हरदा में कुत्ते ने 19 लोगों को काटा:नपा की गाड़ी के ड्राइवर पर भी किया, जान बचाने घरों की छतों पर चढ़े लोग
हरदा में शुक्रवार शाम एक खूंखार आवारा कुत्ते ने जमकर आतंक मचाया। शहर के हरदौल बाबा मंदिर के पास शाम करीब 7 बजे से रात 9 बजे के बीच कुत्ते ने चार बच्चों सहित 19 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अचानक हुए हमलों से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए दुकानों और घरों के अंदर भागे, जबकि कुछ लोग छतों पर चढ़ गए। सूचना मिलने पर नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को पकड़कर अपने कब्जे में लिया। दो घंटे तक मचाया आतंक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ता लगातार लोगों पर हमला कर रहा था। वह अचानक पीछे से आकर लोगों को काट रहा था, जिससे किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिल रहा था। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। घटना के समय सड़क पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग आसपास की दुकानों में घुस गए, जबकि कुछ लोग घरों की छतों पर चढ़कर खुद को सुरक्षित करने लगे। नगर पालिका की टीम पर भी किया हमला घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम कुत्ते को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची। लेकिन कुत्ता इतना आक्रामक था कि उसने नगर पालिका की गाड़ी के ड्राइवर सागर झाझेट (26) पर भी हमला कर दिया। बताया गया कि जैसे ही ड्राइवर ने वाहन का गेट खोला, कुत्ते ने उस पर झपट्टा मारकर काट लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने लकड़ी से कुत्ते को काबू करने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद नगर पालिका कर्मचारियों ने उसे पकड़कर वाहन में डाल दिया। चार बच्चों सहित 19 लोग घायल कुत्ते के हमले में चार बच्चों सहित कुल 19 लोग घायल हुए हैं। घायलों में अनुराग महेश, अशोक प्रह्लाद, विशाल कमल, योगेश रामबक्श, सोनम अक्षय, मिथुन महेश और रामप्रसाद नबाव सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे डॉग बाइट के 19 मामले जिला अस्पताल के डॉ. अनुराग पांडे ने बताया कि शुक्रवार रात डॉग बाइट के करीब 19 मरीज अस्पताल पहुंचे। इनमें से पांच से छह लोगों की चोटें गंभीर प्रकृति की हैं। उन्होंने बताया कि सभी घायल हरदौल बाबा मंदिर क्षेत्र के हैं और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक ही कुत्ते ने इन सभी लोगों पर हमला किया है। कुत्ता काटने पर तुरंत करें यह काम डॉ. अनुराग पांडे ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले तो सबसे पहले घाव को 10 से 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इससे संक्रमण और रेबीज वायरस का खतरा कम करने में मदद मिलती है। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर उपचार और टीकाकरण है। बारिश के मौसम में बढ़ सकता है खतरा विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का मौसम कुत्तों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण कई कुत्ते सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संवेदनशील और आक्रामक हो सकते हैं। इसके अलावा लगातार भीगने, ठंड और अपने क्षेत्र या बच्चों की सुरक्षा की प्रवृत्ति भी उनके व्यवहार को आक्रामक बना सकती है। इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बच्चों का रखें विशेष ध्यान स्वास्थ्य विभाग ने लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों को देखते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें और छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग डॉग बाइट के सबसे अधिक शिकार होते हैं। इसलिए परिवार के लोगों को उन पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए। रेबीज से बचाव के लिए टीकाकरण का पूरा शेड्यूल डॉ. अनुराग पांडे के अनुसार कुत्ता काटने के बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन समय पर लगवाना बेहद जरूरी है। दिन 0 (पहला दिन): कुत्ता काटने वाले दिन जितनी जल्दी हो सके पहली खुराक लें। दिन 3: पहली खुराक के तीन दिन बाद दूसरी खुराक लगवाएं। दिन 7: पहली खुराक के सात दिन बाद तीसरी खुराक लगवाएं। दिन 14: पहली खुराक के 14 दिन बाद चौथी खुराक लगवाएं। दिन 28: कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता (इम्युनिटी) वाले मरीजों के लिए पांचवीं खुराक दी जाती है। इलाके में दहशत, लोगों ने कार्रवाई की मांग घटना के बाद हरदौल बाबा मंदिर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए नियमित अभियान चलाने और ऐसे आक्रामक कुत्तों को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हरदा में शुक्रवार शाम एक खूंखार आवारा कुत्ते ने जमकर आतंक मचाया। शहर के हरदौल बाबा मंदिर के पास शाम करीब 7 बजे से रात 9 बजे के बीच कुत्ते ने चार बच्चों सहित 19 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अचानक हुए हमलों से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए दुकानों और घरों के अंदर भागे, जबकि कुछ लोग छतों पर चढ़ गए। सूचना मिलने पर नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को पकड़कर अपने कब्जे में लिया। दो घंटे तक मचाया आतंक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ता लगातार लोगों पर हमला कर रहा था। वह अचानक पीछे से आकर लोगों को काट रहा था, जिससे किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिल रहा था। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। घटना के समय सड़क पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग आसपास की दुकानों में घुस गए, जबकि कुछ लोग घरों की छतों पर चढ़कर खुद को सुरक्षित करने लगे। नगर पालिका की टीम पर भी किया हमला घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम कुत्ते को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची। लेकिन कुत्ता इतना आक्रामक था कि उसने नगर पालिका की गाड़ी के ड्राइवर सागर झाझेट (26) पर भी हमला कर दिया। बताया गया कि जैसे ही ड्राइवर ने वाहन का गेट खोला, कुत्ते ने उस पर झपट्टा मारकर काट लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने लकड़ी से कुत्ते को काबू करने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद नगर पालिका कर्मचारियों ने उसे पकड़कर वाहन में डाल दिया। चार बच्चों सहित 19 लोग घायल कुत्ते के हमले में चार बच्चों सहित कुल 19 लोग घायल हुए हैं। घायलों में अनुराग महेश, अशोक प्रह्लाद, विशाल कमल, योगेश रामबक्श, सोनम अक्षय, मिथुन महेश और रामप्रसाद नबाव सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे डॉग बाइट के 19 मामले जिला अस्पताल के डॉ. अनुराग पांडे ने बताया कि शुक्रवार रात डॉग बाइट के करीब 19 मरीज अस्पताल पहुंचे। इनमें से पांच से छह लोगों की चोटें गंभीर प्रकृति की हैं। उन्होंने बताया कि सभी घायल हरदौल बाबा मंदिर क्षेत्र के हैं और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक ही कुत्ते ने इन सभी लोगों पर हमला किया है। कुत्ता काटने पर तुरंत करें यह काम डॉ. अनुराग पांडे ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले तो सबसे पहले घाव को 10 से 15 मिनट तक साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इससे संक्रमण और रेबीज वायरस का खतरा कम करने में मदद मिलती है। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर उपचार और टीकाकरण है। बारिश के मौसम में बढ़ सकता है खतरा विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का मौसम कुत्तों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण कई कुत्ते सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संवेदनशील और आक्रामक हो सकते हैं। इसके अलावा लगातार भीगने, ठंड और अपने क्षेत्र या बच्चों की सुरक्षा की प्रवृत्ति भी उनके व्यवहार को आक्रामक बना सकती है। इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बच्चों का रखें विशेष ध्यान स्वास्थ्य विभाग ने लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों को देखते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें और छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग डॉग बाइट के सबसे अधिक शिकार होते हैं। इसलिए परिवार के लोगों को उन पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए। रेबीज से बचाव के लिए टीकाकरण का पूरा शेड्यूल डॉ. अनुराग पांडे के अनुसार कुत्ता काटने के बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन समय पर लगवाना बेहद जरूरी है। दिन 0 (पहला दिन): कुत्ता काटने वाले दिन जितनी जल्दी हो सके पहली खुराक लें। दिन 3: पहली खुराक के तीन दिन बाद दूसरी खुराक लगवाएं। दिन 7: पहली खुराक के सात दिन बाद तीसरी खुराक लगवाएं। दिन 14: पहली खुराक के 14 दिन बाद चौथी खुराक लगवाएं। दिन 28: कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता (इम्युनिटी) वाले मरीजों के लिए पांचवीं खुराक दी जाती है। इलाके में दहशत, लोगों ने कार्रवाई की मांग घटना के बाद हरदौल बाबा मंदिर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए नियमित अभियान चलाने और ऐसे आक्रामक कुत्तों को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।