प्रतापगढ़ में चौकी प्रभारी समेत 3 पर FIR:पॉक्सो कोर्ट ने सांगीपुर पुलिस को दिए निर्देश, रेप मामले में कार्रवाई न करने का आरोप

प्रतापगढ़ की एक पॉक्सो अदालत ने सांगीपुर पुलिस को घुइसरनाथ पुलिस चौकी प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया है। यह निर्देश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पारुल वर्मा की अदालत ने एक आवेदिका के प्रार्थना पत्र पर दिया। अदालत ने सांगीपुर पुलिस को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि घुइसरनाथ चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर इंद्रेश प्रजापति, थाना सांगीपुर में तैनात सिपाही नरेश कुमार और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना की जाए। आवेदिका ने बताया कि वह अनुसूचित जाति की एक गरीब महिला है और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ठेले पर अंडे बेचती है। उसके अनुसार, 4 जनवरी 2026 की शाम वह अपने चचेरे देवर और पिता के साथ ठेला लेकर घर लौट रही थी, तभी सड़क किनारे एक अज्ञात वाहन ने उनके ठेले में टक्कर मार दी थी। उस समय किसी परिचित के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। आवेदिका का आरोप है कि कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज इंद्रेश प्रजापति और सिपाही नरेश कुमार दो अन्य व्यक्तियों के साथ कार से उसके घर पहुंचे। वहां उसके चचेरे देवर को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया। जब उसने इसका विरोध किया, तो दरोगा, सिपाही और अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर उसके चचेरे भतीजे के साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने उसकी नाबालिग बेटियों को भी लात-घूंसे मारे और एक नाबालिग बेटी के साथ अभद्रता भी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रतापगढ़ में चौकी प्रभारी समेत 3 पर FIR:पॉक्सो कोर्ट ने सांगीपुर पुलिस को दिए निर्देश, रेप मामले में कार्रवाई न करने का आरोप
प्रतापगढ़ की एक पॉक्सो अदालत ने सांगीपुर पुलिस को घुइसरनाथ पुलिस चौकी प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया है। यह निर्देश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पारुल वर्मा की अदालत ने एक आवेदिका के प्रार्थना पत्र पर दिया। अदालत ने सांगीपुर पुलिस को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि घुइसरनाथ चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर इंद्रेश प्रजापति, थाना सांगीपुर में तैनात सिपाही नरेश कुमार और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना की जाए। आवेदिका ने बताया कि वह अनुसूचित जाति की एक गरीब महिला है और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ठेले पर अंडे बेचती है। उसके अनुसार, 4 जनवरी 2026 की शाम वह अपने चचेरे देवर और पिता के साथ ठेला लेकर घर लौट रही थी, तभी सड़क किनारे एक अज्ञात वाहन ने उनके ठेले में टक्कर मार दी थी। उस समय किसी परिचित के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। आवेदिका का आरोप है कि कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज इंद्रेश प्रजापति और सिपाही नरेश कुमार दो अन्य व्यक्तियों के साथ कार से उसके घर पहुंचे। वहां उसके चचेरे देवर को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया। जब उसने इसका विरोध किया, तो दरोगा, सिपाही और अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर उसके चचेरे भतीजे के साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने उसकी नाबालिग बेटियों को भी लात-घूंसे मारे और एक नाबालिग बेटी के साथ अभद्रता भी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।