कमिश्नर के निर्देश...फिर भी शिफ्ट नहीं हुआ आइसोलेशन सेंटर:ग्वालियर में लंपी से 46 गायों की मौत, रतवाई तक ले जाने में लगते हैं 4 घंटे

ग्वालियर में लंपी वायरस से संक्रमित गौवंश को शहर से दूर रतवाई स्थित आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने में चार घंटे लग रहे हैं। गंभीर हालत में पड़ी गायों को भी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है और कई बार वे घंटों वाहनों में ही पड़ी रहती हैं। समस्या को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने तीन दिन पहले आइसोलेशन सेंटर को रतवाई से मेला ग्राउंड शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सेंटर शिफ्ट नहीं हो पाया है। शहर में लंपी वायरस से संक्रमित गौवंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक 46 गौवंश की मौत हो चुकी है। निगम की हेल्पलाइन पर रोजाना 40 से 50 कॉल बीमार या संक्रमित गायों को लेकर आ रहे हैं। इन्हें रेस्क्यू करने के लिए निगम के पास 2 ट्रॉले, 2 एंबुलेंस और 3 छोटी गाड़ियां हैं। सीमित संसाधनों के साथ रतवाई की दूरी के कारण रेस्क्यू और उपचार में देरी की स्थिति बन रही है। गंभीर गायों को भी तय करना पड़ रहा लंबा सफर रतवाई सेंटर शहर से काफी दूर होने के कारण बीमार गायों को वहां तक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं। गंभीर हालत वाली गायों के लिए यह सफर और मुश्किल हो जाता है। वाहन में लंबे समय तक पड़े रहने से उनके उपचार में भी देरी होती है। वहीं एक ही सेंटर में अलग-अलग गंभीरता वाली संक्रमित गायों को रखने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। मेला ग्राउंड में सेंटर से जल्दी पहुंच सकेंगी गायें मेला ग्राउंड में आइसोलेशन सेंटर बनाने से शहर के अलग-अलग इलाकों से संक्रमित गौवंश को कम समय में पहुंचाया जा सकेगा। यहां पशु चिकित्सालय भी है, जिससे डॉक्टरों की निगरानी में उपचार और गंभीर पशुओं की देखभाल की व्यवस्था आसान हो सकती है। विशेषज्ञ संक्रमित, स्वस्थ और कम प्रभावित गौवंश को अलग-अलग रखने की जरूरत बता रहे हैं। आंखों में संक्रमण, शरीर पर गांठ और बुखार के लक्षण लंपी से संक्रमित गायों में तेज बुखार, पैरों में सूजन और शरीर पर गांठें दिखाई दे रही हैं। कई मामलों में गांठें फूटने के बाद घाव बन रहे हैं। आंखों में संक्रमण और मुंह में छाले के कारण कुछ गायें खाना भी छोड़ रही हैं। गंभीर संक्रमित पशुओं की हालत तेजी से बिगड़ सकती है, ऐसे में समय पर रेस्क्यू और उपचार जरूरी है। हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे कॉल संक्रमित या बीमार गौवंश की सूचना के लिए नगर निगम की हेल्पलाइन पर रोज 40-50 कॉल आ रहे हैं। निगम की ओर से रेस्क्यू के लिए वाहन लगाए गए हैं, लेकिन रतवाई की दूरी के कारण एक गाय को सेंटर तक पहुंचाने में लगने वाला समय दूसरी जगह के रेस्क्यू को भी प्रभावित कर रहा है। लंपी संक्रमित गायों की सूचना: 7089003178, 07512438358

Sep 16, 2026 - 07:34
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कमिश्नर के निर्देश...फिर भी शिफ्ट नहीं हुआ आइसोलेशन सेंटर:ग्वालियर में लंपी से 46 गायों की मौत, रतवाई तक ले जाने में लगते हैं 4 घंटे
ग्वालियर में लंपी वायरस से संक्रमित गौवंश को शहर से दूर रतवाई स्थित आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने में चार घंटे लग रहे हैं। गंभीर हालत में पड़ी गायों को भी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है और कई बार वे घंटों वाहनों में ही पड़ी रहती हैं। समस्या को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने तीन दिन पहले आइसोलेशन सेंटर को रतवाई से मेला ग्राउंड शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सेंटर शिफ्ट नहीं हो पाया है। शहर में लंपी वायरस से संक्रमित गौवंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक 46 गौवंश की मौत हो चुकी है। निगम की हेल्पलाइन पर रोजाना 40 से 50 कॉल बीमार या संक्रमित गायों को लेकर आ रहे हैं। इन्हें रेस्क्यू करने के लिए निगम के पास 2 ट्रॉले, 2 एंबुलेंस और 3 छोटी गाड़ियां हैं। सीमित संसाधनों के साथ रतवाई की दूरी के कारण रेस्क्यू और उपचार में देरी की स्थिति बन रही है। गंभीर गायों को भी तय करना पड़ रहा लंबा सफर रतवाई सेंटर शहर से काफी दूर होने के कारण बीमार गायों को वहां तक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं। गंभीर हालत वाली गायों के लिए यह सफर और मुश्किल हो जाता है। वाहन में लंबे समय तक पड़े रहने से उनके उपचार में भी देरी होती है। वहीं एक ही सेंटर में अलग-अलग गंभीरता वाली संक्रमित गायों को रखने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। मेला ग्राउंड में सेंटर से जल्दी पहुंच सकेंगी गायें मेला ग्राउंड में आइसोलेशन सेंटर बनाने से शहर के अलग-अलग इलाकों से संक्रमित गौवंश को कम समय में पहुंचाया जा सकेगा। यहां पशु चिकित्सालय भी है, जिससे डॉक्टरों की निगरानी में उपचार और गंभीर पशुओं की देखभाल की व्यवस्था आसान हो सकती है। विशेषज्ञ संक्रमित, स्वस्थ और कम प्रभावित गौवंश को अलग-अलग रखने की जरूरत बता रहे हैं। आंखों में संक्रमण, शरीर पर गांठ और बुखार के लक्षण लंपी से संक्रमित गायों में तेज बुखार, पैरों में सूजन और शरीर पर गांठें दिखाई दे रही हैं। कई मामलों में गांठें फूटने के बाद घाव बन रहे हैं। आंखों में संक्रमण और मुंह में छाले के कारण कुछ गायें खाना भी छोड़ रही हैं। गंभीर संक्रमित पशुओं की हालत तेजी से बिगड़ सकती है, ऐसे में समय पर रेस्क्यू और उपचार जरूरी है। हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे कॉल संक्रमित या बीमार गौवंश की सूचना के लिए नगर निगम की हेल्पलाइन पर रोज 40-50 कॉल आ रहे हैं। निगम की ओर से रेस्क्यू के लिए वाहन लगाए गए हैं, लेकिन रतवाई की दूरी के कारण एक गाय को सेंटर तक पहुंचाने में लगने वाला समय दूसरी जगह के रेस्क्यू को भी प्रभावित कर रहा है। लंपी संक्रमित गायों की सूचना: 7089003178, 07512438358