शाजापुर में युवक से मारपीट:, सिर में गंभीर चोटें, 5 हजार की उधारी को लेकर हुआ था विवाद
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र के कलवा गांव के पास सोमवार सुबह घायल अवस्था में मिले मोहनलाल के मामले में नया खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आया है कि युवक के साथ मारपीट की गई थी। गंभीर हालत के चलते मोहनलाल को शाजापुर जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है। लालघाटी पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। फरियादी बग्दीराम मालवीय ने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके मामा मोहनलाल के साथ रात में मारपीट हुई है और वे शाजापुर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल पहुंचने पर मोहनलाल ने बताया कि रविवार रात करीब 8:30 बजे वे अपने घर पर थे। इसी दौरान गांव के मुकेश नरवरिया और इंदौर निवासी अशोक परमार व सतीश जायसवाल उनके घर आए। आरोप है कि तीनों मोहनलाल को जबरन घर से उठाकर सतीश की कार से रविदास मोहल्ला, दुपाड़ा स्थित सतीश के घर ले गए। वहां सतीश ने मोहनलाल से 5 हजार रुपए की उधारी लौटाने को कहा। मोहनलाल ने पहले अपनी 800 रुपए की मजदूरी देने की बात कही, जिस पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों और डंडों से मोहनलाल के साथ मारपीट की। इस मारपीट में मोहनलाल के सिर, मुंह, नाक और कान में चोटें आईं। फरियादी के अनुसार, मारपीट के बाद तीनों आरोपी मोहनलाल को कार में बैठाकर कालवा रोड किनारे बाउड़ी के पास छोड़कर चले गए। लालघाटी पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच कर आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र के कलवा गांव के पास सोमवार सुबह घायल अवस्था में मिले मोहनलाल के मामले में नया खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आया है कि युवक के साथ मारपीट की गई थी। गंभीर हालत के चलते मोहनलाल को शाजापुर जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है। लालघाटी पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। फरियादी बग्दीराम मालवीय ने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके मामा मोहनलाल के साथ रात में मारपीट हुई है और वे शाजापुर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल पहुंचने पर मोहनलाल ने बताया कि रविवार रात करीब 8:30 बजे वे अपने घर पर थे। इसी दौरान गांव के मुकेश नरवरिया और इंदौर निवासी अशोक परमार व सतीश जायसवाल उनके घर आए। आरोप है कि तीनों मोहनलाल को जबरन घर से उठाकर सतीश की कार से रविदास मोहल्ला, दुपाड़ा स्थित सतीश के घर ले गए। वहां सतीश ने मोहनलाल से 5 हजार रुपए की उधारी लौटाने को कहा। मोहनलाल ने पहले अपनी 800 रुपए की मजदूरी देने की बात कही, जिस पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों और डंडों से मोहनलाल के साथ मारपीट की। इस मारपीट में मोहनलाल के सिर, मुंह, नाक और कान में चोटें आईं। फरियादी के अनुसार, मारपीट के बाद तीनों आरोपी मोहनलाल को कार में बैठाकर कालवा रोड किनारे बाउड़ी के पास छोड़कर चले गए। लालघाटी पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच कर आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।