जबलपुर में रिटायर्ड कर्मचारी से 32 लाख की ठगी:अंधविश्वास और साइबर फ्रॉड का डर दिखाकर लूटा; बेटी पर विपदा होने की बात पर गुमराह किया
जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी से अंधविश्वास और साइबर ठगी का डर दिखाकर 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित नीलेन्द्र कुमार जैन (66 वर्ष) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील बड़कुल और दो अन्य अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, एमपीईबी से सेवानिवृत्त नीलेन्द्र कुमार जैन दक्षिण मिलौनीगंज में सात्विक ट्रेडर्स नाम से दुकान चलाते हैं। साल 2024 में दमोह निवासी सुनील बड़कुल ने उनकी दुकान पर आकर उनसे जान-पहचान बढ़ाई। सुनील ने नीलेन्द्र जैन का विश्वास इतना जीत लिया कि उसने दुकान और घर की चाबियां तक हासिल कर लीं और उनके सेवक के रूप में काम करने लगा। बेटी पर विपदा होने की बात पर किया गुमराह इसी दौरान, कथित संजय भैया और शांतिलाल दादा नामक व्यक्तियों ने नीलेन्द्र जैन को फोन कर उनकी बेटी पर भारी विपदा आने और होने वाले बच्चे की जान को खतरा होने का डर दिखाया। आरोपियों ने उन्हें यह कहकर भी गुमराह किया कि वर्तमान में बैंकों में साइबर फ्रॉड बहुत बढ़ गए हैं और उनकी जमा पूंजी सुरक्षित नहीं है। आरोपियों के झांसे में आकर नीलेन्द्र जैन ने 2 अप्रैल 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच अपने बैंक खातों से किस्तों में कुल 32 लाख रुपए निकाले। संजय के निर्देश पर पीड़ित ने यह पूरी रकम अपनी दुकान के ऊपर बने कमरे की अलमारी के डिब्बों में रखी थी, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी सुनील बड़कुल को सौंपी गई थी। 31 जनवरी 2026 को नीलेन्द्र जैन को संदेह हुआ। जब उन्होंने अलमारी खोली, तो पैसों के डिब्बों में नोटों की जगह काली पन्नी और कागज की कटिंग भरी मिली। उन्होंने संजय से संपर्क किया, तो आरोपी ने बिना अनुमति डिब्बा खोलने पर पैसे गायब होने का बहाना बनाया। इस बीच, आरोपी सुनील बड़कुल दुकान छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी से अंधविश्वास और साइबर ठगी का डर दिखाकर 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित नीलेन्द्र कुमार जैन (66 वर्ष) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील बड़कुल और दो अन्य अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, एमपीईबी से सेवानिवृत्त नीलेन्द्र कुमार जैन दक्षिण मिलौनीगंज में सात्विक ट्रेडर्स नाम से दुकान चलाते हैं। साल 2024 में दमोह निवासी सुनील बड़कुल ने उनकी दुकान पर आकर उनसे जान-पहचान बढ़ाई। सुनील ने नीलेन्द्र जैन का विश्वास इतना जीत लिया कि उसने दुकान और घर की चाबियां तक हासिल कर लीं और उनके सेवक के रूप में काम करने लगा। बेटी पर विपदा होने की बात पर किया गुमराह इसी दौरान, कथित संजय भैया और शांतिलाल दादा नामक व्यक्तियों ने नीलेन्द्र जैन को फोन कर उनकी बेटी पर भारी विपदा आने और होने वाले बच्चे की जान को खतरा होने का डर दिखाया। आरोपियों ने उन्हें यह कहकर भी गुमराह किया कि वर्तमान में बैंकों में साइबर फ्रॉड बहुत बढ़ गए हैं और उनकी जमा पूंजी सुरक्षित नहीं है। आरोपियों के झांसे में आकर नीलेन्द्र जैन ने 2 अप्रैल 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच अपने बैंक खातों से किस्तों में कुल 32 लाख रुपए निकाले। संजय के निर्देश पर पीड़ित ने यह पूरी रकम अपनी दुकान के ऊपर बने कमरे की अलमारी के डिब्बों में रखी थी, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी सुनील बड़कुल को सौंपी गई थी। 31 जनवरी 2026 को नीलेन्द्र जैन को संदेह हुआ। जब उन्होंने अलमारी खोली, तो पैसों के डिब्बों में नोटों की जगह काली पन्नी और कागज की कटिंग भरी मिली। उन्होंने संजय से संपर्क किया, तो आरोपी ने बिना अनुमति डिब्बा खोलने पर पैसे गायब होने का बहाना बनाया। इस बीच, आरोपी सुनील बड़कुल दुकान छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।