सरदार सरोवर बैकवाटर से राजघाट का जलस्तर बढ़ा:बड़वानी में हल्की बारिश जारी, पुराना पुल डूबा; खरीफ फसलों को मिली राहत
बड़वानी जिले में शुक्रवार सुबह से रिमझिम और हल्की बारिश का दौर जारी है। पिछले तीन-चार दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी खरीफ फसलों को भी नमी मिलने से फायदा हुआ है। किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही। मौसम सुहाना होने से बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ी। अब तक सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 24 जुलाई तक जिले में 228.9 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल इसी अवधि में 243.7 मिमी बारिश हुई थी। जिले की सामान्य औसत वर्षा 746.3 मिमी है, इसलिए इस बार अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। सेंधवा में सबसे ज्यादा, पानसेमल में सबसे कम बारिश तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार सेंधवा में सबसे अधिक 13.94 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके बाद चाचरिया पाटी में 12.40 इंच, राजपुर में 12.32 इंच, वरला में 11.39 इंच, पाटी में 8.22 इंच, अंजड़ में 7.33 इंच, निवाली में 7.15 इंच और बड़वानी में 6.86 इंच बारिश हुई। पानसेमल में सबसे कम 2.56 इंच वर्षा दर्ज की गई। राजघाट का पुराना पुल डूबा ऊपरी क्षेत्रों में बारिश और सरदार सरोवर बांध के बैकवाटर के कारण राजघाट में नर्मदा का जलस्तर 126.40 मीटर से बढ़कर 128 मीटर हो गया है। इससे पुराना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है, जबकि नया घाट भी डूबने की स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क एसडीएम भूपेंद्र रावत ने बताया कि राजस्व और एनडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि जलस्तर 131 मीटर तक पहुंचता है तो राजघाट पूरी तरह टापू बन सकता है। नदी किनारे की फसलें और मवेशी भी खतरे की जद में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है।
बड़वानी जिले में शुक्रवार सुबह से रिमझिम और हल्की बारिश का दौर जारी है। पिछले तीन-चार दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी खरीफ फसलों को भी नमी मिलने से फायदा हुआ है। किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही। मौसम सुहाना होने से बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ी। अब तक सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 24 जुलाई तक जिले में 228.9 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल इसी अवधि में 243.7 मिमी बारिश हुई थी। जिले की सामान्य औसत वर्षा 746.3 मिमी है, इसलिए इस बार अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। सेंधवा में सबसे ज्यादा, पानसेमल में सबसे कम बारिश तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार सेंधवा में सबसे अधिक 13.94 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके बाद चाचरिया पाटी में 12.40 इंच, राजपुर में 12.32 इंच, वरला में 11.39 इंच, पाटी में 8.22 इंच, अंजड़ में 7.33 इंच, निवाली में 7.15 इंच और बड़वानी में 6.86 इंच बारिश हुई। पानसेमल में सबसे कम 2.56 इंच वर्षा दर्ज की गई। राजघाट का पुराना पुल डूबा ऊपरी क्षेत्रों में बारिश और सरदार सरोवर बांध के बैकवाटर के कारण राजघाट में नर्मदा का जलस्तर 126.40 मीटर से बढ़कर 128 मीटर हो गया है। इससे पुराना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है, जबकि नया घाट भी डूबने की स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क एसडीएम भूपेंद्र रावत ने बताया कि राजस्व और एनडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि जलस्तर 131 मीटर तक पहुंचता है तो राजघाट पूरी तरह टापू बन सकता है। नदी किनारे की फसलें और मवेशी भी खतरे की जद में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है।