फोन पर शराब का ऑर्डर, घर तक डिलीवरी:सतना में नकली शराब बेचने के आरोप में 2 गिरफ्तार, ब्रांडेड बोतल में भरकर बेचते थे

सतना में आबकारी विभाग ने शहर में फोन पर ऑर्डर लेकर शराब की होम डिलीवरी करने वाले रैकेट का खुलासा किया है। टीम ने मास्टरमाइंड जितेंद्र कुमार उर्फ रवि साहू (38) और उसके एजेंट सुनील कुशवाहा (23) को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली शराब बेचने और होम डिलीवरी का नेटवर्क चलाने का आरोप है। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने शुरू की जांच सहायक आबकारी आयुक्त एसके उरांव ने बताया कि शहर में फोन पर शराब का ऑर्डर लेकर एजेंटों के जरिए घर तक शराब पहुंचाने की शिकायत मिली थी। ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली शराब बेचने की शिकायत भी थी। इसके बाद आबकारी टीम ने गुप्त तरीके से जांच शुरू की। 9 सितंबर को सर्किल क्रमांक-1 प्रभारी आशीष वाटिया ने अपने संपर्कों के जरिए रैकेट से जुड़े एक एजेंट से ब्रांडेड कंपनी की शराब मंगाई। बोतल की जांच में पैकिंग से छेड़छाड़ और शराब में गड़बड़ी मिली। आबकारी टीम ने शराब को आगे की जांच के लिए लैब भेज दिया है। एजेंट के जरिए भेजी शराब की डिलीवरी मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए आबकारी टीम ने सोमवार शाम दोबारा जाल बिछाया। टीम ने जितेंद्र कुमार उर्फ रवि साहू को फोन कर ब्रांडेड शराब का ऑर्डर दिया। जितेंद्र ने अपने एजेंट सुनील कुशवाहा के जरिए शराब की डिलीवरी भेजी। डिलीवरी लेकर पहुंचे सुनील को सिविल ड्रेस में तैनात आबकारी टीम ने पकड़ लिया। पूछताछ के बाद टीम ने घूरडांग स्थित जितेंद्र के घर पर छापा मारा और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई की भनक लगते ही सामान हटाया आबकारी अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई की भनक लगने के बाद जितेंद्र ने घर में रखी अवैध शराब और मोबाइल फोन हटा दिए थे। हालांकि टीम ने पूछताछ और पहले से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। अन्य लोगों और रिफिलिंग ठिकानों की तलाश आबकारी विभाग ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) और मिलावटी व जहरीली शराब के व्यापार से संबंधित धारा 49(क) के तहत केस दर्ज किया है। मंगलवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब आबकारी टीम रैकेट से जुड़े अन्य लोगों, शराब की कथित रिफिलिंग के ठिकानों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

Sep 16, 2026 - 07:34
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फोन पर शराब का ऑर्डर, घर तक डिलीवरी:सतना में नकली शराब बेचने के आरोप में 2 गिरफ्तार, ब्रांडेड बोतल में भरकर बेचते थे
सतना में आबकारी विभाग ने शहर में फोन पर ऑर्डर लेकर शराब की होम डिलीवरी करने वाले रैकेट का खुलासा किया है। टीम ने मास्टरमाइंड जितेंद्र कुमार उर्फ रवि साहू (38) और उसके एजेंट सुनील कुशवाहा (23) को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली शराब बेचने और होम डिलीवरी का नेटवर्क चलाने का आरोप है। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने शुरू की जांच सहायक आबकारी आयुक्त एसके उरांव ने बताया कि शहर में फोन पर शराब का ऑर्डर लेकर एजेंटों के जरिए घर तक शराब पहुंचाने की शिकायत मिली थी। ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली शराब बेचने की शिकायत भी थी। इसके बाद आबकारी टीम ने गुप्त तरीके से जांच शुरू की। 9 सितंबर को सर्किल क्रमांक-1 प्रभारी आशीष वाटिया ने अपने संपर्कों के जरिए रैकेट से जुड़े एक एजेंट से ब्रांडेड कंपनी की शराब मंगाई। बोतल की जांच में पैकिंग से छेड़छाड़ और शराब में गड़बड़ी मिली। आबकारी टीम ने शराब को आगे की जांच के लिए लैब भेज दिया है। एजेंट के जरिए भेजी शराब की डिलीवरी मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए आबकारी टीम ने सोमवार शाम दोबारा जाल बिछाया। टीम ने जितेंद्र कुमार उर्फ रवि साहू को फोन कर ब्रांडेड शराब का ऑर्डर दिया। जितेंद्र ने अपने एजेंट सुनील कुशवाहा के जरिए शराब की डिलीवरी भेजी। डिलीवरी लेकर पहुंचे सुनील को सिविल ड्रेस में तैनात आबकारी टीम ने पकड़ लिया। पूछताछ के बाद टीम ने घूरडांग स्थित जितेंद्र के घर पर छापा मारा और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई की भनक लगते ही सामान हटाया आबकारी अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई की भनक लगने के बाद जितेंद्र ने घर में रखी अवैध शराब और मोबाइल फोन हटा दिए थे। हालांकि टीम ने पूछताछ और पहले से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। अन्य लोगों और रिफिलिंग ठिकानों की तलाश आबकारी विभाग ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) और मिलावटी व जहरीली शराब के व्यापार से संबंधित धारा 49(क) के तहत केस दर्ज किया है। मंगलवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब आबकारी टीम रैकेट से जुड़े अन्य लोगों, शराब की कथित रिफिलिंग के ठिकानों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।