शिवपुरी में मोहिनी वियर का पहला गेट खुला:सिंध नदी में छोड़ा गया पानी, मढ़ीखेड़ा बांध 89% भरने से अलर्ट बढ़ा

शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते जल संरचनाओं में पानी की आवक बढ़ गई है। मंगलवार को मोहिनी पिकअप वियर के 13 गेटों में से एक गेट पहली बार खोला गया। इससे करीब 52.64 क्यूमेक पानी सिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं, अटल सागर मढ़ीखेड़ा बांध भी अपनी कुल क्षमता का 89.30 प्रतिशत भर चुका है। मोहिनी वियर का एक गेट खोला मोहिनी पिकअप वियर के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार सुबह करीब 6 बजे एक जलद्वार खोलकर पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। वियर में कुल 13 गेट हैं, जिनमें से फिलहाल एक गेट से लगभग 52.64 क्यूमेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। यह पानी आगे सिंध नदी में पहुंचेगा। सिंध नदी में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और संभावित डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। मोहिनी पिकअप वियर से छोड़े गए पानी का असर ख्यावदा, साबोली, सुडा, धमधौली, सीहोर, निहाबारा, सूड, पनघटा, मगरोनी और पुलाहा सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ सकता है। मढ़ीखेड़ा बांध 89.30% भरा लगातार बारिश के चलते अटल सागर मढ़ीखेड़ा बांध में भी पानी की आवक बढ़ी है। मंगलवार सुबह 11 बजे बांध का जलस्तर 344.95 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 346.25 मीटर है।बांध में वर्तमान जलसंग्रहण 745.49 एमसीयूएम दर्ज किया गया है, जो इसकी कुल क्षमता का 89.30 प्रतिशत है। फिलहाल मढ़ीखेड़ा बांध के मुख्य गेट बंद हैं और उनसे कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। हालांकि, पावर हाउस के जरिए 101.56 क्यूमेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ा तो खुल सकते हैं मुख्य गेट बारिश और जल आवक का सिलसिला जारी रहने पर मढ़ीखेड़ा बांध का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में मुख्य गेट खोलने की जरूरत पड़ सकती है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी और निचले इलाकों की ओर न जाएं तथा किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि से बचें।

Sep 1, 2026 - 12:48
 0  0
शिवपुरी में मोहिनी वियर का पहला गेट खुला:सिंध नदी में छोड़ा गया पानी, मढ़ीखेड़ा बांध 89% भरने से अलर्ट बढ़ा
शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते जल संरचनाओं में पानी की आवक बढ़ गई है। मंगलवार को मोहिनी पिकअप वियर के 13 गेटों में से एक गेट पहली बार खोला गया। इससे करीब 52.64 क्यूमेक पानी सिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं, अटल सागर मढ़ीखेड़ा बांध भी अपनी कुल क्षमता का 89.30 प्रतिशत भर चुका है। मोहिनी वियर का एक गेट खोला मोहिनी पिकअप वियर के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार सुबह करीब 6 बजे एक जलद्वार खोलकर पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। वियर में कुल 13 गेट हैं, जिनमें से फिलहाल एक गेट से लगभग 52.64 क्यूमेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। यह पानी आगे सिंध नदी में पहुंचेगा। सिंध नदी में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और संभावित डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। मोहिनी पिकअप वियर से छोड़े गए पानी का असर ख्यावदा, साबोली, सुडा, धमधौली, सीहोर, निहाबारा, सूड, पनघटा, मगरोनी और पुलाहा सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ सकता है। मढ़ीखेड़ा बांध 89.30% भरा लगातार बारिश के चलते अटल सागर मढ़ीखेड़ा बांध में भी पानी की आवक बढ़ी है। मंगलवार सुबह 11 बजे बांध का जलस्तर 344.95 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 346.25 मीटर है।बांध में वर्तमान जलसंग्रहण 745.49 एमसीयूएम दर्ज किया गया है, जो इसकी कुल क्षमता का 89.30 प्रतिशत है। फिलहाल मढ़ीखेड़ा बांध के मुख्य गेट बंद हैं और उनसे कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। हालांकि, पावर हाउस के जरिए 101.56 क्यूमेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ा तो खुल सकते हैं मुख्य गेट बारिश और जल आवक का सिलसिला जारी रहने पर मढ़ीखेड़ा बांध का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में मुख्य गेट खोलने की जरूरत पड़ सकती है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी और निचले इलाकों की ओर न जाएं तथा किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि से बचें।