किसान सिर पर मूंग की थैली रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे:हरदा में सीएम राहत कोष में जमा की, मंगलवार को नर्मदा में जल सत्याग्रह करेंगे
हरदा में भारतीय किसान संघ का ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग को लेकर धरना 10वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को किसानों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर पर एक-एक किलो मूंग रखकर कृषि उपज मंडी से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। किसानों ने सरकार द्वारा प्रति एकड़ तय की गई 1 क्विंटल 20 किलो मूंग मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई। मुंग थैलियों में भरकर सिर पर रखकर किया प्रदर्शन
किसानों का कहना है कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदने की सीमा तय की है। इतनी कम मात्रा ट्रैक्टर में कैसे लाएं। इसी के विरोध में वे एक-एक किलो मूंग पॉलीथिन में भरकर सिर पर रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें कलेक्ट्रेट के अंदर भी नहीं जाने दिया गया। भारतीय किसान संघ के जिला प्रवक्ता राजनारायण गौर ने बताया कि जिले के 40 हजार से अधिक किसानों ने कड़ी धूप में मूंग की फसल तैयार की है। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ उत्पादन 4 से 5 क्विंटल है, लेकिन सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद की मात्रा बहुत कम तय की है। इससे किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर मंडी में बेचनी पड़ रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 14 जुलाई को जल सत्याग्रह करेंगे
भारतीय किसान संघ ने घोषणा की है कि आंदोलन के 11वें दिन 14 जुलाई, मंगलवार को किसान हरदा से 20 किलोमीटर दूर हंडिया में नर्मदा नदी के तट पर जल सत्याग्रह करेंगे। इस दौरान वे शत-प्रतिशत मूंग खरीद, खाद वितरण व्यवस्था सरल करने और वर्ष 2025 की सोयाबीन बीमा राशि का जल्द भुगतान करने की मांग करेंगे। राजनारायण गौर ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर किसान भोपाल कूच करेंगे। शत-प्रतिशत मूंग खरीद की मांग को लेकर आम किसान यूनियन भी आंदोलन कर रही है। यूनियन के राम इनानिया ने बताया कि 10 जुलाई को सरकार को चेतावनी देने के लिए शहर की चारों प्रवेश सीमाओं पर सांकेतिक चक्काजाम किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार अब भी किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। 15 जुलाई को किसान नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करेंगे। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है।
हरदा में भारतीय किसान संघ का ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग को लेकर धरना 10वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को किसानों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर पर एक-एक किलो मूंग रखकर कृषि उपज मंडी से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। किसानों ने सरकार द्वारा प्रति एकड़ तय की गई 1 क्विंटल 20 किलो मूंग मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई। मुंग थैलियों में भरकर सिर पर रखकर किया प्रदर्शन
किसानों का कहना है कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदने की सीमा तय की है। इतनी कम मात्रा ट्रैक्टर में कैसे लाएं। इसी के विरोध में वे एक-एक किलो मूंग पॉलीथिन में भरकर सिर पर रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें कलेक्ट्रेट के अंदर भी नहीं जाने दिया गया। भारतीय किसान संघ के जिला प्रवक्ता राजनारायण गौर ने बताया कि जिले के 40 हजार से अधिक किसानों ने कड़ी धूप में मूंग की फसल तैयार की है। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ उत्पादन 4 से 5 क्विंटल है, लेकिन सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद की मात्रा बहुत कम तय की है। इससे किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर मंडी में बेचनी पड़ रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 14 जुलाई को जल सत्याग्रह करेंगे
भारतीय किसान संघ ने घोषणा की है कि आंदोलन के 11वें दिन 14 जुलाई, मंगलवार को किसान हरदा से 20 किलोमीटर दूर हंडिया में नर्मदा नदी के तट पर जल सत्याग्रह करेंगे। इस दौरान वे शत-प्रतिशत मूंग खरीद, खाद वितरण व्यवस्था सरल करने और वर्ष 2025 की सोयाबीन बीमा राशि का जल्द भुगतान करने की मांग करेंगे। राजनारायण गौर ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर किसान भोपाल कूच करेंगे। शत-प्रतिशत मूंग खरीद की मांग को लेकर आम किसान यूनियन भी आंदोलन कर रही है। यूनियन के राम इनानिया ने बताया कि 10 जुलाई को सरकार को चेतावनी देने के लिए शहर की चारों प्रवेश सीमाओं पर सांकेतिक चक्काजाम किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार अब भी किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। 15 जुलाई को किसान नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करेंगे। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क किया जा रहा है।