बालाघाट में दो हत्याकांड, आरोपियों का अब तक सुराग नहीं:खेलनबाई की हत्या के बाद पुलिस खाली हाथ; बिसेन दंपती हत्याकांड एक साल से अनसुलझा

बालाघाट जिले में दो हत्याकांड के आरोपियों का अब तक पता नहीं चला है। 8 अक्टूबर को तिरोड़ी थाना क्षेत्र के हीरापुर में खेलनबाई तुरकर की हत्या हुई थी। चार दिन बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं, कटंगी क्षेत्र के मोहगांव-नांदी में हार्डवेयर कारोबारी हेमेंद्र बिसेन और उनकी पत्नी योगिता की हत्या का मामला भी एक साल से ज्यादा समय से अनसुलझा है। मवेशियों की निगरानी करते समय हुई थी खेलनबाई की हत्या खेलनबाई तुरकर की हत्या रेलवे पटरी के पास जंगली इलाके में हुई थी। वह वहां मवेशियों की निगरानी कर रही थीं। शुरुआती जांच में मंगलसूत्र और कान के टॉप्स गायब होने के आधार पर लूट की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि कान के टॉप्स गायब नहीं थे और लूट के निशान नहीं मिले। परिचित पर शक, लेकिन हत्यारे की पहचान नहीं पुलिस को शक है कि खेलनबाई की हत्या में किसी परिचित का हाथ हो सकता है। हालांकि, अब तक आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। तिरोड़ी थाना प्रभारी विजय राजपूत के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। बिसेन दंपती की हत्या का मामला भी अनसुलझा कटंगी क्षेत्र के मोहगांव-नांदी में सितंबर 2023 में हार्डवेयर कारोबारी हेमेंद्र बिसेन और उनकी पत्नी योगिता की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद आरोपियों का पता नहीं चला है। परिजनों को आरोपियों के पकड़े जाने का इंतजार दोनों मामलों में आरोपियों का पता नहीं चलने से लोगों में नाराजगी है। वहीं, परिजन अब भी अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने वालों की पहचान और गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।

Oct 12, 2026 - 18:06
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बालाघाट में दो हत्याकांड, आरोपियों का अब तक सुराग नहीं:खेलनबाई की हत्या के बाद पुलिस खाली हाथ; बिसेन दंपती हत्याकांड एक साल से अनसुलझा
बालाघाट जिले में दो हत्याकांड के आरोपियों का अब तक पता नहीं चला है। 8 अक्टूबर को तिरोड़ी थाना क्षेत्र के हीरापुर में खेलनबाई तुरकर की हत्या हुई थी। चार दिन बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं, कटंगी क्षेत्र के मोहगांव-नांदी में हार्डवेयर कारोबारी हेमेंद्र बिसेन और उनकी पत्नी योगिता की हत्या का मामला भी एक साल से ज्यादा समय से अनसुलझा है। मवेशियों की निगरानी करते समय हुई थी खेलनबाई की हत्या खेलनबाई तुरकर की हत्या रेलवे पटरी के पास जंगली इलाके में हुई थी। वह वहां मवेशियों की निगरानी कर रही थीं। शुरुआती जांच में मंगलसूत्र और कान के टॉप्स गायब होने के आधार पर लूट की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि कान के टॉप्स गायब नहीं थे और लूट के निशान नहीं मिले। परिचित पर शक, लेकिन हत्यारे की पहचान नहीं पुलिस को शक है कि खेलनबाई की हत्या में किसी परिचित का हाथ हो सकता है। हालांकि, अब तक आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। तिरोड़ी थाना प्रभारी विजय राजपूत के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। बिसेन दंपती की हत्या का मामला भी अनसुलझा कटंगी क्षेत्र के मोहगांव-नांदी में सितंबर 2023 में हार्डवेयर कारोबारी हेमेंद्र बिसेन और उनकी पत्नी योगिता की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद आरोपियों का पता नहीं चला है। परिजनों को आरोपियों के पकड़े जाने का इंतजार दोनों मामलों में आरोपियों का पता नहीं चलने से लोगों में नाराजगी है। वहीं, परिजन अब भी अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने वालों की पहचान और गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।