गुना में युवक की हत्या के तीन आरोपी गिरफ्तार:मामूली विवाद में पड़ोसियों ने की थी मारपीट; सिर पर चोट लगने से हुई थी मौत
गुना शहर की श्रीराम कॉलोनी में 45 वर्षीय लखन ओझा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि मामूली विवाद के बाद पड़ोसियों ने लखन ओझा के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर अंदरूनी चोट को मौत का कारण बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। देर रात घर पहुंचकर की गई थी मारपीट घटना गुरुवार रात की है। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले लखन ओझा की संदिग्ध मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि देर रात छह से सात लोग उनके घर पहुंचे। उन्होंने गेट खुलवाया और लखन के साथ लात-घूंसों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की। परिवार के लोग लगातार आरोपियों से छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। आरोपियों ने लखन को इतना पीटा कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत मारपीट के बाद परिजन गंभीर हालत में लखन ओझा को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। चार-पांच दिन पुराने विवाद को बताया वजह मृतक के परिजनों ने बताया कि चार से पांच दिन पहले पड़ोसियों के साथ मामूली विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि उसी रंजिश को लेकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। लखन ओझा इंदौर में फर्नीचर का काम करता था और कुछ दिन पहले ही छुट्टियां मनाने अपने घर गुना आया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ हत्या का खुलासा कोतवाली पुलिस ने बताया कि शुरुआत में मृतक के शरीर पर कोई बाहरी चोट दिखाई नहीं देने और मौत संदिग्ध लगने पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सिर में लगी गंभीर अंदरूनी चोट के कारण लखन ओझा की मौत हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से आरोपियों की पहचान जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य साक्षियों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि 30 जुलाई की रात लखन ओझा का पड़ोस में रहने वाले कल्याण कुशवाह, कल्ला कुशवाह, रूपसिंह उर्फ बबलू कुशवाह और ओमप्रकाश उर्फ सत्तू कुशवाह से विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि लखन ओझा की मौत आरोपियों की मारपीट के कारण हुई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और लगातार दबिश दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने कल्याण पुत्र बालकुमुंद कुशवाह (45 वर्ष), रूपसिंह उर्फ बबलू पुत्र बालमुकुंद कुशवाह (48 वर्ष) और ओमप्रकाश उर्फ सत्तू पुत्र रूपसिंह कुशवाह (18 वर्ष), निवासी गौड़बाबा गली, श्रीराम कॉलोनी, गुना को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले का एक अन्य आरोपी कल्ला कुशवाह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गुना शहर की श्रीराम कॉलोनी में 45 वर्षीय लखन ओझा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि मामूली विवाद के बाद पड़ोसियों ने लखन ओझा के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर अंदरूनी चोट को मौत का कारण बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। देर रात घर पहुंचकर की गई थी मारपीट घटना गुरुवार रात की है। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले लखन ओझा की संदिग्ध मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि देर रात छह से सात लोग उनके घर पहुंचे। उन्होंने गेट खुलवाया और लखन के साथ लात-घूंसों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की। परिवार के लोग लगातार आरोपियों से छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। आरोपियों ने लखन को इतना पीटा कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत मारपीट के बाद परिजन गंभीर हालत में लखन ओझा को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। चार-पांच दिन पुराने विवाद को बताया वजह मृतक के परिजनों ने बताया कि चार से पांच दिन पहले पड़ोसियों के साथ मामूली विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि उसी रंजिश को लेकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। लखन ओझा इंदौर में फर्नीचर का काम करता था और कुछ दिन पहले ही छुट्टियां मनाने अपने घर गुना आया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ हत्या का खुलासा कोतवाली पुलिस ने बताया कि शुरुआत में मृतक के शरीर पर कोई बाहरी चोट दिखाई नहीं देने और मौत संदिग्ध लगने पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सिर में लगी गंभीर अंदरूनी चोट के कारण लखन ओझा की मौत हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से आरोपियों की पहचान जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य साक्षियों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि 30 जुलाई की रात लखन ओझा का पड़ोस में रहने वाले कल्याण कुशवाह, कल्ला कुशवाह, रूपसिंह उर्फ बबलू कुशवाह और ओमप्रकाश उर्फ सत्तू कुशवाह से विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि लखन ओझा की मौत आरोपियों की मारपीट के कारण हुई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और लगातार दबिश दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने कल्याण पुत्र बालकुमुंद कुशवाह (45 वर्ष), रूपसिंह उर्फ बबलू पुत्र बालमुकुंद कुशवाह (48 वर्ष) और ओमप्रकाश उर्फ सत्तू पुत्र रूपसिंह कुशवाह (18 वर्ष), निवासी गौड़बाबा गली, श्रीराम कॉलोनी, गुना को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले का एक अन्य आरोपी कल्ला कुशवाह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।