अश्लील रील्स देखकर 7 लड़कों ने किया बैड टच:छिंदवाड़ा में 7 साल की सहेली के साथ घटना; सभी नाबालिग बाल सुधार गृह भेजे गए
छिंदवाड़ा में 8 से 10 साल के 7 लड़कों द्वारा अपनी 7 वर्षीय सहेली के साथ 'बैड टच' का मामला सामने आया है। कुंडीपुरा थाना इलाके में रविवार शाम एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान यह घटना हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने सभी 7 नाबालिगों को हिरासत में लेकर नरसिंहपुर स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है। रविवार शाम को इलाके में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बच्चे भी खेल रहे थे। इसी दौरान लड़कों ने अपनी 7 साल की सहेली को खेल के बहाने घर के पीछे एक सुनसान जगह पर बुलाया। वहां उन्होंने बच्ची के निजी अंगों को छूने की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर सभी लड़के घबराकर वहां से भाग गए। मां को बताई घटना, महिला थाने में FIR
रोते हुए घर पहुंची बच्ची ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने सीधे महिला थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में अन्य धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं। पूछताछ में खुलासा- मोबाइल पर देखते थे रील्स
हिरासत में लिए गए बच्चों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वे लगातार मोबाइल पर रील्स और शॉर्ट वीडियो देखते थे। स्क्रॉलिंग के दौरान उनके सामने अश्लील और अर्धनग्न वीडियो भी आते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लगातार ऐसे वीडियो देखने के कारण बच्चों के मन में विकृत जिज्ञासा पैदा हुई, जिसके चलते उन्होंने यह हरकत की। इंटरनेट बच्चों की मासूमियत छीन रहा
गर्ल्स कॉलेज की वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नीता मालवीय ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया पर मौजूद अश्लील कंटेंट बच्चों की स्वाभाविक मासूमियत खत्म कर रहा है। कम उम्र में ऐसे कंटेंट देखने से बच्चों के भीतर असामान्य और अस्वस्थ जिज्ञासाएं पैदा हो रही हैं।' उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने की सलाह दी है।
छिंदवाड़ा में 8 से 10 साल के 7 लड़कों द्वारा अपनी 7 वर्षीय सहेली के साथ 'बैड टच' का मामला सामने आया है। कुंडीपुरा थाना इलाके में रविवार शाम एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान यह घटना हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने सभी 7 नाबालिगों को हिरासत में लेकर नरसिंहपुर स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है। रविवार शाम को इलाके में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बच्चे भी खेल रहे थे। इसी दौरान लड़कों ने अपनी 7 साल की सहेली को खेल के बहाने घर के पीछे एक सुनसान जगह पर बुलाया। वहां उन्होंने बच्ची के निजी अंगों को छूने की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर सभी लड़के घबराकर वहां से भाग गए। मां को बताई घटना, महिला थाने में FIR
रोते हुए घर पहुंची बच्ची ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने सीधे महिला थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में अन्य धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं। पूछताछ में खुलासा- मोबाइल पर देखते थे रील्स
हिरासत में लिए गए बच्चों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वे लगातार मोबाइल पर रील्स और शॉर्ट वीडियो देखते थे। स्क्रॉलिंग के दौरान उनके सामने अश्लील और अर्धनग्न वीडियो भी आते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लगातार ऐसे वीडियो देखने के कारण बच्चों के मन में विकृत जिज्ञासा पैदा हुई, जिसके चलते उन्होंने यह हरकत की। इंटरनेट बच्चों की मासूमियत छीन रहा
गर्ल्स कॉलेज की वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नीता मालवीय ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया पर मौजूद अश्लील कंटेंट बच्चों की स्वाभाविक मासूमियत खत्म कर रहा है। कम उम्र में ऐसे कंटेंट देखने से बच्चों के भीतर असामान्य और अस्वस्थ जिज्ञासाएं पैदा हो रही हैं।' उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने की सलाह दी है।