मऊ में UGC कानून के विरोध में BJP में बगावत:20 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया, पार्टी झंडा फूंका

मऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक बड़ा झटका लगा है। बुधवार देर शाम नगर क्षेत्र के ताजोपुर में यूजीसी कानून के विरोध में भाजपा के विधानसभा क्षेत्र 356 के सेक्टर अध्यक्ष राम सिंह, पांच बूथ अध्यक्षों सहित लगभग 20 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नीतियों से असहमत हैं।इन नेताओं ने कहा कि उन्होंने जीवन भर भाजपा के लिए काम किया है, लेकिन वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले से सहमत नहीं हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा और टोपी जलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए अब भाजपा का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि जिस तरह श्मशान घाट पर मुर्दे को जलाकर उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है, उसी तरह उन्होंने भाजपा की टोपी और झंडा जलाकर पार्टी का विरोध किया है, और उनके लिए भाजपा अब 'मर चुकी है'। इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

मऊ में UGC कानून के विरोध में BJP में बगावत:20 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया, पार्टी झंडा फूंका
मऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक बड़ा झटका लगा है। बुधवार देर शाम नगर क्षेत्र के ताजोपुर में यूजीसी कानून के विरोध में भाजपा के विधानसभा क्षेत्र 356 के सेक्टर अध्यक्ष राम सिंह, पांच बूथ अध्यक्षों सहित लगभग 20 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नीतियों से असहमत हैं।इन नेताओं ने कहा कि उन्होंने जीवन भर भाजपा के लिए काम किया है, लेकिन वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले से सहमत नहीं हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा और टोपी जलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए अब भाजपा का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि जिस तरह श्मशान घाट पर मुर्दे को जलाकर उसका अस्तित्व समाप्त हो जाता है, उसी तरह उन्होंने भाजपा की टोपी और झंडा जलाकर पार्टी का विरोध किया है, और उनके लिए भाजपा अब 'मर चुकी है'। इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।