5 दिन पहले बनाई लड़कियों ने फरार होने की योजना:प्रेमियों से मिलने को कूदी 35 फीट से, युवतियों को मथुरा पुलिस ने किया बरामद

मथुरा के थाना वृंदावन कोतवाली इलाके के चैतन्य बिहार में स्थित महिला आश्रय सदन में बने बालिका संरक्षण गृह में रह रही 5 युवतियों ने फिल्मी अंदाज में फरार होने की योजना बनाई। सोमवार देर रात फरार हुई पांचों युवतियों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। 93 बालिका रह रही संरक्षण गृह में वृंदावन के पॉश इलाके चैतन्य बिहार इलाके में फ्लाई ओवर के पास स्थित है महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित महिला आश्रय सदन। इसी सदन में कुछ महीने पहले बालिका संरक्षण गृह स्थापित किया गया। इस संरक्षण गृह में वर्तमान में पोक्सो एक्ट के अलावा घर से गायब हुई बालिकाओं को बरामद कर रखा जाता है। यहां वर्तमान में मथुरा के अलावा आसपास के अन्य जिलों की 93 युवतियां रह रही हैं। ऐसे बनाई योजना बालिका संरक्षण गृह में रह रही आगरा और दिल्ली की युवतियों ने 5 दिन पहले फरार होने की योजना बनाई। लड़कियों ने पहले सीढ़ियों की चाबी को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद फरार होने के लिए सही समय का इंतजार करने लगी। इसी बीच इनके कमरे में रह रही अन्य 2 लकड़ियों को उनकी योजना के बारे में जानकारी मिल गई। दिल्ली और आगरा की रहने वाली युवतियों ने किसी तरह अपनी बातों में उनको भी फंसा लिया। इसके साथ ही बगल के कमरे में रह रही एक अन्य लड़की भी भागने को तैयार हो गई। 26 जनवरी का दिन चुना फरार होने को योजना बनाने के बाद फरार होने का दिन 26 जनवरी चुना। इस दिन आश्रय सदन के अधिकारी और कर्मचारी गणतंत्र दिवस में व्यस्त रहे। रात करीब 10 बजे खाना खा कर सभी सोने चले गए। इसी दौरान मौका पाकर सभी लड़कियां सदन की छत पर पहुंची। जहां से उन्होंने चुन्नी और कंबल से बनाई रस्सी के जरिए 35 फीट ऊंचाई से छलांग लगा दी और फरार हो गई। इसलिए हुई फरार सदन से फरार होने वाली 5 लड़कियां में से जिन 2 लड़कियों ने भागने का प्लान बनाया था इसके पीछे वजह उनके प्रेमी थे। प्रेमियों ने वादा किया था कि वह उनको सदन के बाहर मिलेंगे। लेकिन जब लड़कियां सदन से बाहर आईं वह उनको नहीं मिले। इसके बाद लड़कियों ने अपने प्रेमियों को फोन किया तो एक घबरा गया। जिस पर उसने अपने वकील को जानकारी दी। वकील ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। वहीं दूसरी लड़की को उसका प्रेमी रेलवे स्टेशन पर मिला इसकी पुलिस तलाश कर रही है। किसी को पिता तो किसी को मां नहीं अपना रही सदन से फरार हुई लड़कियों में से 4 विक्टिम है तो एक घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। फरार हुई लड़कियों में से एक लड़की की मां नहीं है पिता जेल में है। जेल से पैरोल पर पिता आया तो उसने अपनी बहन के देवर पर लड़की को फंसाने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने उसे बरामद कर बालिका संरक्षण गृह भेज दिया था। वहीं एक लड़की को अपने एक रिश्तेदार से मोहब्बत हो गई। इस मामले में उस लड़की की मां और भाई विरोध कर रहे हैं। जबकि भाई ने भी लव मैरिज की थी। इस मामले में मां उसे घर पर नहीं आने दे रही। पुलिस ने 4 लकड़ियों को किया बरामद सदन से पांच लड़कियों के फरार होने की जानकारी मंगलवार की सुबह उस समय जब वह दिखाई नहीं दी। सदन की अधीक्षिका गायत्री मिश्रा ने इसकी जानकारी अपने आला अधिकारी और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसएसपी श्लोक कुमार सहित वृंदावन पुलिस सदन पहुंच गई। पुलिस ने सदन में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। लेकिन वह जहां से फरार हुईं वहां कैमरे नहीं थे। जिसकी बजह से उनको तलाशने में दिक्कत आई। इसके बाद पुलिस को पता चला कि ऊंचाई से कूदने के चक्कर में एक लड़की के पैर में चोट आ गई। जिसकी बजह से वह पास के एक होटल में यह कहकर रुक गई कि उसको एक गाड़ी ने टक्कर मार दी जिससे चोट लग गई। इसके बाद वह मंगलवार को सुबह 8 बजे वहां से निकल गई। पुलिस ने बुधवार तक 4 लड़कियों को बरामद कर लिया जबकि एक की तलाश में 3 टीम लगी हुई हैं।

