इंदौर में ED का बड़ा एक्शन:26 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में 13 करोड़ की 18 संपत्तियां अटैच; EOW की दो FIR से शुरू हुई कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर में बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आलोक शारदा और अन्य से जुड़े मामले में 13 करोड़ रुपए मूल्य की 18 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। यह कार्रवाई 10 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ED के मुताबिक यह जांच EOW भोपाल द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी। मामला IDBI बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित है। फर्जी वेयरहाउस रसीदों से 42 किसानों के नाम पर लोन जांच में ED ने आरोप लगाया कि इंदौर जिले के मानपुर स्थित शारदा वेयरहॉउस के प्रोपराइटर आलोक शारदा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर वेयरहाउस रसीद वित्त योजना का दुरुपयोग किया। वेयरहाउस में किसानों की सोयाबीन और चना उपज रखे होने का दावा करते हुए फर्जी रसीदें जारी की गईं। इन रसीदों के आधार पर 62,965 बोरी सोयाबीन और चने के एवज में 42 किसानों के नाम पर लोन मंजूर कराया गया। ED की जांच के अनुसार बाद में गिरवी रखी गई कृषि उपज को बिना अनुमति वेयरहाउस से निकालकर बेच दिया गया। दो वित्तीय संस्थाओं को करीब 26 करोड़ के नुकसान का आरोप ED के अनुसार IDBI बैंक को इस मामले में करीब 14.04 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसी वेयरहॉउस में रखी बताई गई कृषि उपज के आधार पर 12.04 करोड़ रुपए का वेयरहाउस रसीद वित्त स्वीकृत किया था। बाद के भौतिक सत्यापन में गिरवी रखे माल में भारी कमी मिली। ED का कहना है कि दोनों मामलों को मिलाकर आरोपियों ने बैंक और वित्तीय कंपनी को करीब 26 करोड़ रुपए का गैर-कानूनी नुकसान पहुंचाया और अनुचित लाभ हासिल किया। 13 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच ED ने जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों में से 13 करोड़ रुपए मूल्य की 18 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Sep 12, 2026 - 22:12
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इंदौर में ED का बड़ा एक्शन:26 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में 13 करोड़ की 18 संपत्तियां अटैच; EOW की दो FIR से शुरू हुई कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंदौर में बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आलोक शारदा और अन्य से जुड़े मामले में 13 करोड़ रुपए मूल्य की 18 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। यह कार्रवाई 10 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ED के मुताबिक यह जांच EOW भोपाल द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी। मामला IDBI बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित है। फर्जी वेयरहाउस रसीदों से 42 किसानों के नाम पर लोन जांच में ED ने आरोप लगाया कि इंदौर जिले के मानपुर स्थित शारदा वेयरहॉउस के प्रोपराइटर आलोक शारदा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर वेयरहाउस रसीद वित्त योजना का दुरुपयोग किया। वेयरहाउस में किसानों की सोयाबीन और चना उपज रखे होने का दावा करते हुए फर्जी रसीदें जारी की गईं। इन रसीदों के आधार पर 62,965 बोरी सोयाबीन और चने के एवज में 42 किसानों के नाम पर लोन मंजूर कराया गया। ED की जांच के अनुसार बाद में गिरवी रखी गई कृषि उपज को बिना अनुमति वेयरहाउस से निकालकर बेच दिया गया। दो वित्तीय संस्थाओं को करीब 26 करोड़ के नुकसान का आरोप ED के अनुसार IDBI बैंक को इस मामले में करीब 14.04 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसी वेयरहॉउस में रखी बताई गई कृषि उपज के आधार पर 12.04 करोड़ रुपए का वेयरहाउस रसीद वित्त स्वीकृत किया था। बाद के भौतिक सत्यापन में गिरवी रखे माल में भारी कमी मिली। ED का कहना है कि दोनों मामलों को मिलाकर आरोपियों ने बैंक और वित्तीय कंपनी को करीब 26 करोड़ रुपए का गैर-कानूनी नुकसान पहुंचाया और अनुचित लाभ हासिल किया। 13 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच ED ने जांच के दौरान सामने आई संपत्तियों में से 13 करोड़ रुपए मूल्य की 18 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।