शराबकांड के हर केस में दर्ज हो अलग FIR:दिग्विजय सिंह बोले- अब तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला, सरकार स्पष्ट करे
सागर के बंडा में हुए शराबकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सागर पहुंचे। उन्होंने बंडा के गांवों में पहुंच कर मृतकों के परिवारों से मुलाकात की। घटनाक्रम की जानकारी ली। जिसके बाद में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती शराब सेवन से पीड़ित मरीजों से मिले। उनसे बात की। बातचीत में मरीजों ने बताया कि उन्होंने गांव में बिक रही शराब खरीद कर पी थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि अवैध शराब का जो धंधा है, वह बहुत व्यापक रूप ले चुका है। इस पूरे मामले की विधिवत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा यह शराब अगस्त के तीसरे सप्ताह से शुरू हुई, और 3 से 5 सितंबर के बीच बनी और दुकानों तक पहुंची। यह शर्मनाक घटना है कि पूरे देश में खुले आम शराब बिक रही है, लेकिन इस की ओर कोई अधिकृत कार्रवाई नहीं हो रही है। तो हम वहां की शराब दुकान बंद कर देते थे
उन्होंने कहा कि पूर्व में हमारे शासनकाल में अगर 50% महिलाएं लिख कर दे देती थी तो हम वहां की शराब दुकान बंद करवा देते थे। आगे उन्होंने ने कहा कि शराब कांड के हर केस में अलग-अलग एफआईआर दर्ज होना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। अब तक मामले में मृतकों के परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है। सरकार यह भी स्पष्ट करे कि मुआवजा जिनका संबल कार्ड है उनको मिलेगा या सभी को। इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा, शहर अध्यक्ष महेश जाटव, पूर्व विधायक तरवर लोधी नारायण प्रजापति, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, जिला संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, जिला उपाध्यक्ष मीडिया प्रभारी अभिषेक गौर, अजीत सिंह चील पहाड़ी, प्रमिला सिंह राजपूत, राजकुमार धनोरा समेत अन्य मौजूद थे।
सागर के बंडा में हुए शराबकांड के पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सागर पहुंचे। उन्होंने बंडा के गांवों में पहुंच कर मृतकों के परिवारों से मुलाकात की। घटनाक्रम की जानकारी ली। जिसके बाद में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती शराब सेवन से पीड़ित मरीजों से मिले। उनसे बात की। बातचीत में मरीजों ने बताया कि उन्होंने गांव में बिक रही शराब खरीद कर पी थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि अवैध शराब का जो धंधा है, वह बहुत व्यापक रूप ले चुका है। इस पूरे मामले की विधिवत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा यह शराब अगस्त के तीसरे सप्ताह से शुरू हुई, और 3 से 5 सितंबर के बीच बनी और दुकानों तक पहुंची। यह शर्मनाक घटना है कि पूरे देश में खुले आम शराब बिक रही है, लेकिन इस की ओर कोई अधिकृत कार्रवाई नहीं हो रही है। तो हम वहां की शराब दुकान बंद कर देते थे
उन्होंने कहा कि पूर्व में हमारे शासनकाल में अगर 50% महिलाएं लिख कर दे देती थी तो हम वहां की शराब दुकान बंद करवा देते थे। आगे उन्होंने ने कहा कि शराब कांड के हर केस में अलग-अलग एफआईआर दर्ज होना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। अब तक मामले में मृतकों के परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है। सरकार यह भी स्पष्ट करे कि मुआवजा जिनका संबल कार्ड है उनको मिलेगा या सभी को। इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा, शहर अध्यक्ष महेश जाटव, पूर्व विधायक तरवर लोधी नारायण प्रजापति, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, जिला संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, जिला उपाध्यक्ष मीडिया प्रभारी अभिषेक गौर, अजीत सिंह चील पहाड़ी, प्रमिला सिंह राजपूत, राजकुमार धनोरा समेत अन्य मौजूद थे।