हनुमान मंदिर हटाने की आशंका पर ग्रामीणों का चक्काजाम:सीहोर में सड़क निर्माण का विरोध; ज्ञापन सौंप प्रदर्शन की चेतावनी दी

सीहोर में सड़क निर्माण कार्य के दौरान दिगबाड़ स्थित हनुमान मंदिर को स्थानांतरित किए जाने की आशंका के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सीहोर-रायसेन जिले की सीमा पर हुआ। चक्काजाम लगभग दो घंटे तक चला, जिसके बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से आवागमन बहाल कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा और मंदिर को यथावत रखने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अगले दिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक फिर से चक्काजाम करेंगे। उनका कहना है कि हनुमान मंदिर उनकी आस्था का केंद्र है और इसे किसी भी स्थिति में हटाया या स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मंदिर अपने वर्तमान स्थान पर ही रहेगा तथा इससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चक्काजाम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और बाहर से आए साधु-संत मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सड़क निर्माण कार्य मंदिर की धार्मिक गरिमा और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए किया जाए।

Jul 31, 2026 - 14:53
 0  0
हनुमान मंदिर हटाने की आशंका पर ग्रामीणों का चक्काजाम:सीहोर में सड़क निर्माण का विरोध; ज्ञापन सौंप प्रदर्शन की चेतावनी दी
सीहोर में सड़क निर्माण कार्य के दौरान दिगबाड़ स्थित हनुमान मंदिर को स्थानांतरित किए जाने की आशंका के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सीहोर-रायसेन जिले की सीमा पर हुआ। चक्काजाम लगभग दो घंटे तक चला, जिसके बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से आवागमन बहाल कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा और मंदिर को यथावत रखने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अगले दिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक फिर से चक्काजाम करेंगे। उनका कहना है कि हनुमान मंदिर उनकी आस्था का केंद्र है और इसे किसी भी स्थिति में हटाया या स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मंदिर अपने वर्तमान स्थान पर ही रहेगा तथा इससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चक्काजाम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और बाहर से आए साधु-संत मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सड़क निर्माण कार्य मंदिर की धार्मिक गरिमा और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए किया जाए।