शाजापुर में SI संभाल रहे तीन थानों की कमान:पांच टीआई पुलिस लाइन में रिजर्व; शाजापुर पुलिस में पोस्टिंग को लेकर सवाल
शाजापुर जिले में पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां तीन थानों की कमान उप निरीक्षक (एसआई) संभाल रहे हैं, वहीं निरीक्षक (टीआई) स्तर के पांच अधिकारी लंबे समय से पुलिस लाइन में रिजर्व हैं। इस व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग के भीतर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला का कहना है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल प्रदर्शन और कार्यकुशलता के आधार पर तय की जाएगी। तीन थानों में एसआई संभाल रहे जिम्मेदारी वर्तमान में सुनेरा, मोहन बड़ोदिया और कालापीपल थानों का प्रभार उप निरीक्षकों के पास है। सुनेरा में एसआई अंकित मुकाती, मोहन बड़ोदिया में एसआई अरविंद तोमर और कालापीपल में एसआई रवि भंडारी थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। सामान्य तौर पर थाना प्रभारी का पद निरीक्षक (टीआई) स्तर के अधिकारी को दिया जाता है और उनकी अनुपस्थिति में ही एसआई को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है। पांच निरीक्षक पुलिस लाइन में रिजर्व दूसरी ओर जिले में निरीक्षक स्तर के पांच अधिकारी पुलिस लाइन में रिजर्व के रूप में पदस्थ हैं। इनमें प्रेम किशोर व्यास, भीम सिंह पटेल, मदन इवने, पंकज शाक्य और केशरबाई राजपूत शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार ये अधिकारी लंबे समय से पुलिस लाइन में तैनात हैं। विभाग के भीतर उठ रहे सवाल पुलिस विभाग के भीतर इस व्यवस्था को लेकर असंतोष की चर्चा है। एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि थाना प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर कई अधिकारियों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि कुछ पदस्थापनाओं में राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल रहा है और प्रभावशाली लोगों के करीबी अधिकारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। एसपी बोलीं- प्रदर्शन के आधार पर होगी जिम्मेदारी जिला पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी अधिकारियों का मूल्यांकन पूरी तरह निष्पक्ष और प्रदर्शन आधारित होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक थाना और अधिकारी की कार्यशैली, अपराधों के खुलासे, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता, बाउंड ओवर कार्रवाई और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी का प्रदर्शन बेहतर होगा, उसे उसी के अनुरूप जिम्मेदारी दी जाएगी। पुलिस विभाग में कार्यकुशलता और परिणामों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी तरीके से निर्णय लिए जाएंगे।
शाजापुर जिले में पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां तीन थानों की कमान उप निरीक्षक (एसआई) संभाल रहे हैं, वहीं निरीक्षक (टीआई) स्तर के पांच अधिकारी लंबे समय से पुलिस लाइन में रिजर्व हैं। इस व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग के भीतर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला का कहना है कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल प्रदर्शन और कार्यकुशलता के आधार पर तय की जाएगी। तीन थानों में एसआई संभाल रहे जिम्मेदारी वर्तमान में सुनेरा, मोहन बड़ोदिया और कालापीपल थानों का प्रभार उप निरीक्षकों के पास है। सुनेरा में एसआई अंकित मुकाती, मोहन बड़ोदिया में एसआई अरविंद तोमर और कालापीपल में एसआई रवि भंडारी थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। सामान्य तौर पर थाना प्रभारी का पद निरीक्षक (टीआई) स्तर के अधिकारी को दिया जाता है और उनकी अनुपस्थिति में ही एसआई को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है। पांच निरीक्षक पुलिस लाइन में रिजर्व दूसरी ओर जिले में निरीक्षक स्तर के पांच अधिकारी पुलिस लाइन में रिजर्व के रूप में पदस्थ हैं। इनमें प्रेम किशोर व्यास, भीम सिंह पटेल, मदन इवने, पंकज शाक्य और केशरबाई राजपूत शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार ये अधिकारी लंबे समय से पुलिस लाइन में तैनात हैं। विभाग के भीतर उठ रहे सवाल पुलिस विभाग के भीतर इस व्यवस्था को लेकर असंतोष की चर्चा है। एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि थाना प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर कई अधिकारियों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि कुछ पदस्थापनाओं में राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल रहा है और प्रभावशाली लोगों के करीबी अधिकारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। एसपी बोलीं- प्रदर्शन के आधार पर होगी जिम्मेदारी जिला पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी अधिकारियों का मूल्यांकन पूरी तरह निष्पक्ष और प्रदर्शन आधारित होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक थाना और अधिकारी की कार्यशैली, अपराधों के खुलासे, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता, बाउंड ओवर कार्रवाई और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी का प्रदर्शन बेहतर होगा, उसे उसी के अनुरूप जिम्मेदारी दी जाएगी। पुलिस विभाग में कार्यकुशलता और परिणामों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी तरीके से निर्णय लिए जाएंगे।