रुखड़ बफर में पर्यटकों को दिखा जेके मेल बाघ:वन मार्ग पर टहलता रहा; सैलानियों ने कैमरे में कैद किया
पेंच टाइगर रिजर्व के रुखड़ बफर क्षेत्र में रविवार को सफारी पर पहुंचे पर्यटकों को रोमांचक नजारा देखने को मिला। सफारी के दौरान प्रसिद्ध नर बाघ 'जेके मेल' अचानक वन मार्ग पर नजर आया। बाघ कुछ देर तक सड़क पर टहलता रहा, जिससे पर्यटकों को उसे बेहद करीब से देखने और कैमरों में कैद करने का मौका मिला। वन मार्ग पर दिखा बाघ, पर्यटक हुए रोमांचित रविवार को सफारी के दौरान अचानक बाघ के सामने आने से पर्यटकों में उत्साह का माहौल बन गया। सफारी वाहन में सवार लोगों ने वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्वक बाघ का दीदार किया और उसकी गतिविधियों को कैमरे में रिकॉर्ड किया। रुखड़ बफर का प्रमुख नर बाघ है 'जेके मेल' वन अधिकारियों के अनुसार, 'जेके मेल' रुखड़ बफर क्षेत्र का एक स्वस्थ और प्रभावशाली नर बाघ है, जो अक्सर अपने क्षेत्र में भ्रमण करता रहता है। सफारी के दौरान यह कई बार पर्यटकों को दिखाई देता है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों को यादगार अनुभव मिलता है। तेंदुआ, भालू और गौर भी बन रहे आकर्षण रुखड़ बफर क्षेत्र इन दिनों वन्यजीवों की सक्रियता के चलते पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां बाघ के अलावा तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते, गौर, सांभर, चीतल, नीलगाय, चौसिंगा और जंगली सूअर जैसे वन्यजीव भी अक्सर नजर आते हैं। घने सागौन और मिश्रित जंगल वन्यजीव फोटोग्राफी के लिए भी उपयुक्त माने जाते हैं। संरक्षण के बेहतर प्रयासों का दिख रहा असर वन विभाग का कहना है कि पेंच टाइगर रिजर्व में संरक्षण कार्यों और बेहतर प्रबंधन के कारण बाघों की संख्या बढ़ी है। सफारी के दौरान प्रशिक्षित गाइड और वनकर्मी पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और जंगल के नियमों की जानकारी भी देते हैं, जिससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। सप्ताहांत पर बढ़ रही पर्यटकों की संख्या रुखड़ बफर में 'जेके मेल' बाघ के दीदार ने एक बार फिर साबित किया है कि पेंच टाइगर रिजर्व वन्यजीव पर्यटन के लिए देश के प्रमुख स्थलों में शामिल है। सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों के रोमांचक दीदार के लिए पहुंच रहे हैं।
पेंच टाइगर रिजर्व के रुखड़ बफर क्षेत्र में रविवार को सफारी पर पहुंचे पर्यटकों को रोमांचक नजारा देखने को मिला। सफारी के दौरान प्रसिद्ध नर बाघ 'जेके मेल' अचानक वन मार्ग पर नजर आया। बाघ कुछ देर तक सड़क पर टहलता रहा, जिससे पर्यटकों को उसे बेहद करीब से देखने और कैमरों में कैद करने का मौका मिला। वन मार्ग पर दिखा बाघ, पर्यटक हुए रोमांचित रविवार को सफारी के दौरान अचानक बाघ के सामने आने से पर्यटकों में उत्साह का माहौल बन गया। सफारी वाहन में सवार लोगों ने वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्वक बाघ का दीदार किया और उसकी गतिविधियों को कैमरे में रिकॉर्ड किया। रुखड़ बफर का प्रमुख नर बाघ है 'जेके मेल' वन अधिकारियों के अनुसार, 'जेके मेल' रुखड़ बफर क्षेत्र का एक स्वस्थ और प्रभावशाली नर बाघ है, जो अक्सर अपने क्षेत्र में भ्रमण करता रहता है। सफारी के दौरान यह कई बार पर्यटकों को दिखाई देता है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों को यादगार अनुभव मिलता है। तेंदुआ, भालू और गौर भी बन रहे आकर्षण रुखड़ बफर क्षेत्र इन दिनों वन्यजीवों की सक्रियता के चलते पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां बाघ के अलावा तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते, गौर, सांभर, चीतल, नीलगाय, चौसिंगा और जंगली सूअर जैसे वन्यजीव भी अक्सर नजर आते हैं। घने सागौन और मिश्रित जंगल वन्यजीव फोटोग्राफी के लिए भी उपयुक्त माने जाते हैं। संरक्षण के बेहतर प्रयासों का दिख रहा असर वन विभाग का कहना है कि पेंच टाइगर रिजर्व में संरक्षण कार्यों और बेहतर प्रबंधन के कारण बाघों की संख्या बढ़ी है। सफारी के दौरान प्रशिक्षित गाइड और वनकर्मी पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और जंगल के नियमों की जानकारी भी देते हैं, जिससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। सप्ताहांत पर बढ़ रही पर्यटकों की संख्या रुखड़ बफर में 'जेके मेल' बाघ के दीदार ने एक बार फिर साबित किया है कि पेंच टाइगर रिजर्व वन्यजीव पर्यटन के लिए देश के प्रमुख स्थलों में शामिल है। सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों के रोमांचक दीदार के लिए पहुंच रहे हैं।