नए कपड़े पहने, बेटियों को कीटनाशक खिलाकर खुद खाया:ससुर बोले- बहू गुस्सैल थी, आर्थिक तंगी भी थी; बहन ने कहा– जीजा मारपीट करते थे

शहडोल में महिला ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक खिला दिया। फिर खुद भी निगल लिया। चारों की मौत हो गई। मामला हिरवार गांव में रविवार का है। मृतक अनीता सिंह (32) और उसकी बेटियों- रितिका (7), कृष्ण कुमारी (4) और अर्पिता (2) के हैं। जांच में पता चला है कि मरने से पहले अनीता ने नई साड़ी पहनी थी। तीनों बेटियों को भी नए कपड़े पहनाए। घर का सामान भी बाहर लाकर गड्‌ढे में डालकर जला दिया। पुलिस की जांच पति गोकुल सिंह के इर्द–गिर्द घूम रही है। वह लगातार बयान भी बदल रहा है। उसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट भी निकाली जा रही है। वहीं, बड़ी बेटी रितिका ने भी मरने से पहले पुलिस को माता-पिता के झगड़े को लेकर बयान दिया है। घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 130 किलोमीटर दूर हिरवार गांव पहुंची। यहां महिला के पति गोकुल सिंह, ससुर राम नारायण, बहन और पपौंधा टीआई बालकृष्ण से बात की। घर के पास ही दफना दिए चाराें के शव पपौंध से हिरवार गांव में घुसते ही मुख्य सड़क किनारे एक घर में भीड़ थी। जैसे ही घर की तरफ बढ़े, तभी घर से 100 मीटर की दूर नजर पड़ी। यहां घर के बगल में ही चार लाशें दफनाने की प्रक्रिया चल रही थी। लोग बैठकर कानाफूसी कर रहे थे। अनीता का पति गोकुल सिंह भी वहां मौजूद था। हैरत इस बात की थी कि तीन बेटियों और पत्नी को खाने के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। यही नहीं आंसू भी नहीं थे। तीन मासूम बेटियों को दफनाने की प्रक्रिया चल रही थी। एक बड़ी कब्र खोदी गई थी। पूछने पर पता चला, इसमें अनीता को दफनाया गया है। जब गोकुल से पूछा कि गोंड समुदाय में तो दाह संस्कार करने की प्रथा है तो पत्नी को दफनाया क्यों गया है? वह इसका जवाब नहीं दे सका। वह खड़ा होकर दफनाने की प्रक्रिया समाप्त होने का इंतजार कर रहा था। मैं जब घर आया तो सब बर्बाद हो चुका था अनीता के ससुर राम नारायण ने बताया कि घटना वाले दिन मैं अपनी पत्नी ललिता के साथ तिखवा गांव गया था। जब लौटे, तब घर से धुआं उठता देखा। हम घर की तरफ बढ़े। अंदर जाकर देखा तो घर के बाहर गड्‌ढे में गृहस्थी का सामान, दस्तावेज, कपड़े, फोटो, बर्तन और अनाज खाक हो गया था। एक कमरे में बहू अनीता और दो पोतियां अर्पिता और कृष्ण कुमारी अचेत पड़ी थीं। बड़ी बेटी रितिका भी बेहोशी की हालत में थी। उसने मेरे पास आकर पूरी घटना बताई। हमने आसपास के लोगों को बताया। पुलिस को भी सूचना दी। गुस्सैल स्वभाव की थी, घर में अलग रहती थी राम नारायण ने बताया कि बहू को गुस्सा बहुत आता था। वह खुद पर काबू नहीं रख पाती थी। छोटी-छोटी बात पर हम लोगों से लड़ती थी। बेटा गोकुल हम लोगों को भी खर्च भेजता था, उस बात को लेकर अकसर लड़ती थी। वह शराब की भी आदी थी। इस कारण वह अलग रहती थी। हम एक ही घर में अलग रहते थे। खाना भी अलग-अलग पकाते थे। पति बोला– चार दिन पहले हुई थी बात, झगड़ा नहीं हुआ अनीता का पति गोकुल सिंह महाराष्ट्र के चंद्रपुर में सीमेंट फैक्ट्री में काम करता है। करीब एक साल पहले ही वह गया