ग्वालियर में हाईकोर्ट जज के बंगले से टकराई कार:डिवाइडर लांघकर बंगले की दीवार में घुसी कार, सवारों को खींचकर बाहर निकाला
ग्वालियर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सिटी सेंटर वीआईपी एरिया में शनिवार-रविवार दरमियानी रात रफ्तार एक हुंडई कार अनियंत्रित होकर सीधे हाईकोर्ट जज के बंगले की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पहले डिवाइडर पर चढ़ी और फिर बाउंड्री वॉल से जा टकराई, जिससे दीवार ढह गई। बंगले की सुरक्षा में तैनात एसएएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकाला। जैसे ही युवकों को बाहर लाया गया, उनके मुंह और कार के भीतर से आ रही शराब की बदबू से सुरक्षाकर्मी भी दंग रह गए। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। रात के सन्नाटे में गूंजी जोरदार टक्कर की आवाज विश्वविद्यालय थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात जज क्वार्टर परिसर के बाहर की है। एसएएफ में पदस्थ आरक्षक नवल सिंह और अतेंद्र सिंह की ड्यूटी रात को न्यायाधीश क्वार्टर के सुरक्षा घेरे में लगी थी। दोनों जवान जब अपना राउंड पूरा कर वापस लौट रहे थे, तभी एक सफेद रंग की हुंडई कार नंबर: MP07 CB-3634 का चालक गाड़ी को बेहद तेज रफ्तार में दौड़ाते हुए लाया। सिटी सेंटर चौराहे के पास आते ही चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर को कूदती हुई सीधे माननीय न्यायाधीश के बंगले की दीवार में जा धंसी। महलगांव के रहने वाले हैं कार सवार कार की टक्कर की आवाज सुनकर सुरक्षा में तैनात जवान तुरंत गाड़ी की तरफ दौड़े। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और एयरबैग खुल चुके थे। जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार के दरवाजे खोलकर उसमें फंसे तीन युवकों को बाहर निकाला। कार से बाहर आते ही तीनों युवक लड़खड़ाने लगे। पुलिस द्वारा की गई शिनाख्त के अनुसार, पकड़े गए कार सवारों की पहचान देवेश उर्फ देव यादव निवासी यादव हाउस, बीजासेन माता मंदिर के पास, महलगांव, ग्वालियर, सुबोध रावत पुत्र बारेलाल रावत, शिवम व्यास पुत्र प्रदीप व्यास के रूप में हुई है। तीनों युवक नशे में होने की आशंका पर जवानों ने तुरंत विश्वविद्यालय थाना पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया और तीनों को उनके सुपुर्द कर दिया। कार सवारों पर केस दर्ज विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को फिलहाल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित करने के लिए क्रेन की मदद से थाने भिजवाया है। मौके पर तैनात फरियादी आरक्षक नवल सिंह की लिखित रिपोर्ट पर पुलिस ने कार चालक और उसके साथियों के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है, जिसमें अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल की पुष्टि हुई है।
ग्वालियर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सिटी सेंटर वीआईपी एरिया में शनिवार-रविवार दरमियानी रात रफ्तार एक हुंडई कार अनियंत्रित होकर सीधे हाईकोर्ट जज के बंगले की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पहले डिवाइडर पर चढ़ी और फिर बाउंड्री वॉल से जा टकराई, जिससे दीवार ढह गई। बंगले की सुरक्षा में तैनात एसएएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकाला। जैसे ही युवकों को बाहर लाया गया, उनके मुंह और कार के भीतर से आ रही शराब की बदबू से सुरक्षाकर्मी भी दंग रह गए। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। रात के सन्नाटे में गूंजी जोरदार टक्कर की आवाज विश्वविद्यालय थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात जज क्वार्टर परिसर के बाहर की है। एसएएफ में पदस्थ आरक्षक नवल सिंह और अतेंद्र सिंह की ड्यूटी रात को न्यायाधीश क्वार्टर के सुरक्षा घेरे में लगी थी। दोनों जवान जब अपना राउंड पूरा कर वापस लौट रहे थे, तभी एक सफेद रंग की हुंडई कार नंबर: MP07 CB-3634 का चालक गाड़ी को बेहद तेज रफ्तार में दौड़ाते हुए लाया। सिटी सेंटर चौराहे के पास आते ही चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर को कूदती हुई सीधे माननीय न्यायाधीश के बंगले की दीवार में जा धंसी। महलगांव के रहने वाले हैं कार सवार कार की टक्कर की आवाज सुनकर सुरक्षा में तैनात जवान तुरंत गाड़ी की तरफ दौड़े। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और एयरबैग खुल चुके थे। जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार के दरवाजे खोलकर उसमें फंसे तीन युवकों को बाहर निकाला। कार से बाहर आते ही तीनों युवक लड़खड़ाने लगे। पुलिस द्वारा की गई शिनाख्त के अनुसार, पकड़े गए कार सवारों की पहचान देवेश उर्फ देव यादव निवासी यादव हाउस, बीजासेन माता मंदिर के पास, महलगांव, ग्वालियर, सुबोध रावत पुत्र बारेलाल रावत, शिवम व्यास पुत्र प्रदीप व्यास के रूप में हुई है। तीनों युवक नशे में होने की आशंका पर जवानों ने तुरंत विश्वविद्यालय थाना पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया और तीनों को उनके सुपुर्द कर दिया। कार सवारों पर केस दर्ज विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को फिलहाल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित करने के लिए क्रेन की मदद से थाने भिजवाया है। मौके पर तैनात फरियादी आरक्षक नवल सिंह की लिखित रिपोर्ट पर पुलिस ने कार चालक और उसके साथियों के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है, जिसमें अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल की पुष्टि हुई है।