खरगोन के किसान धीरेंद्रसिंह राठौर को कृषक फेलो सम्मान:खेती में नवाचार से 5 गुना बढ़ाई आय, प्रदेश के टॉप-3 में शामिल
खरगोन के किसान धीरेंद्रसिंह राठौर को खेती में नवाचार और फसल विविधीकरण के लिए ‘कृषक फेलो-2026’ सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदान किया गया। प्रदेशभर से चुने गए तीन नवोन्मेषी किसानों में राठौर भी शामिल रहे। पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई उद्यानिकी फसलें धीरेंद्रसिंह राठौर पहले कपास, सोयाबीन, गेहूं और चना जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने फसल विविधीकरण अपनाया और मिर्च, केला, करेला और तरबूज जैसी उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की। उन्नत तकनीक और बेहतर उत्पादन विधियों के इस्तेमाल से उनकी आय में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई। 10 साल तक कृषि विज्ञान केंद्र से लिया मार्गदर्शन राठौर ने खेती में नए प्रयोगों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, खरगोन से करीब 10 वर्षों तक मार्गदर्शन प्राप्त किया। गुणवत्तापूर्ण मिर्च नर्सरी और बेहतर उत्पादन तकनीकों के प्रयोग से उन्हें खेती में उल्लेखनीय सफलता मिली। अब दूसरे किसानों को दे रहे प्रशिक्षण सम्मान मिलने के बाद धीरेंद्रसिंह राठौर अब गोगावा एफपीओ से जुड़े किसानों को भी प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं। उनके नवाचार और सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी आधुनिक और उद्यानिकी खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
खरगोन के किसान धीरेंद्रसिंह राठौर को खेती में नवाचार और फसल विविधीकरण के लिए ‘कृषक फेलो-2026’ सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदान किया गया। प्रदेशभर से चुने गए तीन नवोन्मेषी किसानों में राठौर भी शामिल रहे। पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई उद्यानिकी फसलें धीरेंद्रसिंह राठौर पहले कपास, सोयाबीन, गेहूं और चना जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने फसल विविधीकरण अपनाया और मिर्च, केला, करेला और तरबूज जैसी उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की। उन्नत तकनीक और बेहतर उत्पादन विधियों के इस्तेमाल से उनकी आय में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई। 10 साल तक कृषि विज्ञान केंद्र से लिया मार्गदर्शन राठौर ने खेती में नए प्रयोगों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, खरगोन से करीब 10 वर्षों तक मार्गदर्शन प्राप्त किया। गुणवत्तापूर्ण मिर्च नर्सरी और बेहतर उत्पादन तकनीकों के प्रयोग से उन्हें खेती में उल्लेखनीय सफलता मिली। अब दूसरे किसानों को दे रहे प्रशिक्षण सम्मान मिलने के बाद धीरेंद्रसिंह राठौर अब गोगावा एफपीओ से जुड़े किसानों को भी प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं। उनके नवाचार और सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी आधुनिक और उद्यानिकी खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।