रतलाम में 1 घंटे में सरपंच उपचुनाव की मतगणना:कुशालसिंह ने 98 मत से जीत हासिल की; 6 वोटर्स ने नोटा चुना
रतलाम जनपद की ग्राम पंचायत ईटावा माताजी में सरपंच पद के लिए हुए उपचुनाव की मतगणना शनिवार को रतलाम जनपद कार्यालय में हुई। भाजपा समर्थित कुशालसिंह राठौर ने सर्वाधिक 519 वोट पाकर 98 मतों से जीत हासिल की। ग्राम पंचायत में हुए उपचुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में थे। कुल 1487 वोटरों में से 1324 ने मतदान किया था। इसमें 677 पुरुष व 647 महिला वोटर शामिल थे। कुल मतदान यहां पर 89.04 प्रतिशत हुआ था, जो प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा था। शनिवार सुबह रिटर्निंग अधिकारी प्रतिभा भाभर की उपस्थिति में जनपद कार्यालय में गणना हुई। उपचुनाव में गांव में केवल तीन मतदान केंद्र थे। तीनों मतदान केंद्रों की ईवीएम में डले वोटों की मतगणना को लेकर अलग-अलग टीम बनाई गई थी। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना एक घंटे में पूरी हो गई। निधन होने से पद रिक्त था
ग्राम इटावा माताजी में पूर्व सरपंच के निधन होने से पद खाली था। मतगणना के समय निर्वाचित कैंडिडेट के उपस्थित नहीं रहने के कारण निर्वाचन का प्रमाण पत्र देना शेष है। पूर्व में इस ग्राम पंचायत में हुए चुनाव के समय सरपंच से लेकर उपसरपंच व पंच निर्विरोध चुने गए थे।
रतलाम जनपद की ग्राम पंचायत ईटावा माताजी में सरपंच पद के लिए हुए उपचुनाव की मतगणना शनिवार को रतलाम जनपद कार्यालय में हुई। भाजपा समर्थित कुशालसिंह राठौर ने सर्वाधिक 519 वोट पाकर 98 मतों से जीत हासिल की। ग्राम पंचायत में हुए उपचुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में थे। कुल 1487 वोटरों में से 1324 ने मतदान किया था। इसमें 677 पुरुष व 647 महिला वोटर शामिल थे। कुल मतदान यहां पर 89.04 प्रतिशत हुआ था, जो प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा था। शनिवार सुबह रिटर्निंग अधिकारी प्रतिभा भाभर की उपस्थिति में जनपद कार्यालय में गणना हुई। उपचुनाव में गांव में केवल तीन मतदान केंद्र थे। तीनों मतदान केंद्रों की ईवीएम में डले वोटों की मतगणना को लेकर अलग-अलग टीम बनाई गई थी। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना एक घंटे में पूरी हो गई। निधन होने से पद रिक्त था
ग्राम इटावा माताजी में पूर्व सरपंच के निधन होने से पद खाली था। मतगणना के समय निर्वाचित कैंडिडेट के उपस्थित नहीं रहने के कारण निर्वाचन का प्रमाण पत्र देना शेष है। पूर्व में इस ग्राम पंचायत में हुए चुनाव के समय सरपंच से लेकर उपसरपंच व पंच निर्विरोध चुने गए थे।