पत्नी की हत्या में आरोपी को उम्र कैद:प्रत्यक्षदर्शी मासूम बेटियों की गवाही से पिता सलाखों के पीछे; बच्चियों के पुनर्वास-मुआवजे के भी निर्देश
पत्नी की हत्या में आरोपी को उम्र कैद:प्रत्यक्षदर्शी मासूम बेटियों की गवाही से पिता सलाखों के पीछे; बच्चियों के पुनर्वास-मुआवजे के भी निर्देश
चरित्र शंका में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को जिला कोर्ट ने उम्र कैद से दंडित किया है। खास बात यह कि केस में उसकी दोनों मासूम बेटियों और फोरेंसिक एक्सपर्ट की गवाही अहम रही। इस कारण आरोपी को सजा हुई। चूंकि पिता को उम्र कैद हुई है और मां भी इस दुनिया में नहीं है को देखते हुए कोर्ट ने दोनों बच्चियों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर भी निर्देश दिए हैं। आरोपी का नाम भारत पटेल (48) निवासी जवाहर टेकरी है। घटना 19 मई 2024 की रात 9 बजे भारत के घर में ही हुई थी। भारत का पत्नी रचना उर्फ लक्ष्मी से घर से बिना पूछे इधर-उधर जाने की बात पर विवाद हुआ। दरअसल वह उस पर शंका करता था। इस दौरान विवाद बढ़ा और भारत ने उसकी लात-मुक्कों से पिटाई शुरू कर दी। इस पर उसकी बेटियों डॉली (13) और कृष्णा (12) ने पिता को रोका तो भारत ने कहा कि तुम दोनों हमेशा मां का ही पक्ष लेती हो और लोहे की मूसली से पत्नी की पिटाई करता रहा। इस दौरान दोनों बेटियां रोकर गुहार करती रही कि मां को छोड़ दो लेकिन वह नहीं माना और पीटता रहा। दोनों बेटियों ने अपने मामा कैलाश को फोन लगाकर बुलाया। वे पहुंचे तब तक रचना मरणासन्न हो गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित किया गया। मामले में चंदन नगर पुलिस ने भारत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस ने 22 अगस्त 2024 को कोर्ट में चालान पेश किया। इसमें फरियादी बड़ी बेटी डॉली की ओर से रिपोर्ट की गई थी। सुनवाई में डॉली, छोटी बेटी कृष्णा, मामा कैलाश, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. भरत वाजपेयी सहित 10 लोगों की गवाही हुई। इसके साथ ही परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के रूप में मूसली, चप्पल, कपड़े जब्त कर सबूत के रूप में थे। इसमें दोनों बेटियों ने कोर्ट में पूरा घटनाक्रम बयां किया कि किस तरह पिता ने मां की पिटाई की थी जिससे उसकी मौत हो गई। केस में फोरेंसिक डॉ. भरत वाजपेयी की गवाही भी खास रही। उन्होंने कोर्ट को बताया कि किस तरह घातक हमले से रचना की सीने की मांसपेशियां चोटिल होकर पसलियां टूटी। इसके साथ ही फेफड़ा भी फटा हुआ था। ज्यादा ब्लीडिंग भी हुई थी। यही कारण रचना की मौत का कारण बने। यह भी स्पष्ट किया कि उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी और पूरी तरह स्वस्थ थी। करीब डेढ़ साल तक कोर्ट में सुनवाई चली। 30 जनवरी को कोर्ट ने आरोपी भारत को पत्नी रचना की हत्या में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में है। मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में उल्लेख किया कि यह अत्यन्त विडम्बनापूर्ण स्थिति है कि दोनों नाबालिग बच्चियों की मां की मौत हो चुकी है और पिता को आजीवन कारावास हुआ है। कोर्ट ने जिला प्रतिकर निर्धारण समिति (इंदौर) को दोनों बच्चियों के पुनर्वास के तहत दोनों के लिए मुआवजा के लिए पत्र लिखने के भी निर्देश दिए हैं। अभियोजन की ओर से पैरवी योगेश जायसवाल (एजीपी) ने की।
चरित्र शंका में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को जिला कोर्ट ने उम्र कैद से दंडित किया है। खास बात यह कि केस में उसकी दोनों मासूम बेटियों और फोरेंसिक एक्सपर्ट की गवाही अहम रही। इस कारण आरोपी को सजा हुई। चूंकि पिता को उम्र कैद हुई है और मां भी इस दुनिया में नहीं है को देखते हुए कोर्ट ने दोनों बच्चियों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर भी निर्देश दिए हैं। आरोपी का नाम भारत पटेल (48) निवासी जवाहर टेकरी है। घटना 19 मई 2024 की रात 9 बजे भारत के घर में ही हुई थी। भारत का पत्नी रचना उर्फ लक्ष्मी से घर से बिना पूछे इधर-उधर जाने की बात पर विवाद हुआ। दरअसल वह उस पर शंका करता था। इस दौरान विवाद बढ़ा और भारत ने उसकी लात-मुक्कों से पिटाई शुरू कर दी। इस पर उसकी बेटियों डॉली (13) और कृष्णा (12) ने पिता को रोका तो भारत ने कहा कि तुम दोनों हमेशा मां का ही पक्ष लेती हो और लोहे की मूसली से पत्नी की पिटाई करता रहा। इस दौरान दोनों बेटियां रोकर गुहार करती रही कि मां को छोड़ दो लेकिन वह नहीं माना और पीटता रहा। दोनों बेटियों ने अपने मामा कैलाश को फोन लगाकर बुलाया। वे पहुंचे तब तक रचना मरणासन्न हो गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित किया गया। मामले में चंदन नगर पुलिस ने भारत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस ने 22 अगस्त 2024 को कोर्ट में चालान पेश किया। इसमें फरियादी बड़ी बेटी डॉली की ओर से रिपोर्ट की गई थी। सुनवाई में डॉली, छोटी बेटी कृष्णा, मामा कैलाश, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. भरत वाजपेयी सहित 10 लोगों की गवाही हुई। इसके साथ ही परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के रूप में मूसली, चप्पल, कपड़े जब्त कर सबूत के रूप में थे। इसमें दोनों बेटियों ने कोर्ट में पूरा घटनाक्रम बयां किया कि किस तरह पिता ने मां की पिटाई की थी जिससे उसकी मौत हो गई। केस में फोरेंसिक डॉ. भरत वाजपेयी की गवाही भी खास रही। उन्होंने कोर्ट को बताया कि किस तरह घातक हमले से रचना की सीने की मांसपेशियां चोटिल होकर पसलियां टूटी। इसके साथ ही फेफड़ा भी फटा हुआ था। ज्यादा ब्लीडिंग भी हुई थी। यही कारण रचना की मौत का कारण बने। यह भी स्पष्ट किया कि उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी और पूरी तरह स्वस्थ थी। करीब डेढ़ साल तक कोर्ट में सुनवाई चली। 30 जनवरी को कोर्ट ने आरोपी भारत को पत्नी रचना की हत्या में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में है। मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में उल्लेख किया कि यह अत्यन्त विडम्बनापूर्ण स्थिति है कि दोनों नाबालिग बच्चियों की मां की मौत हो चुकी है और पिता को आजीवन कारावास हुआ है। कोर्ट ने जिला प्रतिकर निर्धारण समिति (इंदौर) को दोनों बच्चियों के पुनर्वास के तहत दोनों के लिए मुआवजा के लिए पत्र लिखने के भी निर्देश दिए हैं। अभियोजन की ओर से पैरवी योगेश जायसवाल (एजीपी) ने की।