दफ्तर के बिना शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण:अध्यक्ष के पहले दौरे पर सामने आई अव्यवस्था; कामकाज के लिए कमिश्नर से मांगा कार्यालय

क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए बनाए गए विंध्य विकास प्राधिकरण की शुरुआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई है। प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति के पहले औपचारिक नगर आगमन पर यह बात सामने आई कि कामकाज के लिए अब तक कोई स्थायी कार्यालय और बुनियादी संसाधन मौजूद नहीं हैं। प्राधिकरण के पास अपना दफ्तर और नियमित संचालन के लिए जरूरी बुनियादी संसाधन नहीं होने से बैठकों और योजनाओं की समीक्षा प्रभावित होने की आशंका है। अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने इस समस्या को लेकर संभागीय कमिश्नर से कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थायी दफ्तर के बिना प्राधिकरण का कामकाज व्यवस्थित रूप से चलाना और विकास योजनाओं पर काम करना संभव नहीं होगा। हाल ही में हुई है अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति राज्य सरकार ने हाल ही में विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन कर पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, डॉ. अजय सिंह पटेल और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के बाद क्षेत्र में विकास को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर संसाधनों की कमी ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संसाधनों की व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्राधिकरण के गठन के समय ही उससे जुड़े संसाधनों और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। वर्तमान में कार्यालय के अभाव में प्राधिकरण का फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका है। प्रशासन द्वारा भवन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद ही प्राधिकरण का विधिवत कामकाज और विकास योजनाओं का संचालन शुरू हो सकेगा।

May 4, 2026 - 07:44
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दफ्तर के बिना शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण:अध्यक्ष के पहले दौरे पर सामने आई अव्यवस्था; कामकाज के लिए कमिश्नर से मांगा कार्यालय
क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए बनाए गए विंध्य विकास प्राधिकरण की शुरुआत अव्यवस्थाओं के बीच हुई है। प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति के पहले औपचारिक नगर आगमन पर यह बात सामने आई कि कामकाज के लिए अब तक कोई स्थायी कार्यालय और बुनियादी संसाधन मौजूद नहीं हैं। प्राधिकरण के पास अपना दफ्तर और नियमित संचालन के लिए जरूरी बुनियादी संसाधन नहीं होने से बैठकों और योजनाओं की समीक्षा प्रभावित होने की आशंका है। अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने इस समस्या को लेकर संभागीय कमिश्नर से कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थायी दफ्तर के बिना प्राधिकरण का कामकाज व्यवस्थित रूप से चलाना और विकास योजनाओं पर काम करना संभव नहीं होगा। हाल ही में हुई है अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति राज्य सरकार ने हाल ही में विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन कर पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, डॉ. अजय सिंह पटेल और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के बाद क्षेत्र में विकास को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर संसाधनों की कमी ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संसाधनों की व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्राधिकरण के गठन के समय ही उससे जुड़े संसाधनों और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। वर्तमान में कार्यालय के अभाव में प्राधिकरण का फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका है। प्रशासन द्वारा भवन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद ही प्राधिकरण का विधिवत कामकाज और विकास योजनाओं का संचालन शुरू हो सकेगा।