था। दो महीने पहले घर आया था। घटना के बाद वह सामान्य है। उसका कहना है कि किसी की गलती नहीं है। पत्नी गुस्सैल थी, इसलिए ऐसा कदम उठाया होगा। हमारा विवाद नहीं हुआ। घर में झगड़ा भी नहीं होता था। चार दिन पहले बात हुई थी। अनीता ने फोन किया था, तब मुझे नींद आ रही थी। बाद में फोन करने के लिए कहा था। बाद में उसका फोन स्विच्ड ऑफ मिला। इस बीच हमारी बात नहीं हुई। गोकुल ने बताया कि एक महीने से अनीता का भाई रामगोपाल भी मेरे साथ रहता है। वह देखता था कि मैं पत्नी का हर शौक पूरा करने का कोशिश करता हूं। यदि वह कहीं से कर्ज लेती थी तो मैं उसे चुकाता था। बेटियों को प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलाया था। आसपास सरकारी स्कूल नहीं होने के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रखा। दुकान से सामान लेने पर भुगतान करता था। फिर भी उसे पैसों की कमी बनी रहती थी। बहन बोली– जीजा करता था टॉर्चर अनीता तीन बहन हैं। सबसे बड़ी बहन रामकली की शादी भी गोकुल के ही परिवार में हुई है। रामकली ने बताया कि कि गोकुल बहन को परेशान करता था। सबसे छोटी बहन बेटी बाई ने कहा कि बहन को जीजा सबसे ज्यादा पीटता था। 9 साल शादी को हो गए। उसने कभी दीदी को खुशी से नहीं रखा। जब दूसरी बेटी गर्भ में थी तो बारिश में उन्होंने मारपीट कर घर से निकाल दिया था, उस दिन मैं भी साथ थी। वो हर दिन बहन को टॉर्चर करते थे। काश! उसके बुलाने पर आती तो बच जाती जान बेटी बाई रोते हुए कहती है कि घटना के एक रात पहले दीदी ने फोन कर मुझे घर बुलाया था। मैं नहीं आ पाई। यदि मैं उसके बुलाने पर घर आती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। जब उसने मुझे फोन किया तो वह परेशान नहीं थी। मुझे लगा कि मैं अकसर दीदी के यहां जाकर रुकती हूं, इसलिए वह बुला रही होगी। यह सोचकर नहीं आई। 1500 रुपए महीना भेजता था, कैसे होता गुजारा? बरहटा गांव में रहने वाले अनीता के पिता प्रेमलाल सिंह कहते हैं कि दामाद गोकुल मेरी बेटी को महीने में 1500 रुपए खर्च के लिए भेजता था। दो बेटियां स्कूल जाती थीं। बेटी छोटी होने से वह ज्यादा मजदूरी भी नहीं कर पाती थी। जब वह पति से खर्च के लिए पैसे मांगती तो विवाद होता। दामाद मेरी बेटी को अकसर मर जाने की बात कहता था। मजबूरन, हम लोग अपने घर से उसे कभी-कभी अनाज भी भेजते थे। तीन बेटियों के साथ वह 1500 रुपए में भला कैसे गुजारा करती? कॉल डिटेल रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज मामले की जांच कर रहे पपौंध थाना प्रभारी बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला पेचीदा है। घटना के वक्त घर में कोई मौजूद नहीं था। बड़ी बेटी के आखिरी बयान के आधार पर पुलिस जांच में जुटी है। पति बार-बार बयान बदल रहा है। मायके पक्ष के लोगों के बयान और सीडीआर मिलने के बाद किसी नतीजे पर पहुंचेगी। मामले में जांच जारी है। यह खबर भी पढ़ें मां ने 3 बेटियों को कीटनाशक खिलाया,फिर खुद भी खाया शहडोल में महिला ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक खिला दिया, फिर खुद भी निगल लिया। इससे चारों की तबीयत बिगड़ गई। बड़ी बेटी न

Jun 2, 2026 - 07:12
