आगर-मालवा में कीचड़ से निकली अंतिम यात्रा:श्मशान तक पक्का रास्ता नहीं, ग्रामीण परेशान; बोले- शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
आगर-मालवा जिले के सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मगीशपुर में शुक्रवार को बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखने को मिला। गांव में श्मशान घाट तक पक्का मार्ग न होने के कारण ग्रामीणों को घुटनों तक गहरे पानी और कीचड़ से होकर अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि, शुक्रवार को गांव के निवासी नाथूलाल विश्वकर्मा का निधन हो गया था। लगातार बारिश की वजह से श्मशान तक जाने वाला कच्चा रास्ता दलदल में बदल गया, जिससे ग्रामीणों को शव ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार शिकायत के बाद भी नहीं बना श्मशान मार्ग गांव के निवासी बालू सिंह, परमानंद और नीतूसिंह ने बताया कि यह समस्या सालों पुरानी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार पक्का रास्ता बनाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग की अंतिम संस्कार के समय परेशानी झेल रहे ग्रामीणों ने प्रशासन के विकास के दावों पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि श्मशान तक जल्द से जल्द पक्का रास्ता बनाया जाए ताकि भविष्य में लोगों को दिक्कत न हो।
आगर-मालवा जिले के सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मगीशपुर में शुक्रवार को बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखने को मिला। गांव में श्मशान घाट तक पक्का मार्ग न होने के कारण ग्रामीणों को घुटनों तक गहरे पानी और कीचड़ से होकर अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि, शुक्रवार को गांव के निवासी नाथूलाल विश्वकर्मा का निधन हो गया था। लगातार बारिश की वजह से श्मशान तक जाने वाला कच्चा रास्ता दलदल में बदल गया, जिससे ग्रामीणों को शव ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार शिकायत के बाद भी नहीं बना श्मशान मार्ग गांव के निवासी बालू सिंह, परमानंद और नीतूसिंह ने बताया कि यह समस्या सालों पुरानी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार पक्का रास्ता बनाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग की अंतिम संस्कार के समय परेशानी झेल रहे ग्रामीणों ने प्रशासन के विकास के दावों पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि श्मशान तक जल्द से जल्द पक्का रास्ता बनाया जाए ताकि भविष्य में लोगों को दिक्कत न हो।