अमरकंटक रामसेतु की 12 करोड़ की लाइटिंग बंदरों ने तोड़ी:झूला पुल की चमक फीकी पड़ी; नगर परिषद ने टेंडर जारी किया
अमरकंटक के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल रामघाट पर बने रामसेतु (झूला पुल) की आकर्षक विद्युत सज्जा बंदरों के उत्पात की भेंट चढ़ गई है। करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पुल पर लगाई गई रंगीन लाइटें, केबल और सजावटी झालरें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके चलते रात में जगमगाने वाला रामसेतु अब अंधेरे में डूबा नजर आता है, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आकर्षण भी कम हुआ है। एक महीने भी नहीं टिक सकी विद्युत सज्जा स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल पर लगाई गई आधुनिक लाइटिंग मुश्किल से एक महीने तक ही पूरी तरह संचालित रही। इसके बाद बंदरों ने केबल और विद्युत झालरों को जगह-जगह से कुतर दिया, जिससे पूरी प्रकाश व्यवस्था प्रभावित हो गई। अब शाम होते ही पुल पर केवल कुछ लाइटें ही जलती दिखाई देती हैं। रात का नजारा हुआ फीका, पर्यटक भी हो रहे निराश रामसेतु की रंग-बिरंगी रोशनी देखने के लिए शाम और रात में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते थे। लेकिन लाइटिंग खराब होने के बाद पुल की खूबसूरती फीकी पड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके कारण पर्यटकों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। नगर परिषद ने मरम्मत के लिए निकाला टेंडर नगर परिषद अमरकंटक के सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने रामसेतु का संचालन और रखरखाव नगर परिषद को सौंप दिया था। पूर्व ठेकेदार से मरम्मत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने हैंडओवर का हवाला देकर काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद नगर परिषद ने तीन-चार दिन पहले मरम्मत कार्य के लिए टेंडर जारी किया है। जल्द ही नई लाइटिंग व्यवस्था स्थापित कर पुल को फिर से आकर्षक बनाया जाएगा। क्षतिग्रस्त तारों से सुरक्षा का भी खतरा स्थानीय नागरिकों ने क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और उपकरणों को सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम और नगर परिषद से मांग की है कि रामसेतु की विद्युत व्यवस्था का जल्द नवीनीकरण कराया जाए, ताकि यह धार्मिक और पर्यटन स्थल फिर से अपनी पुरानी भव्यता के साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत कर सके। तस्वीरे देखिए…
अमरकंटक के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल रामघाट पर बने रामसेतु (झूला पुल) की आकर्षक विद्युत सज्जा बंदरों के उत्पात की भेंट चढ़ गई है। करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पुल पर लगाई गई रंगीन लाइटें, केबल और सजावटी झालरें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके चलते रात में जगमगाने वाला रामसेतु अब अंधेरे में डूबा नजर आता है, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आकर्षण भी कम हुआ है। एक महीने भी नहीं टिक सकी विद्युत सज्जा स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल पर लगाई गई आधुनिक लाइटिंग मुश्किल से एक महीने तक ही पूरी तरह संचालित रही। इसके बाद बंदरों ने केबल और विद्युत झालरों को जगह-जगह से कुतर दिया, जिससे पूरी प्रकाश व्यवस्था प्रभावित हो गई। अब शाम होते ही पुल पर केवल कुछ लाइटें ही जलती दिखाई देती हैं। रात का नजारा हुआ फीका, पर्यटक भी हो रहे निराश रामसेतु की रंग-बिरंगी रोशनी देखने के लिए शाम और रात में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते थे। लेकिन लाइटिंग खराब होने के बाद पुल की खूबसूरती फीकी पड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके कारण पर्यटकों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। नगर परिषद ने मरम्मत के लिए निकाला टेंडर नगर परिषद अमरकंटक के सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने रामसेतु का संचालन और रखरखाव नगर परिषद को सौंप दिया था। पूर्व ठेकेदार से मरम्मत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने हैंडओवर का हवाला देकर काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद नगर परिषद ने तीन-चार दिन पहले मरम्मत कार्य के लिए टेंडर जारी किया है। जल्द ही नई लाइटिंग व्यवस्था स्थापित कर पुल को फिर से आकर्षक बनाया जाएगा। क्षतिग्रस्त तारों से सुरक्षा का भी खतरा स्थानीय नागरिकों ने क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और उपकरणों को सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम और नगर परिषद से मांग की है कि रामसेतु की विद्युत व्यवस्था का जल्द नवीनीकरण कराया जाए, ताकि यह धार्मिक और पर्यटन स्थल फिर से अपनी पुरानी भव्यता के साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत कर सके। तस्वीरे देखिए…