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नए कपड़े पहने, बेटियों को कीटनाशक खिलाकर खुद खाया:ससुर बोले- बहू गुस्सैल थी, आर्थिक तंगी भी थी; बहन ने कहा– जीजा मारपीट करते थे
शहडोल में महिला ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक खिला दिया। फिर खुद भी निगल लिया। चारों की मौत हो गई। मामला हिरवार गांव में रविवार का है। मृतक अनीता सिंह (32) और उसकी बेटियों- रितिका (7), कृष्ण कुमारी (4) और अर्पिता (2) के हैं। जांच में पता चला है कि मरने से पहले अनीता ने नई साड़ी पहनी थी। तीनों बेटियों को भी नए कपड़े पहनाए। घर का सामान भी बाहर लाकर गड्‌ढे में डालकर जला दिया। पुलिस की जांच पति गोकुल सिंह के इर्द–गिर्द घूम रही है। वह लगातार बयान भी बदल रहा है। उसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट भी निकाली जा रही है। वहीं, बड़ी बेटी रितिका ने भी मरने से पहले पुलिस को माता-पिता के झगड़े को लेकर बयान दिया है। घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 130 किलोमीटर दूर हिरवार गांव पहुंची। यहां महिला के पति गोकुल सिंह, ससुर राम नारायण, बहन और पपौंधा टीआई बालकृष्ण से बात की। घर के पास ही दफना दिए चाराें के शव पपौंध से हिरवार गांव में घुसते ही मुख्य सड़क किनारे एक घर में भीड़ थी। जैसे ही घर की तरफ बढ़े, तभी घर से 100 मीटर की दूर नजर पड़ी। यहां घर के बगल में ही चार लाशें दफनाने की प्रक्रिया चल रही थी। लोग बैठकर कानाफूसी कर रहे थे। अनीता का पति गोकुल सिंह भी वहां मौजूद था। हैरत इस बात की थी कि तीन बेटियों और पत्नी को खाने के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। यही नहीं आंसू भी नहीं थे। तीन मासूम बेटियों को दफनाने की प्रक्रिया चल रही थी। एक बड़ी कब्र खोदी गई थी। पूछने पर पता चला, इसमें अनीता को दफनाया गया है। जब गोकुल से पूछा कि गोंड समुदाय में तो दाह संस्कार करने की प्रथा है तो पत्नी को दफनाया क्यों गया है? वह इसका जवाब नहीं दे सका। वह खड़ा होकर दफनाने की प्रक्रिया समाप्त होने का इंतजार कर रहा था। मैं जब घर आया तो सब बर्बाद हो चुका था अनीता के ससुर राम नारायण ने बताया कि घटना वाले दिन मैं अपनी पत्नी ललिता के साथ तिखवा गांव गया था। जब लौटे, तब घर से धुआं उठता देखा। हम घर की तरफ बढ़े। अंदर जाकर देखा तो घर के बाहर गड्‌ढे में गृहस्थी का सामान, दस्तावेज, कपड़े, फोटो, बर्तन और अनाज खाक हो गया था। एक कमरे में बहू अनीता और दो पोतियां अर्पिता और कृष्ण कुमारी अचेत पड़ी थीं। बड़ी बेटी रितिका भी बेहोशी की हालत में थी। उसने मेरे पास आकर पूरी घटना बताई। हमने आसपास के लोगों को बताया। पुलिस को भी सूचना दी। गुस्सैल स्वभाव की थी, घर में अलग रहती थी राम नारायण ने बताया कि बहू को गुस्सा बहुत आता था। वह खुद पर काबू नहीं रख पाती थी। छोटी-छोटी बात पर हम लोगों से लड़ती थी। बेटा गोकुल हम लोगों को भी खर्च भेजता था, उस बात को लेकर अकसर लड़ती थी। वह शराब की भी आदी थी। इस कारण वह अलग रहती थी। हम एक ही घर में अलग रहते थे। खाना भी अलग-अलग पकाते थे। पति बोला– चार दिन पहले हुई थी बात, झगड़ा नहीं हुआ अनीता का पति गोकुल सिंह महाराष्ट्र के चंद्रपुर में सीमेंट फैक्ट्री में काम करता है। करीब एक साल पहले ही वह