सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में जुटी मंदसौर पुलिस:महाकुंभ में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर दी जा रही ट्रेनिंग

साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर पुलिस विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में मन्दसौर पुलिस द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आगाज़ किया गया जिसमें पुलिस अधिकारियों और जवानों को महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं के साथ बेहतर संवाद करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। सोमवार देर शाम रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल मन्दसौर पहुंचे और प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ कर उपस्थित पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी तैयारियों और प्रशिक्षण से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान एसपी विनोद कुमार मीना, एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर सहित जिले के तमाम थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। छह दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत, चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। सोमवार से छह दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत हुई है। आगामी समय में चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण अभियान अगले छह माह से लेकर एक वर्ष तक जारी रहेगा। सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियां सामान्य पुलिस ड्यूटी से अलग होती हैं। ऐसे में पुलिस बल को पहले से प्रशिक्षित करना आवश्यक है ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। मास्टर ट्रेनर्स तैयार होंगे, जिलेभर में देंगे प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किए जा रहे हैं, जो आगे चलकर जिले और अन्य क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। इन प्रशिक्षकों को सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपदा की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विशेष जानकारी दी जा रही है। श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार पर विशेष जोर कार्यशाला के दौरान पुलिसकर्मियों को यह भी बताया जा रहा है कि सिंहस्थ महाकुंभ में ड्यूटी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। डीआईजी ने कहा कि जवानों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सेवा भाव से व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यदि किसी श्रद्धालु को रास्ता पूछना हो, किसी स्थान तक पहुंचने में सहायता चाहिए हो या अन्य कोई जानकारी आवश्यक हो तो पुलिसकर्मी सहज और सकारात्मक तरीके से मदद उपलब्ध कराएं। नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को भी मिलेगा प्रशिक्षण जानकारी के अनुसार सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बड़े आयोजन के दौरान पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। महाकुंभ की चुनौतियों से निपटने के लिए अभी से तैयारी एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहती है। ऐसे आयोजन में सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को पहले से प्रशिक्षित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मन्दसौर पुलिस ने व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है, ताकि सिंहस्थ 2028 के दौरान पुलिस पूरी तरह तैयार और मुस्तेद नजर आए।

Jun 2, 2026 - 07:12
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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में जुटी मंदसौर पुलिस:महाकुंभ में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर दी जा रही ट्रेनिंग
साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर पुलिस विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में मन्दसौर पुलिस द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आगाज़ किया गया जिसमें पुलिस अधिकारियों और जवानों को महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं के साथ बेहतर संवाद करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। सोमवार देर शाम रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल मन्दसौर पहुंचे और प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ कर उपस्थित पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी तैयारियों और प्रशिक्षण से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान एसपी विनोद कुमार मीना, एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर सहित जिले के तमाम थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। छह दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत, चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। सोमवार से छह दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत हुई है। आगामी समय में चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण अभियान अगले छह माह से लेकर एक वर्ष तक जारी रहेगा। सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियां सामान्य पुलिस ड्यूटी से अलग होती हैं। ऐसे में पुलिस बल को पहले से प्रशिक्षित करना आवश्यक है ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। मास्टर ट्रेनर्स तैयार होंगे, जिलेभर में देंगे प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किए जा रहे हैं, जो आगे चलकर जिले और अन्य क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। इन प्रशिक्षकों को सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपदा की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विशेष जानकारी दी जा रही है। श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार पर विशेष जोर कार्यशाला के दौरान पुलिसकर्मियों को यह भी बताया जा रहा है कि सिंहस्थ महाकुंभ में ड्यूटी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। डीआईजी ने कहा कि जवानों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सेवा भाव से व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यदि किसी श्रद्धालु को रास्ता पूछना हो, किसी स्थान तक पहुंचने में सहायता चाहिए हो या अन्य कोई जानकारी आवश्यक हो तो पुलिसकर्मी सहज और सकारात्मक तरीके से मदद उपलब्ध कराएं। नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को भी मिलेगा प्रशिक्षण जानकारी के अनुसार सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बड़े आयोजन के दौरान पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। महाकुंभ की चुनौतियों से निपटने के लिए अभी से तैयारी एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहती है। ऐसे आयोजन में सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को पहले से प्रशिक्षित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मन्दसौर पुलिस ने व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है, ताकि सिंहस्थ 2028 के दौरान पुलिस पूरी तरह तैयार और मुस्तेद नजर आए।