5 दिन पहले बनाई लड़कियों ने फरार होने की योजना:प्रेमियों से मिलने को कूदी 35 फीट से, युवतियों को मथुरा पुलिस ने किया बरामद
मथुरा के थाना वृंदावन कोतवाली इलाके के चैतन्य बिहार में स्थित महिला आश्रय सदन में बने बालिका संरक्षण गृह में रह रही 5 युवतियों ने फिल्मी अंदाज में फरार होने की योजना बनाई। सोमवार देर रात फरार हुई पांचों युवतियों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। 93 बालिका रह रही संरक्षण गृह में वृंदावन के पॉश इलाके चैतन्य बिहार इलाके में फ्लाई ओवर के पास स्थित है महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित महिला आश्रय सदन। इसी सदन में कुछ महीने पहले बालिका संरक्षण गृह स्थापित किया गया। इस संरक्षण गृह में वर्तमान में पोक्सो एक्ट के अलावा घर से गायब हुई बालिकाओं को बरामद कर रखा जाता है। यहां वर्तमान में मथुरा के अलावा आसपास के अन्य जिलों की 93 युवतियां रह रही हैं। ऐसे बनाई योजना बालिका संरक्षण गृह में रह रही आगरा और दिल्ली की युवतियों ने 5 दिन पहले फरार होने की योजना बनाई। लड़कियों ने पहले सीढ़ियों की चाबी को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद फरार होने के लिए सही समय का इंतजार करने लगी। इसी बीच इनके कमरे में रह रही अन्य 2 लकड़ियों को उनकी योजना के बारे में जानकारी मिल गई। दिल्ली और आगरा की रहने वाली युवतियों ने किसी तरह अपनी बातों में उनको भी फंसा लिया। इसके साथ ही बगल के कमरे में रह रही एक अन्य लड़की भी भागने को तैयार हो गई। 26 जनवरी का दिन चुना फरार होने को योजना बनाने के बाद फरार होने का दिन 26 जनवरी चुना। इस दिन आश्रय सदन के अधिकारी और कर्मचारी गणतंत्र दिवस में व्यस्त रहे। रात करीब 10 बजे खाना खा कर सभी सोने चले गए। इसी दौरान मौका पाकर सभी लड़कियां सदन की छत पर पहुंची। जहां से उन्होंने चुन्नी और कंबल से बनाई रस्सी के जरिए 35 फीट ऊंचाई से छलांग लगा दी और फरार हो गई। इसलिए हुई फरार सदन से फरार होने वाली 5 लड़कियां में से जिन 2 लड़कियों ने भागने का प्लान बनाया था इसके पीछे वजह उनके प्रेमी थे। प्रेमियों ने वादा किया था कि वह उनको सदन के बाहर मिलेंगे। लेकिन जब लड़कियां सदन से बाहर आईं वह उनको नहीं मिले। इसके बाद लड़कियों ने अपने प्रेमियों को फोन किया तो एक घबरा गया। जिस पर उसने अपने वकील को जानकारी दी। वकील ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। वहीं दूसरी लड़की को उसका प्रेमी रेलवे स्टेशन पर मिला इसकी पुलिस तलाश कर रही है। किसी को पिता तो किसी को मां नहीं अपना रही सदन से फरार हुई लड़कियों में से 4 विक्टिम है तो एक घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। फरार हुई लड़कियों में से एक लड़की की मां नहीं है पिता जेल में है। जेल से पैरोल पर पिता आया तो उसने अपनी बहन के देवर पर लड़की को फंसाने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने उसे बरामद कर बालिका संरक्षण गृह भेज दिया था। वहीं एक लड़की को अपने एक रिश्तेदार से मोहब्बत हो गई। इस मामले में उस लड़की की मां और भाई विरोध कर रहे हैं। जबकि भाई ने भी लव मैरिज की थी। इस मामले में मां उसे घर पर नहीं आने दे रही। पुलिस ने 4 लकड़ियों को किया बरामद सदन से पांच लड़कियों के फरार होने की जानकारी मंगलवार की सुबह उस समय जब वह दिखाई नहीं दी। सदन की अधीक्षिका गायत्री मिश्रा ने इसकी जानकारी अपने आला अधिकारी और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही एसएसपी श्लोक कुमार सहित वृंदावन पुलिस सदन पहुंच गई। पुलिस ने सदन में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। लेकिन वह जहां से फरार हुईं वहां कैमरे नहीं थे। जिसकी बजह से उनको तलाशने में दिक्कत आई। इसके बाद पुलिस को पता चला कि ऊंचाई से कूदने के चक्कर में एक लड़की के पैर में चोट आ गई। जिसकी बजह से वह पास के एक होटल में यह कहकर रुक गई कि उसको एक गाड़ी ने टक्कर मार दी जिससे चोट लग गई। इसके बाद वह मंगलवार को सुबह 8 बजे वहां से निकल गई। पुलिस ने बुधवार तक 4 लड़कियों को बरामद कर लिया जबकि एक की तलाश में 3 टीम लगी हुई हैं।