शहडोल में विधायक ने छोड़ा पंच सम्मेलन:बैठक व्यवस्थाओं से नाराज सरपंच-पंचों ने भी किया बहिष्कार, कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे
शहडोल में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन विवादों में घिर गया। जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह व्यवस्थाओं से नाराज होकर सम्मेलन से बाहर निकल गईं, जिसका वीडियो सामने आया है। विधायक के जाने के बाद सरपंचों, उपसरपंचों, पंचों और जनपद सदस्यों ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना सोमवार को जनपद पंचायत सोहागपुर में आयोजित 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण' प्रशिक्षण सह जिला स्तरीय पंच सम्मेलन के दौरान हुई। इस सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए थे। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर बैठक व्यवस्था और अन्य इंतजाम संतोषजनक नहीं थे। इसी दौरान विधायक मनीषा सिंह ने भी व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। वायरल वीडियो में उन्हें सम्मेलन स्थल से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। विधायक के कार्यक्रम छोड़ने के बाद अन्य जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी सामने आई। उन्होंने एकजुट होकर सम्मेलन का बहिष्कार किया और कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार कर दोबारा बेहतर तरीके से सम्मेलन आयोजित करने की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्वयं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी शिकायतें सुनीं और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों के बहिष्कार के बाद सम्मेलन की व्यवस्थाएं जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
शहडोल में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन विवादों में घिर गया। जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह व्यवस्थाओं से नाराज होकर सम्मेलन से बाहर निकल गईं, जिसका वीडियो सामने आया है। विधायक के जाने के बाद सरपंचों, उपसरपंचों, पंचों और जनपद सदस्यों ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना सोमवार को जनपद पंचायत सोहागपुर में आयोजित 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण' प्रशिक्षण सह जिला स्तरीय पंच सम्मेलन के दौरान हुई। इस सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए थे। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर बैठक व्यवस्था और अन्य इंतजाम संतोषजनक नहीं थे। इसी दौरान विधायक मनीषा सिंह ने भी व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। वायरल वीडियो में उन्हें सम्मेलन स्थल से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। विधायक के कार्यक्रम छोड़ने के बाद अन्य जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी सामने आई। उन्होंने एकजुट होकर सम्मेलन का बहिष्कार किया और कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार कर दोबारा बेहतर तरीके से सम्मेलन आयोजित करने की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्वयं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी शिकायतें सुनीं और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने का आश्वासन दिया। विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों के बहिष्कार के बाद सम्मेलन की व्यवस्थाएं जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।