ग्वालियर में आज प्रदेश की सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा:सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे पारंपरिक स्वर्ण झाड़ू सेवा

ग्वालियर में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की रथयात्रा शनिवार, 18 जुलाई को निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि यह मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा के लिए शहर में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस्कॉन यात्रा ग्वालियर के आयोजन सदस्य मानस चंद्र दास ने बताया कि रथयात्रा का शुभारंभ दोपहर 3 बजे जिवाजी क्लब से होगा। प्रारंभ में हरिनाम संकीर्तन, प्रवचन और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वे भगवान श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और पारंपरिक स्वर्ण झाड़ू (छेरा पहंरा) सेवा में भाग लेंगे। इसके बाद उत्तर भारत के जोनल सुपरवाइजर परम पूज्य महामन प्रभु जी के आशीर्वाद से रथयात्रा विधिवत शुरू होगी। रथयात्रा जिवाजी क्लब से शुरू होकर अचलेश्वर मंदिर, नया बाजार, दाल बाजार, लोहिया बाजार, पाटनकर बाजार, ओटफूल, दौलतगंज, बड़ा, सराफा, नई सड़क और छत्री मंडी होते हुए गोयल वाटिका (बल वाटिका) पहुंचेगी। इस दौरान भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु एवं पंचतत्त्व की भव्य पालकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा में छह से अधिक कीर्तन मंडलियां शामिल होंगी। इनमें विदेशी रशियन कीर्तन बैंड, वृंदावन के हरिनाम संकीर्तन करने वाले भक्त, दिल्ली के प्रसिद्ध माधवास रॉक बैंड के सदस्य और इस्कॉन ग्वालियर की कीर्तन मंडली प्रमुख हैं। इस्कॉन गर्ल्स फोरम की युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगी, जबकि इस्कॉन यूथ फोरम के युवा कीर्तन एवं नृत्य के माध्यम से भक्ति रस का संचार करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर जलपान और शीतल पेय की व्यवस्था की गई है। समापन स्थल गोयल वाटिका में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। भगवान श्री जगन्नाथ का 42 फीट ऊंचा आधुनिक हाइड्रोलिक रथ इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा, जिसे लगभग 200 किलोग्राम प्राकृतिक फूलों से सजाया गया है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 40 से 50 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता प्रसाद वितरण, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सहायता और अन्य सेवाओं में तैनात रहेंगे।

Jul 18, 2026 - 08:31
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ग्वालियर में आज प्रदेश की सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा:सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे पारंपरिक स्वर्ण झाड़ू सेवा
ग्वालियर में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की रथयात्रा शनिवार, 18 जुलाई को निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि यह मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी जगन्नाथ रथयात्रा होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा के लिए शहर में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस्कॉन यात्रा ग्वालियर के आयोजन सदस्य मानस चंद्र दास ने बताया कि रथयात्रा का शुभारंभ दोपहर 3 बजे जिवाजी क्लब से होगा। प्रारंभ में हरिनाम संकीर्तन, प्रवचन और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वे भगवान श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और पारंपरिक स्वर्ण झाड़ू (छेरा पहंरा) सेवा में भाग लेंगे। इसके बाद उत्तर भारत के जोनल सुपरवाइजर परम पूज्य महामन प्रभु जी के आशीर्वाद से रथयात्रा विधिवत शुरू होगी। रथयात्रा जिवाजी क्लब से शुरू होकर अचलेश्वर मंदिर, नया बाजार, दाल बाजार, लोहिया बाजार, पाटनकर बाजार, ओटफूल, दौलतगंज, बड़ा, सराफा, नई सड़क और छत्री मंडी होते हुए गोयल वाटिका (बल वाटिका) पहुंचेगी। इस दौरान भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु एवं पंचतत्त्व की भव्य पालकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा में छह से अधिक कीर्तन मंडलियां शामिल होंगी। इनमें विदेशी रशियन कीर्तन बैंड, वृंदावन के हरिनाम संकीर्तन करने वाले भक्त, दिल्ली के प्रसिद्ध माधवास रॉक बैंड के सदस्य और इस्कॉन ग्वालियर की कीर्तन मंडली प्रमुख हैं। इस्कॉन गर्ल्स फोरम की युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगी, जबकि इस्कॉन यूथ फोरम के युवा कीर्तन एवं नृत्य के माध्यम से भक्ति रस का संचार करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर जलपान और शीतल पेय की व्यवस्था की गई है। समापन स्थल गोयल वाटिका में 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। भगवान श्री जगन्नाथ का 42 फीट ऊंचा आधुनिक हाइड्रोलिक रथ इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा, जिसे लगभग 200 किलोग्राम प्राकृतिक फूलों से सजाया गया है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 40 से 50 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता प्रसाद वितरण, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सहायता और अन्य सेवाओं में तैनात रहेंगे।