गया था। दो महीने पहले घर आया था। घटना के बाद वह सामान्य है। उसका कहना है कि किसी की गलती नहीं है। पत्नी गुस्सैल थी, इसलिए ऐसा कदम उठाया होगा। हमारा विवाद नहीं हुआ। घर में झगड़ा भी नहीं होता था। चार दिन पहले बात हुई थी। अनीता ने फोन किया था, तब मुझे नींद आ रही थी। बाद में फोन करने के लिए कहा था। बाद में उसका फोन स्विच्ड ऑफ मिला। इस बीच हमारी बात नहीं हुई। गोकुल ने बताया कि एक महीने से अनीता का भाई रामगोपाल भी मेरे साथ रहता है। वह देखता था कि मैं पत्नी का हर शौक पूरा करने का कोशिश करता हूं। यदि वह कहीं से कर्ज लेती थी तो मैं उसे चुकाता था। बेटियों को प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलाया था। आसपास सरकारी स्कूल नहीं होने के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रखा। दुकान से सामान लेने पर भुगतान करता था। फिर भी उसे पैसों की कमी बनी रहती थी। बहन बोली– जीजा करता था टॉर्चर अनीता तीन बहन हैं। सबसे बड़ी बहन रामकली की शादी भी गोकुल के ही परिवार में हुई है। रामकली ने बताया कि कि गोकुल बहन को परेशान करता था। सबसे छोटी बहन बेटी बाई ने कहा कि बहन को जीजा सबसे ज्यादा पीटता था। 9 साल शादी को हो गए। उसने कभी दीदी को खुशी से नहीं रखा। जब दूसरी बेटी गर्भ में थी तो बारिश में उन्होंने मारपीट कर घर से निकाल दिया था, उस दिन मैं भी साथ थी। वो हर दिन बहन को टॉर्चर करते थे। काश! उसके बुलाने पर आती तो बच जाती जान बेटी बाई रोते हुए कहती है कि घटना के एक रात पहले दीदी ने फोन कर मुझे घर बुलाया था। मैं नहीं आ पाई। यदि मैं उसके बुलाने पर घर आती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। जब उसने मुझे फोन किया तो वह परेशान नहीं थी। मुझे लगा कि मैं अकसर दीदी के यहां जाकर रुकती हूं, इसलिए वह बुला रही होगी। यह सोचकर नहीं आई। 1500 रुपए महीना भेजता था, कैसे होता गुजारा? बरहटा गांव में रहने वाले अनीता के पिता प्रेमलाल सिंह कहते हैं कि दामाद गोकुल मेरी बेटी को महीने में 1500 रुपए खर्च के लिए भेजता था। दो बेटियां स्कूल जाती थीं। बेटी छोटी होने से वह ज्यादा मजदूरी भी नहीं कर पाती थी। जब वह पति से खर्च के लिए पैसे मांगती तो विवाद होता। दामाद मेरी बेटी को अकसर मर जाने की बात कहता था। मजबूरन, हम लोग अपने घर से उसे कभी-कभी अनाज भी भेजते थे। तीन बेटियों के साथ वह 1500 रुपए में भला कैसे गुजारा करती? कॉल डिटेल रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज मामले की जांच कर रहे पपौंध थाना प्रभारी बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला पेचीदा है। घटना के वक्त घर में कोई मौजूद नहीं था। बड़ी बेटी के आखिरी बयान के आधार पर पुलिस जांच में जुटी है। पति बार-बार बयान बदल रहा है। मायके पक्ष के लोगों के बयान और सीडीआर मिलने के बाद किसी नतीजे पर पहुंचेगी। मामले में जांच जारी है। यह खबर भी पढ़ें मां ने 3 बेटियों को कीटनाशक खिलाया,फिर खुद भी खाया शहडोल में महिला ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक खिला दिया, फिर खुद भी निगल लिया। इससे चारों की तबीयत बिगड़ गई। बड़ी बेटी ने घर से बाहर आकर पड़ोसियों को पुकारा। सारी बात बताई। पढ़ें पूरी खबर