सतना में ज्वेलरी कारीगर ने की आत्मदाह की कोशिश:वीडियो आया सामने, 800 ग्राम सोने के लेनदेन का चल रहा विवाद

सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मण मार्केट में शुक्रवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब एक ज्वैलरी कारीगर ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सराफा कारोबारियों ने उसे बचा लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। आत्महत्या का प्रयास करने वाले कारीगर की पहचान शिशिर बंगाली के रूप में हुई है। शिशिर ने आरोप लगाया कि आभूषण विक्रेता कमल बंगाली ने उससे लगभग 800 ग्राम सोने से बनी चेन ली थी, जिसे वह न तो लौटा रहा है और न ही उसके एवज में रकम वापस कर रहा है। शिशिर ने कमल बंगाली के कारीगर देवरंजन पर भी वादा खिलाफी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। हालांकि, कमल बंगाली का कहना है कि उसका शिशिर के साथ कोई लेनदेन नहीं हुआ है। शहर के सराफा व्यापारियों के अनुसार, कमल और शिशिर कई साल पहले बंगाल से आकर सतना में कारोबारी के तौर पर काम करते थे। लगभग 9 महीने पहले शिशिर ने कमल से अलग होकर सोने की चेन बनाने का अपना अलग कारखाना शुरू किया था। आरोप है कि इसी दौरान कमल अपने कारीगर देवरंजन को कारखाना सौंपकर कुछ दिनों के लिए घर चले गए थे। इस अवधि में देवरंजन ने शिशिर से महाजनी में सोने की चेन लेकर आभूषण तैयार कर व्यापारियों को दिए। इसके बदले शिशिर को कुछ रकम दी गई, जबकि कुछ उधार रह गई, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। शिशिर का आरोप है कि जब कमल के वापस लौटने पर उसने उधार रकम या उसके बदले सोना वापस करने की बात की, तो कमल ने साफ इनकार कर दिया। इसी विवाद के चलते शिशिर ने यह कदम उठाया। थाने में की गई थी शिकायत शिशिर ने बताया कि उसने 28 फरवरी को सिटी कोतवाली थाने में इस मामले में कमल बंगाली, देवरंजन के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की। टीआई रावेन्द्र द्विवेदी ने दोनों पक्षों को बुलाकर पूंछताछ की तो शहर के कुछ सराफा व्यापारियों ने मध्यस्थता कर मामला सुलझा लेने की बात कही और मामला कुछ दिन के लिए शांत हो गया। इसके बाद भी दोनों कारोबारियों का विवाद नहीं निपटा। शिशिर माझी ने एसपी, आईजी से भी शिकायत की। कोई सुनवाई नहीं होने पर शिशिर ने सीएम हेल्प लाइन में मामले की शिकायत की। दूसरे पक्ष ने बताया कोई लेनदेन नहीं उधर, इस मामले में कारीगर कमल बंगाली ने बताया कि वो कुछ दिनों के लिए बंगाल अपने घर चला गया था। इस बीच कर्मचारी ने सोने की चैन शिशिर से ली थी। लेकिन सबकुछ का भुगतान दिया जा चुका है। उसके कर्मचारी देवरंजन ने बताया कि उलटा शिशिर से 53 ग्राम सोना वापस चाहिए। बहरहाल, शुक्रवार को हुए घटनाक्रम से भी पुलिस अनभिज्ञ है। टीआई रावेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलेगी तो पुलिस जांच कर वैधानिक कार्यवाही करेगी। एक हफ्ते बैठ चुकी पंचायत शहर के सराफा मार्केट के सूत्रों ने बताया कि कारीगर शिशिर बंगाली के पास कई बड़े सराफा कारोबारियों का सोना भी फंसा हुआ है। जिस कारण दोनों कारीगरों के बीच के विवाद को आपस में सुलझाने के भी प्रयास चल रहे है। इसी क्रम में पिछले एक हफ्ते सराफा कारोबारियों की पंचायत बैठा कर इस मामले पर दोनों पक्षों से बातचीत की गई और आपस में लेनदेन का हल निकालने की पूरी कोशिश की गई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।

Apr 11, 2026 - 07:10
