोषित करने का आग्रह किया गया।