लेखापाल के तबादले पर प्रदर्शन, कलेक्टर से नहीं हुई मुलाकात:जनप्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर रखा ज्ञापन, निरस्त करने की मांग

आगर मालवा। नलखेड़ा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर लेखापाल शैलेंद्र जैन के स्थानांतरण का विरोध किया। कलेक्टर से मुलाकात न होने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ही ज्ञापन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया और वापस लौट गए। ज्ञापन में बताया गया कि नलखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ लेखापाल शैलेंद्र जैन का स्थानांतरण जनपद पंचायत बड़ौद कर दिया गया है। जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत जनपद पंचायत एक अर्द्धशासकीय संस्था है और स्थानांतरण जनपद पंचायत के ठहराव प्रस्ताव के बाद ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैलेंद्र जैन अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से कर रहे हैं। उनके कार्यों से जनप्रतिनिधि और कर्मचारी संतुष्ट हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उनके स्थानांतरण से नलखेड़ा जनपद पंचायत में लेखापाल का पद रिक्त हो जाएगा, जिससे शासकीय कार्य और आमजन के काम प्रभावित होंगे। जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से स्थानांतरण आदेश पर विचार कर उसे निरस्त करने की मांग की। इस दौरान जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वे कलेक्टर से चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक घंटे इंतजार के बाद भी मुलाकात न होने के कारण उन्हें ज्ञापन गेट पर रखकर लौटना पड़ा।

Jun 23, 2026 - 19:23
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लेखापाल के तबादले पर प्रदर्शन, कलेक्टर से नहीं हुई मुलाकात:जनप्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर रखा ज्ञापन, निरस्त करने की मांग
आगर मालवा। नलखेड़ा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर लेखापाल शैलेंद्र जैन के स्थानांतरण का विरोध किया। कलेक्टर से मुलाकात न होने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ही ज्ञापन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया और वापस लौट गए। ज्ञापन में बताया गया कि नलखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ लेखापाल शैलेंद्र जैन का स्थानांतरण जनपद पंचायत बड़ौद कर दिया गया है। जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत जनपद पंचायत एक अर्द्धशासकीय संस्था है और स्थानांतरण जनपद पंचायत के ठहराव प्रस्ताव के बाद ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैलेंद्र जैन अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से कर रहे हैं। उनके कार्यों से जनप्रतिनिधि और कर्मचारी संतुष्ट हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उनके स्थानांतरण से नलखेड़ा जनपद पंचायत में लेखापाल का पद रिक्त हो जाएगा, जिससे शासकीय कार्य और आमजन के काम प्रभावित होंगे। जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से स्थानांतरण आदेश पर विचार कर उसे निरस्त करने की मांग की। इस दौरान जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वे कलेक्टर से चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक घंटे इंतजार के बाद भी मुलाकात न होने के कारण उन्हें ज्ञापन गेट पर रखकर लौटना पड़ा।