2 पुलिस वाहनों से बैटरियां चोरी:एसपी-कलेक्टर कार्यालय के बाहर पार्क थे, रात में चोरों ने किया कारनामा

मऊगंज जिले के प्रशासनिक परिसर में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के ठीक सामने खड़ी पुलिस की दो सरकारी गाड़ियों से अज्ञात चोरों ने रात में बैटरियां चुरा लीं। चोरों ने एक अन्य वाहन को भी निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन वे उसमें सफल नहीं हो सके। यह घटना उस परिसर में हुई है, जहाँ 24 घंटे पुलिसकर्मियों की आवाजाही, सीसीटीवी निगरानी और रात्रि गश्त का दावा किया जाता है। इसके बावजूद, चोर बेखौफ होकर सरकारी वाहनों के पुर्जे चुरा ले गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह ड्यूटी पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने वाहनों की जाँच की तो बैटरियां गायब मिलीं। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया। सूत्रों के अनुसार, एक वाहन में नई बैटरी लगाकर उसे चालू किया गया, जबकि दूसरी गाड़ी को धक्का देकर कंट्रोल रूम के सामने खड़ा किया गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। । एसपी कार्यालय के एक कर्मचारी ने मऊगंज थाने में घटना की लिखित सूचना दी है। पुलिस अब परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस घटना के बाद आम लोगों में यह चर्चा है कि जब एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने खड़े सरकारी वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो सामान्य नागरिक अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कैसे आश्वस्त रह सकते हैं। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि पुलिस इस चोरी का खुलासा कितनी जल्दी करती है और सुरक्षा व्यवस्था में सामने आई संभावित कमियों पर क्या कार्रवाई होती है। मामले की जाँच जारी है

Jul 18, 2026 - 08:31
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2 पुलिस वाहनों से बैटरियां चोरी:एसपी-कलेक्टर कार्यालय के बाहर पार्क थे, रात में चोरों ने किया कारनामा
मऊगंज जिले के प्रशासनिक परिसर में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के ठीक सामने खड़ी पुलिस की दो सरकारी गाड़ियों से अज्ञात चोरों ने रात में बैटरियां चुरा लीं। चोरों ने एक अन्य वाहन को भी निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन वे उसमें सफल नहीं हो सके। यह घटना उस परिसर में हुई है, जहाँ 24 घंटे पुलिसकर्मियों की आवाजाही, सीसीटीवी निगरानी और रात्रि गश्त का दावा किया जाता है। इसके बावजूद, चोर बेखौफ होकर सरकारी वाहनों के पुर्जे चुरा ले गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह ड्यूटी पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने वाहनों की जाँच की तो बैटरियां गायब मिलीं। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया। सूत्रों के अनुसार, एक वाहन में नई बैटरी लगाकर उसे चालू किया गया, जबकि दूसरी गाड़ी को धक्का देकर कंट्रोल रूम के सामने खड़ा किया गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। । एसपी कार्यालय के एक कर्मचारी ने मऊगंज थाने में घटना की लिखित सूचना दी है। पुलिस अब परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस घटना के बाद आम लोगों में यह चर्चा है कि जब एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने खड़े सरकारी वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो सामान्य नागरिक अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कैसे आश्वस्त रह सकते हैं। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि पुलिस इस चोरी का खुलासा कितनी जल्दी करती है और सुरक्षा व्यवस्था में सामने आई संभावित कमियों पर क्या कार्रवाई होती है। मामले की जाँच जारी है