सरकारी स्कूल की छत गिरी, प्राचार्य को नोटिस:डीईओ बोले- समय पर नहीं दी सूचना, यह बड़ी लापरवाही

उमरिया के अखड़ार गांव स्थित शासकीय विद्यालय में 24 जुलाई को 12वीं के कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे। इस मामले में प्राचार्य को गुरुवार शाम नोटिस जारी किया गया है। डीईओ बीएस बरकडे ने बताया कि नोटिस में पूछा गया है कि क्षतिग्रस्त भवन में क्लास क्यों लगाई गई? यह बड़ी लापरवाही है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। घटना में लवकुश गुप्ता को सिर, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें व फ्रैक्चर हैं, जबकि एक अन्य छात्र को मामूली चोट आई थी। विद्यालय प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि विद्यालय ने घायलों का इलाज कराया। संबंधित अधिकारियों को जानकारी नहीं दी। हादसे के बाद प्रभावित क्लास दूसरे कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां छत से गिरे प्लास्टर और मलबे के अवशेष पड़े हैं। घायल छात्र लवकुश गुप्ता के अनुसार वह बाथरूम से लौटकर क्लास में पहुंचा था कि अचानक छत का प्लास्टर उसके ऊपर गिर गया। घायल छात्रों को अस्पताल ले जाया गया। गांव में बच्चों के इलाज और प्लास्टर गिरने की चर्चा फैलने के बाद ही स्थानीय लोगों को हादसे की जानकारी मिली। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन भी विद्यालय पहुंचे। आरोप है कि प्राचार्य ने इलाज की जिम्मेदारी लेकर परिजनों को शांत कराया, जिससे यह मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। इसी कारण जिला शिक्षा अधिकारी तक भी घटना की जानकारी नहीं पहुंच पाई। जिला शिक्षा अधिकारी बी एस बरकडे ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि यदि घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई है, तो यह बड़ी चूक है। मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छत का प्लास्टर गिरने के मामले में जब प्रभारी प्राचार्य राकेश मिश्रा से बात की गई, तो राकेश मिश्रा ने बताया कि बच्चों की गलती के कारण प्लास्टर गिर गया हमने बताया था कि वहां पर प्लास्टर कमजोर है उसके बाद भी बच्चे वहां से निकल रहे थे इस जवाब के बाद जिम्मेदारों की जिम्मेदारी आप स्वयं ही समझ सकते हैं इसके पहले भी प्रभारी प्रचार ने मामले को छिपाने का प्रयास किया और लगभग एक हफ्ते तक किसी को सूचना नहीं दी।

Jul 31, 2026 - 14:53
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सरकारी स्कूल की छत गिरी, प्राचार्य को नोटिस:डीईओ बोले- समय पर नहीं दी सूचना, यह बड़ी लापरवाही
उमरिया के अखड़ार गांव स्थित शासकीय विद्यालय में 24 जुलाई को 12वीं के कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे। इस मामले में प्राचार्य को गुरुवार शाम नोटिस जारी किया गया है। डीईओ बीएस बरकडे ने बताया कि नोटिस में पूछा गया है कि क्षतिग्रस्त भवन में क्लास क्यों लगाई गई? यह बड़ी लापरवाही है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। घटना में लवकुश गुप्ता को सिर, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें व फ्रैक्चर हैं, जबकि एक अन्य छात्र को मामूली चोट आई थी। विद्यालय प्रबंधन पर मामले को दबाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि विद्यालय ने घायलों का इलाज कराया। संबंधित अधिकारियों को जानकारी नहीं दी। हादसे के बाद प्रभावित क्लास दूसरे कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां छत से गिरे प्लास्टर और मलबे के अवशेष पड़े हैं। घायल छात्र लवकुश गुप्ता के अनुसार वह बाथरूम से लौटकर क्लास में पहुंचा था कि अचानक छत का प्लास्टर उसके ऊपर गिर गया। घायल छात्रों को अस्पताल ले जाया गया। गांव में बच्चों के इलाज और प्लास्टर गिरने की चर्चा फैलने के बाद ही स्थानीय लोगों को हादसे की जानकारी मिली। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन भी विद्यालय पहुंचे। आरोप है कि प्राचार्य ने इलाज की जिम्मेदारी लेकर परिजनों को शांत कराया, जिससे यह मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। इसी कारण जिला शिक्षा अधिकारी तक भी घटना की जानकारी नहीं पहुंच पाई। जिला शिक्षा अधिकारी बी एस बरकडे ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि यदि घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई है, तो यह बड़ी चूक है। मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छत का प्लास्टर गिरने के मामले में जब प्रभारी प्राचार्य राकेश मिश्रा से बात की गई, तो राकेश मिश्रा ने बताया कि बच्चों की गलती के कारण प्लास्टर गिर गया हमने बताया था कि वहां पर प्लास्टर कमजोर है उसके बाद भी बच्चे वहां से निकल रहे थे इस जवाब के बाद जिम्मेदारों की जिम्मेदारी आप स्वयं ही समझ सकते हैं इसके पहले भी प्रभारी प्रचार ने मामले को छिपाने का प्रयास किया और लगभग एक हफ्ते तक किसी को सूचना नहीं दी।