सत्य सांई स्कूल को 4.30 करोड़ का झटका:खेल मैदान-पार्किंग भी टैक्स के दायरे में: निगम वसूलेगा 4.30 करोड़ रुपए
स्कीम 54 स्थित श्री सत्य सांई विद्या विहार स्कूल के संपत्तिकर विवाद में नगर निगम के पक्ष में फैसला आया है। जिला कोर्ट ने निगम की ओर से जारी संपत्तिकर की मांग को सही माना है। इसके बाद स्कूल प्रबंधन को निगम को करीब 4.30 करोड़ रु. संपत्ति कर देना होगा। साथ ही आगे हर साल करीब 45.30 करोड़ रुपए संपत्तिकर चुकाना होगा। नगर निगम के मुताबिक स्कूल प्रबंधन वर्ष 1996 से संपत्तिकर नहीं चुका रहा था। तत्कालीन निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल के कार्यकाल में नवंबर 2020 में स्कूल प्रबंधन को संपत्तिकर का नोटिस जारी किया गया था। इसके खिलाफ स्कूल प्रबंधन जिला कोर्ट पहुंचा था। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने निगम की गणना और नोटिस को सही माना। 64 हजार वर्गफीट बताया था, निगम की नपती में 3.45 लाख वर्गफीट निकला मामले में संपत्ति के क्षेत्रफल को लेकर भी बड़ा अंतर सामने आया। स्कूल प्रबंधन ने अपने विवरण में करीब 64 हजार वर्गफीट क्षेत्र बताया था, जबकि निगम की गणना में परिसर का क्षेत्रफल करीब 3.45 लाख वर्गफीट पाया गया। कोर्ट के सामने यह भी अहम मुद्दा था कि स्कूल परिसर के अंदर मौजूद ओपन खेल मैदान और पार्किंग क्षेत्र पर संपत्तिकर लगाया जा सकता है या नहीं। कोर्ट ने माना कि स्कूल की बाउंड्री के अंदर आने वाली और विद्यार्थियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली करीब 2.11 लाख वर्गफीट खुली जमीन भी कर के दायरे में आती है। फीस लेकर होने वाली गतिविधियां भी टैक्स के दायरे में नगर निगम का तर्क था कि स्कूल परिसर में केवल शैक्षणिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल होता है जिनके लिए फीस या शुल्क लिया जाता है। ऐसे में परिसर को पूरी तरह संपत्तिकर से मुक्त नहीं माना जा सकता। कोर्ट के फैसले के बाद निगम को बकाया संपत्तिकर की वसूली का अधिकार मिल गया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने की संभावना है। स्कूल प्रबंधन ने 10 दिनों का मांगा समय आकाश सिंह (अपर कमिश्नर) ने बताया कि नियम के अनुसार जो संपत्तिकर बनता है, उसका भुगतान सभी को करना चाहिए। इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने 10 दिनों का समय मांगा है। इसके बाद निगम द्वारा कार्यवाही की जाएगी। 15.80 लाख बकाया होने पर क्रिश्चियन कॉलेज सील इसी कड़ी में नगर निगम ने शुक्रवार को शहर के पुराने क्रिश्चियन कॉलेज को सील कर दिया। दरअसल कॉलेज पर दो साल का 15.80 लाख रु. संपत्तिकर बकाया है। निगम द्वारा कॉलेज को 23 लाख रु. से ज्यादा का बिल थमाया गया। प्रिंसिपल डॉ. अमित डेविड ने बताया कि कुल 15.80 बकाया है जबकि करीब 7 लाख वर्तमान वर्ष का है। इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च 2027 है। डॉ. डेविड का कहना है निगम ने कॉलेज का ऑफिस सील किया है लेकिन कॉलेज नियमित संचालित होगा और स्टूडेंट्स को परेशानी नहीं होगी। जल्दी ही निगम को पार्ट पेमेंट की सुविधा से बकाया राशि भर दी जाएगी।
स्कीम 54 स्थित श्री सत्य सांई विद्या विहार स्कूल के संपत्तिकर विवाद में नगर निगम के पक्ष में फैसला आया है। जिला कोर्ट ने निगम की ओर से जारी संपत्तिकर की मांग को सही माना है। इसके बाद स्कूल प्रबंधन को निगम को करीब 4.30 करोड़ रु. संपत्ति कर देना होगा। साथ ही आगे हर साल करीब 45.30 करोड़ रुपए संपत्तिकर चुकाना होगा। नगर निगम के मुताबिक स्कूल प्रबंधन वर्ष 1996 से संपत्तिकर नहीं चुका रहा था। तत्कालीन निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल के कार्यकाल में नवंबर 2020 में स्कूल प्रबंधन को संपत्तिकर का नोटिस जारी किया गया था। इसके खिलाफ स्कूल प्रबंधन जिला कोर्ट पहुंचा था। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने निगम की गणना और नोटिस को सही माना। 64 हजार वर्गफीट बताया था, निगम की नपती में 3.45 लाख वर्गफीट निकला मामले में संपत्ति के क्षेत्रफल को लेकर भी बड़ा अंतर सामने आया। स्कूल प्रबंधन ने अपने विवरण में करीब 64 हजार वर्गफीट क्षेत्र बताया था, जबकि निगम की गणना में परिसर का क्षेत्रफल करीब 3.45 लाख वर्गफीट पाया गया। कोर्ट के सामने यह भी अहम मुद्दा था कि स्कूल परिसर के अंदर मौजूद ओपन खेल मैदान और पार्किंग क्षेत्र पर संपत्तिकर लगाया जा सकता है या नहीं। कोर्ट ने माना कि स्कूल की बाउंड्री के अंदर आने वाली और विद्यार्थियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली करीब 2.11 लाख वर्गफीट खुली जमीन भी कर के दायरे में आती है। फीस लेकर होने वाली गतिविधियां भी टैक्स के दायरे में नगर निगम का तर्क था कि स्कूल परिसर में केवल शैक्षणिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल होता है जिनके लिए फीस या शुल्क लिया जाता है। ऐसे में परिसर को पूरी तरह संपत्तिकर से मुक्त नहीं माना जा सकता। कोर्ट के फैसले के बाद निगम को बकाया संपत्तिकर की वसूली का अधिकार मिल गया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने की संभावना है। स्कूल प्रबंधन ने 10 दिनों का मांगा समय आकाश सिंह (अपर कमिश्नर) ने बताया कि नियम के अनुसार जो संपत्तिकर बनता है, उसका भुगतान सभी को करना चाहिए। इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने 10 दिनों का समय मांगा है। इसके बाद निगम द्वारा कार्यवाही की जाएगी। 15.80 लाख बकाया होने पर क्रिश्चियन कॉलेज सील इसी कड़ी में नगर निगम ने शुक्रवार को शहर के पुराने क्रिश्चियन कॉलेज को सील कर दिया। दरअसल कॉलेज पर दो साल का 15.80 लाख रु. संपत्तिकर बकाया है। निगम द्वारा कॉलेज को 23 लाख रु. से ज्यादा का बिल थमाया गया। प्रिंसिपल डॉ. अमित डेविड ने बताया कि कुल 15.80 बकाया है जबकि करीब 7 लाख वर्तमान वर्ष का है। इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च 2027 है। डॉ. डेविड का कहना है निगम ने कॉलेज का ऑफिस सील किया है लेकिन कॉलेज नियमित संचालित होगा और स्टूडेंट्स को परेशानी नहीं होगी। जल्दी ही निगम को पार्ट पेमेंट की सुविधा से बकाया राशि भर दी जाएगी।