हरदा में 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक ढहा:मकान मालिक ने जून में दी थी लिखित शिकायत, स्कूल की छुट्टी से टला हादसा

हरदा के वार्ड क्रमांक 22 कुलहरदा में दुर्गा मंदिर के पीछे आज (शुक्रवार) सुबह करीब 7:14 बजे एक 100 साल पुराना जर्जर मकान ढह गया। हादसे के वक्त मकान में किराएदार का परिवार मौजूद था, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। यह मकान जावेद अहमद पटेल पिता स्वर्गीय सैय्यद मोहसिन अली का है। यह नजूल शीट क्रमांक 17 डी, भूखंड क्रमांक 8/1 पर स्थित है। मकान मालिक पेशे से वेल्डिंग व्यवसायी हैं। मकान मालिक जावेद पटेल ने बताया कि उन्होंने मकान की जर्जर स्थिति को लेकर 4 जून 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरदा और नगरपालिका परिषद हरदा को लिखित आवेदन दिया था। बताया था- कभी भी गिर सकती है दीवार आवेदन में बताया गया था कि मकान का एक हिस्सा पहले ही तोड़ा जा चुका है, लेकिन कोने वाला हिस्सा, जिसमें किराएदार आवेदा बी पत्नी मोहम्मद हनीफ रहती हैं, उसकी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और कभी भी गिर सकती है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण भी किया था। इस आवेदन के बाद नगरपालिका ने 27 मई 2026 को भवन निर्माण शाखा से नोटिस क्रमांक 299 जारी किया था। इसमें मकान मालिक को 7 दिन के भीतर स्वयं मकान तोड़ने का निर्देश दिया गया था, अन्यथा नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 221 के तहत निकाय द्वारा इसे गिराने की बात कही गई थी। हालांकि, नोटिस जारी करने के बाद प्रशासन ने कोई आगे की कार्रवाई नहीं की और मकान जर्जर अवस्था में ही बना रहा। यहां से स्कूली बच्चे रोजाना गुजरते हैं स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह रास्ता आबकारी रोड से जुड़ा है और यहां से स्कूली बच्चे रोजाना गुजरते हैं। आज स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्चे मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद भी मकान का आधा हिस्सा बिना सहारे के लटका हुआ है, जिसके नीचे किराएदार का सामान रखा है। यह बचा हुआ हिस्सा कभी भी गिर सकता है। रहवासियों ने नगरपालिका से तत्काल बचे हुए हिस्से को सुरक्षित रूप से गिराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद कोई जन-धन की हानि होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

Aug 28, 2026 - 08:41
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हरदा में 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक ढहा:मकान मालिक ने जून में दी थी लिखित शिकायत, स्कूल की छुट्टी से टला हादसा
हरदा के वार्ड क्रमांक 22 कुलहरदा में दुर्गा मंदिर के पीछे आज (शुक्रवार) सुबह करीब 7:14 बजे एक 100 साल पुराना जर्जर मकान ढह गया। हादसे के वक्त मकान में किराएदार का परिवार मौजूद था, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। यह मकान जावेद अहमद पटेल पिता स्वर्गीय सैय्यद मोहसिन अली का है। यह नजूल शीट क्रमांक 17 डी, भूखंड क्रमांक 8/1 पर स्थित है। मकान मालिक पेशे से वेल्डिंग व्यवसायी हैं। मकान मालिक जावेद पटेल ने बताया कि उन्होंने मकान की जर्जर स्थिति को लेकर 4 जून 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरदा और नगरपालिका परिषद हरदा को लिखित आवेदन दिया था। बताया था- कभी भी गिर सकती है दीवार आवेदन में बताया गया था कि मकान का एक हिस्सा पहले ही तोड़ा जा चुका है, लेकिन कोने वाला हिस्सा, जिसमें किराएदार आवेदा बी पत्नी मोहम्मद हनीफ रहती हैं, उसकी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और कभी भी गिर सकती है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण भी किया था। इस आवेदन के बाद नगरपालिका ने 27 मई 2026 को भवन निर्माण शाखा से नोटिस क्रमांक 299 जारी किया था। इसमें मकान मालिक को 7 दिन के भीतर स्वयं मकान तोड़ने का निर्देश दिया गया था, अन्यथा नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 221 के तहत निकाय द्वारा इसे गिराने की बात कही गई थी। हालांकि, नोटिस जारी करने के बाद प्रशासन ने कोई आगे की कार्रवाई नहीं की और मकान जर्जर अवस्था में ही बना रहा। यहां से स्कूली बच्चे रोजाना गुजरते हैं स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह रास्ता आबकारी रोड से जुड़ा है और यहां से स्कूली बच्चे रोजाना गुजरते हैं। आज स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्चे मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद भी मकान का आधा हिस्सा बिना सहारे के लटका हुआ है, जिसके नीचे किराएदार का सामान रखा है। यह बचा हुआ हिस्सा कभी भी गिर सकता है। रहवासियों ने नगरपालिका से तत्काल बचे हुए हिस्से को सुरक्षित रूप से गिराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद कोई जन-धन की हानि होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।