सड़क पर गिट्टी-झाड़ डालकर रास्ता बंद करने का आरोप:सतना में बच्चे-बुजुर्ग परेशान; जनसुनवाई में हो चुकी शिकायत

सतना जिले की नागौद तहसील के ग्राम छुलहा में लगभग 900 मीटर सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मुख्य मार्ग पर गिट्टी और झाड़ रखकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे आवागमन में बाधा आ रही है। इस कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल रास्ता खुलवाने और सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार पटेल के अनुसार, ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले भी धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। तब तहसीलदार प्रज्ञा दुबे और जनपद पंचायत सीईओ अशोक मिश्रा ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कलेक्टर ने निर्माण का आश्वासन दिया था ग्रामीणों ने 7 अगस्त को नागौद में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने तत्काल सड़क निर्माण संभव न होने पर कम से कम मार्ग पर मुरम डलवाने की मांग की थी। ग्रामीणों के मुताबिक, कलेक्टर ने मुरम डलवाने और बाद में सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। इसी बीच, ग्रामीणों ने रामचरण अहिरवार पर मुख्य मार्ग पर गिट्टी और झाड़ रखकर रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने पर विवाद की स्थिति भी बनी। उन्होंने इस पूरे मामले में सरपंच की भूमिका की जांच की मांग की है। चेतावनी- मांगें नहीं मानी तो प्रदर्शन करेंगे ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के बावजूद किसी तरह आवागमन हो रहा था, लेकिन अब रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मार्ग खुलवाने, मुरम डलवाने और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Aug 14, 2026 - 08:31
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सड़क पर गिट्टी-झाड़ डालकर रास्ता बंद करने का आरोप:सतना में बच्चे-बुजुर्ग परेशान; जनसुनवाई में हो चुकी शिकायत
सतना जिले की नागौद तहसील के ग्राम छुलहा में लगभग 900 मीटर सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मुख्य मार्ग पर गिट्टी और झाड़ रखकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे आवागमन में बाधा आ रही है। इस कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल रास्ता खुलवाने और सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार पटेल के अनुसार, ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले भी धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। तब तहसीलदार प्रज्ञा दुबे और जनपद पंचायत सीईओ अशोक मिश्रा ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कलेक्टर ने निर्माण का आश्वासन दिया था ग्रामीणों ने 7 अगस्त को नागौद में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने तत्काल सड़क निर्माण संभव न होने पर कम से कम मार्ग पर मुरम डलवाने की मांग की थी। ग्रामीणों के मुताबिक, कलेक्टर ने मुरम डलवाने और बाद में सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। इसी बीच, ग्रामीणों ने रामचरण अहिरवार पर मुख्य मार्ग पर गिट्टी और झाड़ रखकर रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने पर विवाद की स्थिति भी बनी। उन्होंने इस पूरे मामले में सरपंच की भूमिका की जांच की मांग की है। चेतावनी- मांगें नहीं मानी तो प्रदर्शन करेंगे ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के बावजूद किसी तरह आवागमन हो रहा था, लेकिन अब रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मार्ग खुलवाने, मुरम डलवाने और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।