जिला अस्पताल के OT-1 की छत से टपका गंदा पानी:ऑपरेशन थिएटर बंद; PAC रूम की फॉल्स सीलिंग भी दो बार गिरी

सतना जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के प्री-एनेस्थीसिया चेकअप (PAC) कमरे की फॉल्स सीलिंग दो बार गिर चुकी है, वहीं मेजर ऑपरेशन थिएटर-1 (OT-1) की छत से गंदा पानी टपकने की समस्या सामने आई है। इन घटनाओं के बाद OT-1 को बंद कर दिया गया है। एनेस्थीसिया विभाग के PAC कम PG ड्यूटी रूम की फॉल्स सीलिंग अलग-अलग स्थानों पर दो बार गिरी है। शिकायत के अनुसार, फॉल्स सीलिंग के ऊपर छत की स्थिति भी खराब है, जहां पानी जमा होने और सीलन के कारण कभी भी बड़ा हिस्सा गिरने का खतरा बना हुआ है। यह कमरा मरीजों की प्री-एनेस्थीसिया जांच और विभागीय कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है। OT-1 को तत्काल बंद कर दिया गया इधर, मेजर OT-1 की छत से गंदा सीपेज का पानी टपक रहा था। ऑपरेशन थिएटर के अंदर पानी गिरने से संक्रमण का गंभीर खतरा देखते हुए OT-1 को तत्काल बंद कर दिया गया है। फिलहाल, सभी ऑपरेशन मेजर OT-3 में किए जा रहे हैं। यह सवाल उठ रहा है कि जिस स्थान पर मरीजों की जान बचाने के लिए सर्जरी होती है, वहां छत से गंदा पानी टपकने की ऐसी स्थिति कैसे बनी रही। संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है मेजर OT में ऑपरेशन के दौरान छत से सीपेज का पानी टपकना एक गंभीर स्थिति है। इससे ऑपरेशन क्षेत्र और उपकरणों के संक्रमित होने का खतरा रहता है, जिससे मरीजों में संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि फॉल्स सीलिंग या छत का कमजोर हिस्सा अचानक गिरता है, तो मरीज, डॉक्टर, एनेस्थीसिया टीम और अन्य OT स्टाफ भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। एनेस्थीसिया विभाग के PAC कम PG ड्यूटी रूम में पहले भी दो अलग-अलग स्थानों पर फॉल्स सीलिंग गिर चुकी है। इसके बावजूद, समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिससे दोबारा ऐसी घटना होने का खतरा बना हुआ है। OT-1 बंद, अब OT-3 पर बढ़ा दबाव मेजर OT-1 बंद होने के बाद ऑपरेशन का काम मेजर OT-3 में किया जा रहा है। इससे OT-3 पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की स्थिति भी बन सकती है। अस्पताल प्रबंधन के सामने अब एक तरफ ऑपरेशन सेवाओं को सुचारू रखने की चुनौती है तो दूसरी तरफ मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए भवन की खराब स्थिति को तत्काल ठीक कराने की जरूरत है। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह ने बताया कि एनेस्थीसिया विभाग से शिकायत मिलने के बाद छत की रिपेयरिंग के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही सुधार हो जाएगा।

Aug 14, 2026 - 08:31
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जिला अस्पताल के OT-1 की छत से टपका गंदा पानी:ऑपरेशन थिएटर बंद; PAC रूम की फॉल्स सीलिंग भी दो बार गिरी
सतना जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के प्री-एनेस्थीसिया चेकअप (PAC) कमरे की फॉल्स सीलिंग दो बार गिर चुकी है, वहीं मेजर ऑपरेशन थिएटर-1 (OT-1) की छत से गंदा पानी टपकने की समस्या सामने आई है। इन घटनाओं के बाद OT-1 को बंद कर दिया गया है। एनेस्थीसिया विभाग के PAC कम PG ड्यूटी रूम की फॉल्स सीलिंग अलग-अलग स्थानों पर दो बार गिरी है। शिकायत के अनुसार, फॉल्स सीलिंग के ऊपर छत की स्थिति भी खराब है, जहां पानी जमा होने और सीलन के कारण कभी भी बड़ा हिस्सा गिरने का खतरा बना हुआ है। यह कमरा मरीजों की प्री-एनेस्थीसिया जांच और विभागीय कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है। OT-1 को तत्काल बंद कर दिया गया इधर, मेजर OT-1 की छत से गंदा सीपेज का पानी टपक रहा था। ऑपरेशन थिएटर के अंदर पानी गिरने से संक्रमण का गंभीर खतरा देखते हुए OT-1 को तत्काल बंद कर दिया गया है। फिलहाल, सभी ऑपरेशन मेजर OT-3 में किए जा रहे हैं। यह सवाल उठ रहा है कि जिस स्थान पर मरीजों की जान बचाने के लिए सर्जरी होती है, वहां छत से गंदा पानी टपकने की ऐसी स्थिति कैसे बनी रही। संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है मेजर OT में ऑपरेशन के दौरान छत से सीपेज का पानी टपकना एक गंभीर स्थिति है। इससे ऑपरेशन क्षेत्र और उपकरणों के संक्रमित होने का खतरा रहता है, जिससे मरीजों में संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि फॉल्स सीलिंग या छत का कमजोर हिस्सा अचानक गिरता है, तो मरीज, डॉक्टर, एनेस्थीसिया टीम और अन्य OT स्टाफ भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। एनेस्थीसिया विभाग के PAC कम PG ड्यूटी रूम में पहले भी दो अलग-अलग स्थानों पर फॉल्स सीलिंग गिर चुकी है। इसके बावजूद, समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिससे दोबारा ऐसी घटना होने का खतरा बना हुआ है। OT-1 बंद, अब OT-3 पर बढ़ा दबाव मेजर OT-1 बंद होने के बाद ऑपरेशन का काम मेजर OT-3 में किया जा रहा है। इससे OT-3 पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की स्थिति भी बन सकती है। अस्पताल प्रबंधन के सामने अब एक तरफ ऑपरेशन सेवाओं को सुचारू रखने की चुनौती है तो दूसरी तरफ मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए भवन की खराब स्थिति को तत्काल ठीक कराने की जरूरत है। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह ने बताया कि एनेस्थीसिया विभाग से शिकायत मिलने के बाद छत की रिपेयरिंग के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही सुधार हो जाएगा।