भिक्षावृत्ति मुक्त- इंदौर मॉडल भोपाल में लागू करेंगे:रेस्क्यू के साथ पुर्नवास पर जोर रहेगा; कलेक्टर बोले-नशे के हॉट स्पॉट भी लिस्टेड करेंगे
भोपाल को भिक्षावृत्ति मुक्त करने की कवायद शुरू हो गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि इंदौर जैसा मॉडल भोपाल में लागू करेंगे। रेस्क्यू के साथ पुनर्वास पर भी जोर रहेगा। गुरुवार को 'नशा मुक्त भारत' और 'भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल अभियान' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर मिश्रा ने भोपाल जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए सामाजिक न्याय विभाग, नगर निगम एवं संस्था प्रवेश को समन्वय के साथ वृहद अभियान चलाने को कहा। कलेक्टर मिश्रा ने कहा, भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के रेस्क्यू के साथ ही उनके पुनर्वास और काउंसलिंग की प्रभावी व्यवस्था हो। नागरिकों को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। भोपाल को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए इंदौर के सफल पुनर्वास-केंद्रित मॉडल से सीख लेते हुए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कलेक्ट ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत जिला ड्रग डिमांड रिडक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नशे से प्रभावित हॉट-स्पॉट चिन्हित करने और स्कूल-कॉलेज में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। सामाजिक न्याय विभाग को अभियान के लिए सूक्ष्म स्तर पर विस्तृत प्लान तैयार करने को कहा। सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय
कलेक्टर मिश्रा ने लोगों से अपील की कि ड्रग्स अथवा नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी बिना भय के साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1933 अथवा पोर्टल ncbmanas.gov.in के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण कर नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई कर रही हैं।
भोपाल को भिक्षावृत्ति मुक्त करने की कवायद शुरू हो गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि इंदौर जैसा मॉडल भोपाल में लागू करेंगे। रेस्क्यू के साथ पुनर्वास पर भी जोर रहेगा। गुरुवार को 'नशा मुक्त भारत' और 'भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल अभियान' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर मिश्रा ने भोपाल जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए सामाजिक न्याय विभाग, नगर निगम एवं संस्था प्रवेश को समन्वय के साथ वृहद अभियान चलाने को कहा। कलेक्टर मिश्रा ने कहा, भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों के रेस्क्यू के साथ ही उनके पुनर्वास और काउंसलिंग की प्रभावी व्यवस्था हो। नागरिकों को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। भोपाल को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए इंदौर के सफल पुनर्वास-केंद्रित मॉडल से सीख लेते हुए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कलेक्ट ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत जिला ड्रग डिमांड रिडक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नशे से प्रभावित हॉट-स्पॉट चिन्हित करने और स्कूल-कॉलेज में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। सामाजिक न्याय विभाग को अभियान के लिए सूक्ष्म स्तर पर विस्तृत प्लान तैयार करने को कहा। सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय
कलेक्टर मिश्रा ने लोगों से अपील की कि ड्रग्स अथवा नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी बिना भय के साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1933 अथवा पोर्टल ncbmanas.gov.in के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण कर नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई कर रही हैं।