झाबुआ में 50 किमी पैदल मार्च पर किसान:फसल बीमा न मिलने का विरोध, कलेक्टर से करेंगे मुलाकात

झाबुआ जिले के किसान लंबे समय से फसल बीमा राशि न मिलने से आक्रोशित हैं। इसी विरोध में पेटलावद क्षेत्र के बनी और रूपगढ़ गांव के किसानों ने मंगलवार सुबह झाबुआ कलेक्टर कार्यालय के लिए 50 किलोमीटर का पैदल मार्च शुरू किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकाल के लिए डेरा डालेंगे। वे अपने साथ राशन-पानी की पूरी व्यवस्था लेकर निकले हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा सैटेलाइट से सर्वे कराए जाने की बात कही जाती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर फसल बीमा के वितरण में भारी लापरवाही बरती गई है। इसके चलते पास-पास के खेतों में भी कई पात्र किसान बीमा लाभ से वंचित रह गए हैं। किसानों ने बताया कि पूर्व में भी वे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष बनी में किसानों ने चक्का जाम किया था, वहीं मांडन और गंगाखेड़ी के किसान कलेक्टर की खवासा जनसुनवाई में अपनी समस्याएं बता चुके हैं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला। उपेक्षा से नाराज किसान बनी गांव के राधा कृष्ण पाटीदार ने बताया कि लंबे इंतजार और लगातार उपेक्षा के बाद किसानों को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। रूपगढ़ से भी किसानों का एक जत्था नारेबाजी करते हुए झाबुआ की ओर रवाना हुआ है। यूनियन के पदाधिकारी शामिल भारतीय किसान यूनियन के जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि यूनियन के पदाधिकारी भी इस आंदोलन में किसानों के साथ शामिल हैं। किसानों ने प्रशासन को इस आंदोलन की पूरी जानकारी पहले ही दे दी थी। 50 किमी तक का पैदल मार्च किसान सुरेश सेप्टा ने बताया कि सभी किसान 50 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर झाबुआ पहुंचेंगे। वे जिला कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे।

Aug 4, 2026 - 07:11
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झाबुआ में 50 किमी पैदल मार्च पर किसान:फसल बीमा न मिलने का विरोध, कलेक्टर से करेंगे मुलाकात
झाबुआ जिले के किसान लंबे समय से फसल बीमा राशि न मिलने से आक्रोशित हैं। इसी विरोध में पेटलावद क्षेत्र के बनी और रूपगढ़ गांव के किसानों ने मंगलवार सुबह झाबुआ कलेक्टर कार्यालय के लिए 50 किलोमीटर का पैदल मार्च शुरू किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकाल के लिए डेरा डालेंगे। वे अपने साथ राशन-पानी की पूरी व्यवस्था लेकर निकले हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा सैटेलाइट से सर्वे कराए जाने की बात कही जाती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर फसल बीमा के वितरण में भारी लापरवाही बरती गई है। इसके चलते पास-पास के खेतों में भी कई पात्र किसान बीमा लाभ से वंचित रह गए हैं। किसानों ने बताया कि पूर्व में भी वे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष बनी में किसानों ने चक्का जाम किया था, वहीं मांडन और गंगाखेड़ी के किसान कलेक्टर की खवासा जनसुनवाई में अपनी समस्याएं बता चुके हैं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला। उपेक्षा से नाराज किसान बनी गांव के राधा कृष्ण पाटीदार ने बताया कि लंबे इंतजार और लगातार उपेक्षा के बाद किसानों को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। रूपगढ़ से भी किसानों का एक जत्था नारेबाजी करते हुए झाबुआ की ओर रवाना हुआ है। यूनियन के पदाधिकारी शामिल भारतीय किसान यूनियन के जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि यूनियन के पदाधिकारी भी इस आंदोलन में किसानों के साथ शामिल हैं। किसानों ने प्रशासन को इस आंदोलन की पूरी जानकारी पहले ही दे दी थी। 50 किमी तक का पैदल मार्च किसान सुरेश सेप्टा ने बताया कि सभी किसान 50 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर झाबुआ पहुंचेंगे। वे जिला कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे।