पुजारियों के कपड़े सिलने वाले बयान पर महाकालसेना का विरोध:पत्र लिखकर महामंडलेश्वर को हटाने की मांग की

दान चोरी मामले में बिना जेब वाले कुर्ते पहनने की वकालत मेटल डिटेक्टर से जांच की मांग करने वाले महामंडलेश्वर और पुजारियों के बीच उपजा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को महाकाल सेना ने चार धाम मंदिर से जुड़े महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज पर कार्यवाही के लिए परमानंद महाराज को एक पत्र लिखकर चारधाम की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की बात लिखी है। पत्र में लिखा है कि दान चोरी को लेकर पिछले दिनों अखाड़ा परिषद अध्यक्ष और महामंडलेश्वर शांति स्वरुपानंद महाराज ने मीडिया से चोरी रोकने के लिए पुजारियों की जेब सिलने और मंदिर में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर लगाने की बात कही थी। जिसके बाद अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने नाराजगी जताते हुए इसे पुजारियों का अपमान बताया था। उन्होंने पुजारियों के मान-सम्मान को गिराने की कोशिश बताकर दोनों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही थी। सोमवार एक बार फिर मामले ने तूल पकड़ा और अब महाकाल सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री किशन पांडेय ने एक पत्र परमानंद जी महाराज को लिखा जिसमें महाकाल सेना द्वारा निंदा और विरोध करते हुए इसे चार धाम की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताते हुए कहा कि देश के समस्त पुजारियों में इस बात आक्रोश भी है इसलिए भविष्य में चारधाम की बदनामी न हो आप (परमानंद) स्वयं की बदनामी न हो, इसलिए मांग करते हैं कि इन्हें चार धाम के पद से शांतिस्वरूपानंद को हटाया जाए। पत्र में लिखा कि यदि इन्हें पद से नहीं हटाया गया तो महाकाल सेना द्वारा शांतिस्वरूपानंद का विरोध और सरकार से चारधाम के सरकारीकरण करने जैसी मांग की जाएगी।

Jul 13, 2026 - 14:37
 0  0
पुजारियों के कपड़े सिलने वाले बयान पर महाकालसेना का विरोध:पत्र लिखकर महामंडलेश्वर को हटाने की मांग की
दान चोरी मामले में बिना जेब वाले कुर्ते पहनने की वकालत मेटल डिटेक्टर से जांच की मांग करने वाले महामंडलेश्वर और पुजारियों के बीच उपजा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को महाकाल सेना ने चार धाम मंदिर से जुड़े महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज पर कार्यवाही के लिए परमानंद महाराज को एक पत्र लिखकर चारधाम की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की बात लिखी है। पत्र में लिखा है कि दान चोरी को लेकर पिछले दिनों अखाड़ा परिषद अध्यक्ष और महामंडलेश्वर शांति स्वरुपानंद महाराज ने मीडिया से चोरी रोकने के लिए पुजारियों की जेब सिलने और मंदिर में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर लगाने की बात कही थी। जिसके बाद अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने नाराजगी जताते हुए इसे पुजारियों का अपमान बताया था। उन्होंने पुजारियों के मान-सम्मान को गिराने की कोशिश बताकर दोनों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही थी। सोमवार एक बार फिर मामले ने तूल पकड़ा और अब महाकाल सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री किशन पांडेय ने एक पत्र परमानंद जी महाराज को लिखा जिसमें महाकाल सेना द्वारा निंदा और विरोध करते हुए इसे चार धाम की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताते हुए कहा कि देश के समस्त पुजारियों में इस बात आक्रोश भी है इसलिए भविष्य में चारधाम की बदनामी न हो आप (परमानंद) स्वयं की बदनामी न हो, इसलिए मांग करते हैं कि इन्हें चार धाम के पद से शांतिस्वरूपानंद को हटाया जाए। पत्र में लिखा कि यदि इन्हें पद से नहीं हटाया गया तो महाकाल सेना द्वारा शांतिस्वरूपानंद का विरोध और सरकार से चारधाम के सरकारीकरण करने जैसी मांग की जाएगी।