शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पहुंचे काशी:सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मुलाकात के लिए पहुंच रहे भक्त
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पहुंचे काशी:सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मुलाकात के लिए पहुंच रहे भक्त
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंच गए। माघी पूर्णिमा पर बिना गंगा में स्नान किए मठ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा को लेकर भेलूपुर पुलिस सतर्क है। शाम ढलने के बाद मौन धारण करने वाले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दर्शन के लिए उनके भक्त श्रीविद्या मठ पहुंचे लेकिन निजी सुरक्षाकर्मियों ने किसी से भी मुलाकात नहीं होने दी। इस दौरान स्वामी सीधे अपने कक्ष में रात्रि विश्राम को पहुंचे। उनके मठ में काम करने वाले लोगों ने कहा कि शंकाराचार्य जी गुरूवार की शाम सबसे मुलाकात करेंगे। प्रयागराज से बिना स्नान किए पहुंचे काशी माघ मेले में वसंत पंचमी पर पालकी शोभायात्रा निकाल संगम स्नान करने की परंपरा को निभाने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तैयार हुए थे लेकिन मेला प्रशासन ने शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी थी। इससे शंकराचार्य समेत संत समाज क्षुब्ध रहा। इस दौरान उठे विवाद के बीच शंकराचार्य सुबह प्रयागराज से काशी के लिए निकल गए। प्रयागराज से काशी के बीच जगह-जगह भक्तों ने शंकराचार्य का स्वागत और अभिनंदन किया। भदोही स्थित अजोरा आश्रम में ठहरने के दौरान स्वागत हुआ। देर रात पहुंचे मठ देर रात स्वामी अपने भक्तों के साथ काशी रवाना हुए। बॉर्डर पर पुलिस फोर्स भी सतर्क रही। वायरलेस सेट पर स्वामी के गुजरने की लोकेशन पाकर संबंधित थाने की पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात रही। देर रात शंकराचार्य भेलूपुर थाना क्षेत्र के केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे। उनके आने की सूचना पर दिन में ही चहल पहल बनी रही। सुबह भी मठ के बाहर भीड़ लगी है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंच गए। माघी पूर्णिमा पर बिना गंगा में स्नान किए मठ पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा को लेकर भेलूपुर पुलिस सतर्क है। शाम ढलने के बाद मौन धारण करने वाले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दर्शन के लिए उनके भक्त श्रीविद्या मठ पहुंचे लेकिन निजी सुरक्षाकर्मियों ने किसी से भी मुलाकात नहीं होने दी। इस दौरान स्वामी सीधे अपने कक्ष में रात्रि विश्राम को पहुंचे। उनके मठ में काम करने वाले लोगों ने कहा कि शंकाराचार्य जी गुरूवार की शाम सबसे मुलाकात करेंगे। प्रयागराज से बिना स्नान किए पहुंचे काशी माघ मेले में वसंत पंचमी पर पालकी शोभायात्रा निकाल संगम स्नान करने की परंपरा को निभाने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तैयार हुए थे लेकिन मेला प्रशासन ने शोभायात्रा की अनुमति नहीं दी थी। इससे शंकराचार्य समेत संत समाज क्षुब्ध रहा। इस दौरान उठे विवाद के बीच शंकराचार्य सुबह प्रयागराज से काशी के लिए निकल गए। प्रयागराज से काशी के बीच जगह-जगह भक्तों ने शंकराचार्य का स्वागत और अभिनंदन किया। भदोही स्थित अजोरा आश्रम में ठहरने के दौरान स्वागत हुआ। देर रात पहुंचे मठ देर रात स्वामी अपने भक्तों के साथ काशी रवाना हुए। बॉर्डर पर पुलिस फोर्स भी सतर्क रही। वायरलेस सेट पर स्वामी के गुजरने की लोकेशन पाकर संबंधित थाने की पुलिस फोर्स सुरक्षा में तैनात रही। देर रात शंकराचार्य भेलूपुर थाना क्षेत्र के केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे। उनके आने की सूचना पर दिन में ही चहल पहल बनी रही। सुबह भी मठ के बाहर भीड़ लगी है।