बदहाली बढ़ी, बदबू से रहवासी परेशान:रामसर साइट पर संकट; उद्योगों का दूषित पानी सिरपुर में मिल रहा, जल-जीव खतरे में
बदहाली बढ़ी, बदबू से रहवासी परेशान:रामसर साइट पर संकट; उद्योगों का दूषित पानी सिरपुर में मिल रहा, जल-जीव खतरे में
भागीरथपुरा दूषित पानी मामले के बीच शहर के सिरपुर तालाब में इंडस्ट्रियल एरिया का केमिकलयुक्त पानी मिलने का मामला सामने आया है। अगस्त 2022 में सरकार ने इसे रामसर साइट का दर्जा दिया। इसके बाद नगर निगम ने तालाब संवारने की योजना बनाई। तीन साल में तालाब तो नहीं संवरा, बदहाली और बढ़ गई है। इलाके में बदबू फैल रही है। लोग परेशान हैं। सिरपुर तालाब का पानी पीने में उपयोग नहीं होता, लेकिन इसके बावजूद यहां के ईको सिस्टम और जल-जीवों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाला केमिकलयुक्त दूषित पानी सीधे तालाब के कैचमेंट एरिया में मिल रहा है। इससे न सिर्फ तालाब की जैव विविधता प्रभावित हो रही है, बल्कि रामसर साइट के दर्जे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर अहिरखेड़ी से गंदा पानी यहां मिलने की आशंका को लेकर नगर निगम के जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा (बबलू) ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि फैक्टरियों से निकलने वाला पानी बहकर तालाब में पहुंच रहा है। इस प्रदूषण का असर आसपास की कई कॉलोनियों जैसे कुंदन नगर, ऋषि पैलेस, विदुर नगर, ऋषि विहार, परिवहन नगर, गुरु शंकर नगर, द्वारकापुरी और प्रजापत नगर पर भी पड़ रहा है। यह किए गए थे दावे- अतिक्रमण रोकेंगे, फेंसिंग करेंगे अगस्त 2022 में दर्जा मिला, संवारने के बजाय हालात और बिगड़े 3 अगस्त 2022 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सिरपुर आर्द्रभूमि/तालाब को रामसर साइट घोषित किया था। इसके बाद तीन साल बीत चुके, लेकिन रामसर साइट को संवारना तो दूर, स्थिति और ज्यादा बिगड़ चुकी है। बाउंड्रीवॉल बनाएंगे, चैनल की बाधा दूर होगी
भागीरथपुरा दूषित पानी मामले के बीच शहर के सिरपुर तालाब में इंडस्ट्रियल एरिया का केमिकलयुक्त पानी मिलने का मामला सामने आया है। अगस्त 2022 में सरकार ने इसे रामसर साइट का दर्जा दिया। इसके बाद नगर निगम ने तालाब संवारने की योजना बनाई। तीन साल में तालाब तो नहीं संवरा, बदहाली और बढ़ गई है। इलाके में बदबू फैल रही है। लोग परेशान हैं। सिरपुर तालाब का पानी पीने में उपयोग नहीं होता, लेकिन इसके बावजूद यहां के ईको सिस्टम और जल-जीवों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाला केमिकलयुक्त दूषित पानी सीधे तालाब के कैचमेंट एरिया में मिल रहा है। इससे न सिर्फ तालाब की जैव विविधता प्रभावित हो रही है, बल्कि रामसर साइट के दर्जे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर अहिरखेड़ी से गंदा पानी यहां मिलने की आशंका को लेकर नगर निगम के जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा (बबलू) ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि फैक्टरियों से निकलने वाला पानी बहकर तालाब में पहुंच रहा है। इस प्रदूषण का असर आसपास की कई कॉलोनियों जैसे कुंदन नगर, ऋषि पैलेस, विदुर नगर, ऋषि विहार, परिवहन नगर, गुरु शंकर नगर, द्वारकापुरी और प्रजापत नगर पर भी पड़ रहा है। यह किए गए थे दावे- अतिक्रमण रोकेंगे, फेंसिंग करेंगे अगस्त 2022 में दर्जा मिला, संवारने के बजाय हालात और बिगड़े 3 अगस्त 2022 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सिरपुर आर्द्रभूमि/तालाब को रामसर साइट घोषित किया था। इसके बाद तीन साल बीत चुके, लेकिन रामसर साइट को संवारना तो दूर, स्थिति और ज्यादा बिगड़ चुकी है। बाउंड्रीवॉल बनाएंगे, चैनल की बाधा दूर होगी