सीहोर-भैरूंदा में नकली कीटनाशकों के ठिकानों पर छापा:नामी कंपनियों के नाम घर-गोदाम में चल रही थी पैकिंग; 1.25 करोड़ की सामग्री जब्त
सीहोर जिले में नकली कीटनाशक बनाने और बाजार में खपाने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग ने पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की टीम के साथ सीहोर और भैरूंदा क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान नामी कृषि कंपनियों के ब्रांड के नाम पर तैयार किए जा रहे कथित नकली कीटनाशक, रसायन, पैकिंग सामग्री और पैकेजिंग मशीनरी जब्त की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मार्केट सर्वे के बाद हुई कार्रवाई पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विजय पंडित के मुताबिक, उनकी टीम को बाजार में क्लाइंट कंपनियों के नकली उत्पाद बिकने की सूचना मिली थी। इसके बाद संदिग्ध उत्पादों को लेकर विस्तृत मार्केट सर्वे किया गया। जांच में उत्पादों के नकली होने की पुष्टि होने के बाद उनके निर्माण और सप्लाई से जुड़े संभावित ठिकानों की पहचान की गई। इसके आधार पर कृषि विभाग की टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की गई। नकली उत्पादों के साथ केमिकल और मशीनें जब्त छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में कथित नकली कीटनाशक के अलावा कच्चे रासायनिक पदार्थ, पैकेजिंग सामग्री और पैकिंग मशीनरी बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत 1.25 करोड़ रुपए से अधिक है। सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार जाट ने बताया कि मामला दो-तीन कंपनियों के कथित नकली उत्पादों से जुड़ा है। संबंधित कंपनियों की ओर से पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रतिवेदन दिए गए हैं। एसडीओ स्तर से आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। घर और गोदाम में हो रही थी पैकिंग भैरूंदा क्षेत्र में श्रीराम कॉलोनी स्थित मुकेश कुशवाहा के घर और गोदाम पर भी दबिश दी गई। यहां चार महिलाएं कथित रूप से नकली कीटनाशकों की पैकिंग करती मिलीं। नसरुल्लागंज में की गई कार्रवाई के दौरान भी घर की महिलाओं द्वारा कथित नकली कीटनाशकों की पैकिंग किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच में इंडोफिल इंडस्ट्रीज के M-45, बेयर क्रॉप साइंस के Nativo और Antracol, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन के Rice Act और इंसेक्टिसाइड्स इंडिया के Green Label के नाम की पैकिंग सामग्री मिलने की बात सामने आई है। सप्लाई करने वाला संदिग्ध मौके से फरार कार्रवाई के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह तैयार कथित नकली उत्पादों को अलग-अलग बाजारों में सप्लाई करने का काम करता था। कार्रवाई के दौरान वह मौके से फरार हो गया। पुलिस और कृषि विभाग अब उसकी पहचान और तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ नकली कीटनाशकों के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
सीहोर जिले में नकली कीटनाशक बनाने और बाजार में खपाने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग ने पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की टीम के साथ सीहोर और भैरूंदा क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान नामी कृषि कंपनियों के ब्रांड के नाम पर तैयार किए जा रहे कथित नकली कीटनाशक, रसायन, पैकिंग सामग्री और पैकेजिंग मशीनरी जब्त की गई। जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मार्केट सर्वे के बाद हुई कार्रवाई पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विजय पंडित के मुताबिक, उनकी टीम को बाजार में क्लाइंट कंपनियों के नकली उत्पाद बिकने की सूचना मिली थी। इसके बाद संदिग्ध उत्पादों को लेकर विस्तृत मार्केट सर्वे किया गया। जांच में उत्पादों के नकली होने की पुष्टि होने के बाद उनके निर्माण और सप्लाई से जुड़े संभावित ठिकानों की पहचान की गई। इसके आधार पर कृषि विभाग की टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की गई। नकली उत्पादों के साथ केमिकल और मशीनें जब्त छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में कथित नकली कीटनाशक के अलावा कच्चे रासायनिक पदार्थ, पैकेजिंग सामग्री और पैकिंग मशीनरी बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत 1.25 करोड़ रुपए से अधिक है। सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार जाट ने बताया कि मामला दो-तीन कंपनियों के कथित नकली उत्पादों से जुड़ा है। संबंधित कंपनियों की ओर से पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रतिवेदन दिए गए हैं। एसडीओ स्तर से आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। घर और गोदाम में हो रही थी पैकिंग भैरूंदा क्षेत्र में श्रीराम कॉलोनी स्थित मुकेश कुशवाहा के घर और गोदाम पर भी दबिश दी गई। यहां चार महिलाएं कथित रूप से नकली कीटनाशकों की पैकिंग करती मिलीं। नसरुल्लागंज में की गई कार्रवाई के दौरान भी घर की महिलाओं द्वारा कथित नकली कीटनाशकों की पैकिंग किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच में इंडोफिल इंडस्ट्रीज के M-45, बेयर क्रॉप साइंस के Nativo और Antracol, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन के Rice Act और इंसेक्टिसाइड्स इंडिया के Green Label के नाम की पैकिंग सामग्री मिलने की बात सामने आई है। सप्लाई करने वाला संदिग्ध मौके से फरार कार्रवाई के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह तैयार कथित नकली उत्पादों को अलग-अलग बाजारों में सप्लाई करने का काम करता था। कार्रवाई के दौरान वह मौके से फरार हो गया। पुलिस और कृषि विभाग अब उसकी पहचान और तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ नकली कीटनाशकों के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।