ओल्ड सेक्रेटिएट से एक महीने में शिफ्ट होंगे दफ्तर:भोपाल कमिश्नर ने मीटिंग ली; 217.96 करोड़ रुपए का नया प्रोजेक्ट

भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट में नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा। जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय होंगे। इसमें कई विभाग है। जिसकी शिफ्टिंग शुरू हो गई है, लेकिन अब भी कई विभागों ने दफ्तर खाली नहीं किए हैं। इसे लेकर कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को एक महीने की टाइम लीमिट दी है। हर साल में विभागों को अपने ऑफिस शिफ्ट करना ही पड़ेंगे। इधर, फंदा जनपद पंचायत को भी अन्य जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कमिश्नर शर्मा ने सोमवार को बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड ने मौजूदा कलेक्टोरेट परिसर में ही नए कंपोजिट एडमिनिस्ट्रेटिव हब के निर्माण का आधिकारिक टेंडर जारी किया है। साथ ही पर्यावरणीय अड़चनों में फंसा प्रोफेसर कॉलोनी वाला पुराना प्रस्ताव भी समाप्त हो गया। अब ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर ही भोपाल का नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा, जहां कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। इस निर्माण के बदले चयनित डेवलपर को पुराने सचिवालय परिसर में 3.36 हेक्टेयर जमीन कंपंसेटरी लैंड पार्सल (सीएलपी) के रूप में मालिकाना हक के साथ दी जाएगी। इस जमीन का मिक्स लैंड यूज रखा गया है, यानी यहां रेसीडेंशियल और कमर्शियल हाईराइज प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 217.96 करोड़ रुपए है, जबकि बदले में दी जाने वाली जमीन की कीमत 256.92 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मॉडल राज्य सरकार की री-डेंसिफिकेशन नीति के तहत लागू किया जा रहा है, ताकि सरकारी खजाने पर सीधा वित्तीय बोझ न पड़े। एक परिसर में होंगे तीन बड़े दफ्तर प्रोजेक्ट के तहत जी+7 कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, संभागायुक्त कार्यालय और आईजी कार्यालय संचालित होंगे। इसके अलावा जी+2 मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 80 ईसीएस क्षमता रहेगी। परिसर में संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। 3 हिस्सों में बांटी गई डेवलपमेंट लैंड डेवलपर को दी जाने वाली जमीन तीन हिस्सों में बांटी है। सीएलपी-1 सबसे बड़ा 2.15 हेक्टेयर का ब्लॉक होगा। 0.63 हेक्टेयर और 0.58 हेक्टेयर के दो अन्य पार्सल भी शामिल किए गए हैं। ये ऑफिस शिफ्ट होंगे बैठक में कमिश्नर शर्मा ने ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर के अंतर्गत सभी शासकीय कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में चर्चा की। कलेक्ट्रेट कार्यालय का अभिलेखागार, परिसर का अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक, सायबर सेल सहित अन्य कार्यालयों की शिफ्टिंग के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय शिफ्ट किए जा चुके हैं। तहसील और एसडीएम ऑफिस लालघाटी में नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुए हैं। अन्य के लिए भी अफसरों को निर्देशित किया गया।

Oct 12, 2026 - 18:06
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ओल्ड सेक्रेटिएट से एक महीने में शिफ्ट होंगे दफ्तर:भोपाल कमिश्नर ने मीटिंग ली; 217.96 करोड़ रुपए का नया प्रोजेक्ट
भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट में नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा। जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय होंगे। इसमें कई विभाग है। जिसकी शिफ्टिंग शुरू हो गई है, लेकिन अब भी कई विभागों ने दफ्तर खाली नहीं किए हैं। इसे लेकर कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को एक महीने की टाइम लीमिट दी है। हर साल में विभागों को अपने ऑफिस शिफ्ट करना ही पड़ेंगे। इधर, फंदा जनपद पंचायत को भी अन्य जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कमिश्नर शर्मा ने सोमवार को बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड ने मौजूदा कलेक्टोरेट परिसर में ही नए कंपोजिट एडमिनिस्ट्रेटिव हब के निर्माण का आधिकारिक टेंडर जारी किया है। साथ ही पर्यावरणीय अड़चनों में फंसा प्रोफेसर कॉलोनी वाला पुराना प्रस्ताव भी समाप्त हो गया। अब ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर ही भोपाल का नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा, जहां कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। इस निर्माण के बदले चयनित डेवलपर को पुराने सचिवालय परिसर में 3.36 हेक्टेयर जमीन कंपंसेटरी लैंड पार्सल (सीएलपी) के रूप में मालिकाना हक के साथ दी जाएगी। इस जमीन का मिक्स लैंड यूज रखा गया है, यानी यहां रेसीडेंशियल और कमर्शियल हाईराइज प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 217.96 करोड़ रुपए है, जबकि बदले में दी जाने वाली जमीन की कीमत 256.92 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मॉडल राज्य सरकार की री-डेंसिफिकेशन नीति के तहत लागू किया जा रहा है, ताकि सरकारी खजाने पर सीधा वित्तीय बोझ न पड़े। एक परिसर में होंगे तीन बड़े दफ्तर प्रोजेक्ट के तहत जी+7 कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, संभागायुक्त कार्यालय और आईजी कार्यालय संचालित होंगे। इसके अलावा जी+2 मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 80 ईसीएस क्षमता रहेगी। परिसर में संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। 3 हिस्सों में बांटी गई डेवलपमेंट लैंड डेवलपर को दी जाने वाली जमीन तीन हिस्सों में बांटी है। सीएलपी-1 सबसे बड़ा 2.15 हेक्टेयर का ब्लॉक होगा। 0.63 हेक्टेयर और 0.58 हेक्टेयर के दो अन्य पार्सल भी शामिल किए गए हैं। ये ऑफिस शिफ्ट होंगे बैठक में कमिश्नर शर्मा ने ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर के अंतर्गत सभी शासकीय कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में चर्चा की। कलेक्ट्रेट कार्यालय का अभिलेखागार, परिसर का अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक, सायबर सेल सहित अन्य कार्यालयों की शिफ्टिंग के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय शिफ्ट किए जा चुके हैं। तहसील और एसडीएम ऑफिस लालघाटी में नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुए हैं। अन्य के लिए भी अफसरों को निर्देशित किया गया।