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सतना में ज्वेलरी कारीगर ने की आत्मदाह की कोशिश:वीडियो आया सामने, 800 ग्राम सोने के लेनदेन का चल रहा विवाद
सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मण मार्केट में शुक्रवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब एक ज्वैलरी कारीगर ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सराफा कारोबारियों ने उसे बचा लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। आत्महत्या का प्रयास करने वाले कारीगर की पहचान शिशिर बंगाली के रूप में हुई है। शिशिर ने आरोप लगाया कि आभूषण विक्रेता कमल बंगाली ने उससे लगभग 800 ग्राम सोने से बनी चेन ली थी, जिसे वह न तो लौटा रहा है और न ही उसके एवज में रकम वापस कर रहा है। शिशिर ने कमल बंगाली के कारीगर देवरंजन पर भी वादा खिलाफी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। हालांकि, कमल बंगाली का कहना है कि उसका शिशिर के साथ कोई लेनदेन नहीं हुआ है। शहर के सराफा व्यापारियों के अनुसार, कमल और शिशिर कई साल पहले बंगाल से आकर सतना में कारोबारी के तौर पर काम करते थे। लगभग 9 महीने पहले शिशिर ने कमल से अलग होकर सोने की चेन बनाने का अपना अलग कारखाना शुरू किया था। आरोप है कि इसी दौरान कमल अपने कारीगर देवरंजन को कारखाना सौंपकर कुछ दिनों के लिए घर चले गए थे। इस अवधि में देवरंजन ने शिशिर से महाजनी में सोने की चेन लेकर आभूषण तैयार कर व्यापारियों को दिए। इसके बदले शिशिर को कुछ रकम दी गई, जबकि कुछ उधार रह गई, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। शिशिर का आरोप है कि जब कमल के वापस लौटने पर उसने उधार रकम या उसके बदले सोना वापस करने की बात की, तो कमल ने साफ इनकार कर दिया। इसी विवाद के चलते शिशिर ने यह कदम उठाया। थाने में की गई थी शिकायत शिशिर ने बताया कि उसने 28 फरवरी को सिटी कोतवाली थाने में इस मामले में कमल बंगाली, देवरंजन के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की। टीआई रावेन्द्र द्विवेदी ने दोनों पक्षों को बुलाकर पूंछताछ की तो शहर के कुछ सराफा व्यापारियों ने मध्यस्थता कर मामला सुलझा लेने की बात कही और मामला कुछ दिन के लिए शांत हो गया। इसके बाद भी दोनों कारोबारियों का विवाद नहीं निपटा। शिशिर माझी ने एसपी, आईजी से भी शिकायत की। कोई सुनवाई नहीं होने पर शिशिर ने सीएम हेल्प लाइन में मामले की शिकायत की। दूसरे पक्ष ने बताया कोई लेनदेन नहीं उधर, इस मामले में कारीगर कमल बंगाली ने बताया कि वो कुछ दिनों के लिए बंगाल अपने घर चला गया था। इस बीच कर्मचारी ने सोने की चैन शिशिर से ली थी। लेकिन सबकुछ का भुगतान दिया जा चुका है। उसके कर्मचारी देवरंजन ने बताया कि उलटा शिशिर से 53 ग्राम सोना वापस चाहिए। बहरहाल, शुक्रवार को हुए घटनाक्रम से भी पुलिस अनभिज्ञ है। टीआई रावेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलेगी तो पुलिस जांच कर वैधानिक कार्यवाही करेगी। एक हफ्ते बैठ चुकी पंचायत शहर के सराफा मार्केट के सूत्रों ने बताया कि कारीगर शिशिर बंगाली के पास कई बड़े सराफा कारोबारियों का सोना भी फंसा हुआ है। जिस कारण दोनों कारीगरों के बीच के विवाद को आपस में सुलझाने के भी प्रयास चल रहे है। इसी क्रम में पिछले एक हफ्ते सराफा कारोबारियों की पंचायत बैठा कर इस मामले पर दोनों पक्षों से बातचीत की गई और आपस में लेनदेन का हल निकालने की पूरी कोशिश की गई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।